रीवा जिले के जवा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवखर में अधूरी पड़ी नाली ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। गांव की मुख्य बस्ती में लंबे समय से नाली का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसमें गंदा पानी जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस खुली और अधूरी नाली की वजह से छोटे बच्चों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं और नाली के आसपास ही खेलते हैं। खुली नाली में भरे पानी के चलते हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है, विशेषकर बरसात के मौसम में जब नाली पानी से पूरी तरह भर जाती है और उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और ऐसा लगता है जैसे वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा नेता शिवशंकर तिवारी ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्य बस्ती की यह समस्या बेहद गंभीर है क्योंकि खुली नाली गहरी भी है और उसके आसपास बच्चे खेलते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को जल्द से जल्द संज्ञान में लेकर तत्काल नाली निर्माण पूरा कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गुहार लगाई है कि अधूरी नाली का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और गांव को जलभराव व गंदगी से मुक्ति मिले।
रीवा जिले के जवा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवखर में अधूरी पड़ी नाली ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। गांव की मुख्य बस्ती में लंबे समय से नाली का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसमें गंदा पानी जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस खुली और अधूरी नाली की वजह से छोटे बच्चों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं और नाली के आसपास ही खेलते हैं। खुली नाली में भरे पानी के चलते हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है, विशेषकर बरसात के मौसम में जब नाली पानी से पूरी तरह भर जाती है और उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और ऐसा लगता है जैसे वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा नेता शिवशंकर तिवारी ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्य बस्ती की यह समस्या बेहद गंभीर है क्योंकि खुली नाली गहरी भी है और उसके आसपास बच्चे खेलते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को जल्द से जल्द संज्ञान में लेकर तत्काल नाली निर्माण पूरा कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गुहार लगाई है कि अधूरी नाली का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और गांव को जलभराव व गंदगी से मुक्ति मिले।
- रीवा जिले के जवा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवखर में अधूरी पड़ी नाली ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। गांव की मुख्य बस्ती में लंबे समय से नाली का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसमें गंदा पानी जमा होने के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस खुली और अधूरी नाली की वजह से छोटे बच्चों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं और नाली के आसपास ही खेलते हैं। खुली नाली में भरे पानी के चलते हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है, विशेषकर बरसात के मौसम में जब नाली पानी से पूरी तरह भर जाती है और उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और ऐसा लगता है जैसे वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा नेता शिवशंकर तिवारी ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्य बस्ती की यह समस्या बेहद गंभीर है क्योंकि खुली नाली गहरी भी है और उसके आसपास बच्चे खेलते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को जल्द से जल्द संज्ञान में लेकर तत्काल नाली निर्माण पूरा कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गुहार लगाई है कि अधूरी नाली का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और गांव को जलभराव व गंदगी से मुक्ति मिले।1
- रीवा में ट्रैफिक जाम से बेहाल अस्पताल चौराहा को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी खुद सड़क पर उतर आए। गांव में चौपाल लगाने के अगले ही दिन शुक्रवार शाम को उन्होंने अस्पताल चौराहा से धोबिया टंकी तक पैदल भ्रमण कर मौके पर आ रही समस्याओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन और एसडीएम भी मौजूद रहे। पैदल भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने गांधी मेमोरियल अस्पताल का निरीक्षण करते हुए पुरानी ओपीडी भवन, अटल आश्रय, हॉकर्स कॉर्नर और ऑटो स्टैंड का मुआयना किया। उन्होंने पाया कि अस्पताल चौराहा से मेडिकल कॉलेज तक रोजाना भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मौके पर ही निर्देश दिए कि ऑटो स्टैंड और हॉकर्स कॉर्नर को तुरंत व्यवस्थित किया जाए ताकि क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो सके। कलेक्टर के इस सक्रिय रवैये को देखकर स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल चौराहा पूरी तरह से जाम-मुक्त और व्यवस्थित हो जाएगा।1
- रीवा जिले के मनगवां अंतर्गत ग्राम पंचायत गंगेव को एक आधुनिक एवं सुविधासंपन्न नवीन ग्राम पंचायत भवन की सौगात मिली है। जनपद पंचायत गंगेव की पहल से इस नवनिर्मित आधुनिक भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला को सुदृढ़ करने और सुदृढ़ पंचायत व्यवस्था की सोच को साकार करने की दिशा में इसे एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य को धरातल पर उतारने में जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष श्री विकास तिवारी की सक्रिय पहल, निरंतर प्रयास और विकासोन्मुख सोच का बड़ा योगदान रहा है। उनका संकल्प है कि क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित हो, ताकि ग्रामीणों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएँ अपने ही गाँव में उपलब्ध हो सकें और उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े। यह नया भवन केवल एक कार्यालय नहीं बल्कि जनसेवा, जनसुनवाई, पारदर्शी प्रशासन और ग्रामीण विकास का सशक्त केंद्र होगा, जहाँ सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करेंगे और शासकीय योजनाओं का समय पर लाभ दिलाएंगे। अध्यक्ष श्री विकास तिवारी का मुख्य उद्देश्य जनपद पंचायत गंगेव को प्रदेश की अग्रणी पंचायतों में विशिष्ट पहचान दिलाना है, जिसके लिए वे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पंचायत भवन और सामुदायिक अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के विज़न, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व तथा मनगवां विधायक श्री नरेंद्र प्रजापति के मार्गदर्शन व सहयोग से जनपद गंगेव में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जनपद पंचायत का दृढ़ संकल्प है कि हर ग्राम पंचायत आधुनिक व आत्मनिर्भर बने और सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में अग्रणी पहचान स्थापित करे।1
- चित्रकूट जिले के मऊ में गरीब ड्राइवरों और ऑटो चालकों को जीवन भर लूटने वालों के खिलाफ अब छापा पड़ा है। लंबे समय तक शोषण करने के बाद जब इन लोगों के लिए ऐश-ओ-आराम से जीवन बिताने का समय आया, तब यह कार्रवाई की गई है। लखनऊ से जुड़ी इस घटना पर लोगों की गहरी नाराजगी देखी जा रही है।1
- चित्रकूट जिले के रामनगर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में राष्ट्रीय पोषण मिशन के अंतर्गत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी महेंद्र पटेल ने 94 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निःशुल्क स्मार्टफोन वितरित किए। महेंद्र पटेल ने बताया कि इन स्मार्टफोन्स के माध्यम से अब विभागीय कार्यों का संचालन ऑनलाइन किया जाएगा। पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग करते हुए कार्यकत्रियां बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण, पोषण संबंधी जानकारी और गृह भ्रमण जैसी सभी सूचनाएं डिजिटल रूप से दर्ज कर सकेंगी। उन्होंने इस पहल को कार्यों में पारदर्शिता लाने और आकांक्षी ब्लॉक रामनगर के इंडिकेटर को पूरा करने व सही डेटा संग्रह के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी कार्यकत्रियों से शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार समयबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करने की अपील की। कार्यक्रम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार, प्रशांत खरे, प्रवीण और सुपरवाइजर मीना देवी व रीता सिंह सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। स्मार्टफोन पाकर कार्यकत्रियों ने शासन की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे विभागीय कार्यों के निष्पादन में सुविधा होगी और लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से पहुंच सकेगा।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के पवरी गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामपति की मौत हो गई। पवरी गांव निवासी स्वर्गीय लाल जी की पत्नी रामपति शनिवार शाम करीब 4:30 बजे अपने गांव से सुक्खू का पूरा धान की रोपाई के लिए जा रही थीं। इसी दौरान बड़े तारा तालाब के पास गौहनिया की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामपति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस ने सूचना मिलते ही मुस्तैदी दिखाई और हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में ले लिया। घूरपुर थाना पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और फरार चालक के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उत्तेजित परिजनों व ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस अचानक हुए हादसे से मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक की लहर है। रामपति अपने पीछे चार बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, जिनमें सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- रीवा में बिछिया थाने का पदभार ग्रहण करते ही नवागत थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने नशे के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। पदभार संभालते ही उन्होंने तत्परता दिखाते हुए 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें पुलिस ने नशीली कफ सिरप के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत बालकमऊ गांव में रविवार को चार्जर की मरम्मत करते समय करंट लगने से 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान मोतीलाल गौतम के पुत्र लवकुश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लवकुश अपने घर पर ही चार्जर ठीक कर रहा था, तभी अचानक बिजली का करंट प्रवाहित होने से उसका हाथ चार्जर से चिपक गया। हादसे के बाद परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। हालांकि, युवक की हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1