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L&T की लापरवाही से 160 गांव 48 घंटे से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण नदी-नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हुए ग्रामीण
BS News Network
L&T की लापरवाही से 160 गांव 48 घंटे से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण नदी-नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हुए ग्रामीण
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- करेली से बस्ती जाते समय कॉलेज वाली रोड़ पर रास्ता रोककर 7 से 8 लोगों ने सोनू उर्फ सुनील के साथ मारपिट कर दी घायल को जिला अस्पताल में उपचार के लिए करवाया गया भर्ती वही घायल ने बताया कि वह अकेला पैदल जा रहा था उसी दौरान से 8 लोगों ने उसे रोका और मारपिट कर दी जिससे उसके दोनों पैरों और हाथ में चोट आ गई वही परिजनों ने थाने में शिकायत के बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जहां घायल का उपचार किया जा रहा हैं।1
- स्वदेश समाचार साईखेड़ा। लगभग 50 से 60 गांवों की स्वास्थ्य जरूरतों का मुख्य केंद्र स्वामी विवेकानंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साईखेड़ा इन दिनों डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं, लेकिन मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव में उन्हें पर्याप्त स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है और मजबूरन गाडरवारा, नरसिंहपुर व जबलपुर का रुख करना पड़ता है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि इतने बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जहां तीन डॉक्टरों की नियुक्ति होना चाहिए थी वहां एक भी एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थ नहीं है। आयुष चिकित्सक का पद भी रिक्त है। नियमानुसार यहां आठ स्टाफ नर्स होना चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल तीन ही नर्स कार्यरत हैं। दो लैब टेक्नीशियन के स्थान पर एक, दो ड्रेसर के स्थान पर एक और दो फार्मासिस्ट के स्थान पर एक ही कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहा है। चार वार्ड बॉय के स्वीकृत पदों में से केवल दो ही उपलब्ध हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। आपातकालीन सेवाओं की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। दुर्घटना के मामलों में मरीजों को तत्काल रेफर कर दिया जाता है। पोस्टमार्टम के लिए आने वाले मामलों में भी मरीजों को गाडरवारा भेजना पड़ता है या वहां से डॉक्टर के आने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं विडंबना यह भी है कि पूर्व विधायक सुनीता पटेल द्वारा जनहित में अस्पताल को एक एंबुलेंस प्रदान की गई थी, जो वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खड़ी है। लेकिन ड्राइवर की नियुक्ति न होने के कारण एंबुलेंस का उपयोग नहीं हो पा रहा है और वह धीरे-धीरे कबाड़ की स्थिति में पहुंचने लगी है। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल परिवहन सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। मौसम परिवर्तन के चलते वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों के बढ़ते मामलों के बीच अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बावजूद इसके स्टाफ की कमी जनमानस के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र पर्याप्त डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों व एंबुलेंस चालक की नियुक्ति कर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि ग्रामीण अंचल की जनता को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।3
- नरसिंहपुर के पीजी कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को भारतीय राजनीति का काला अध्याय बताया1
- नरसिंहपुर। जिले के ग्राम नक्टुआ में आज सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया, जहाँ रेलवे ट्रैक पार करते समय एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे लाइन के किनारे फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। हादसे का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हजरतगंज कसाई मंडी निवासी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वह व्यक्ति रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी वह ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन घावों के ताव न सहते हुए रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नशे की हालत में था मृतक? मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि व्यक्ति अत्यधिक नशे की हालत में था और लड़खड़ाते हुए पटरी पार कर रहा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मृतक इसी क्षेत्र से शराब पीकर लौट रहा था, जिसके कारण वह ट्रेन की आहट नहीं सुन सका और हादसे का शिकार हो गया। अवैध शराब का गढ़ बना नक्टुआ रेलवे ट्रैक स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि नक्टुआ में रेलवे लाइन के किनारे अवैध कच्ची शराब बनाने और बेचने का काला धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। लगातार होते हादसे: यह पहली बार नहीं है जब यहाँ ऐसा हादसा हुआ हो; शराब के कारण यहाँ पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विभागों की चुप्पी: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि रेलवे प्रशासन और आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। अवैध अड्डों पर कार्रवाई न होना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। "यहाँ पटरी के किनारे ही शराब की भट्ठियां सुलगती हैं। लोग नशा करके ट्रैक पर आ जाते हैं, जिससे आए दिन मौतें हो रही हैं। प्रशासन की चुप्पी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है।" — ग्रामीण निष्कर्ष: इस घटना ने एक परिवार को तो उजाड़ा ही है, साथ ही सिस्टम की खामियों को भी बेनकाब कर दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस मौत के बाद आबकारी विभाग और रेलवे पुलिस नींद से जागते हैं या अवैध शराब का यह खूनी खेल यूँ ही जारी रहेगा।1
- हर घर नल जल योजना या छल योजना लखनादौन विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत मचवाडा के ग्राम कल्याणपुर मे योजनाओं की खुलती पोल पूरे ग्राम मे नल जल योजना सिर्फ कागजों मे ही सीमित जमीनी स्तर पर फेल2
- *शाहपुर सहित प्रदेश में 200 सांदीपनि विद्यालय शुरू होंगे* *रहस मेला बहुउपयोगी मेला बन गया, इस प्रकार के मेले प्रदेश में शुरू होंगे- स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह* *नींव कमजोर होगी तो भविष्य कमजोर होगा, प्राथमिक शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाकर नींव को मजबूत किया जा रहा है — विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव जी1
- NH-44 पर भगवान भरोसे मुसाफिर! हादसों के बाद NHAI की न एम्बुलेंस आती है, न रेस्क्यू टीम1
- देवरी कला निवासी बब्लू अपनी मुंहबोली साली के साथ जैतपुर बाइक से जा रहा था उसी दौरान मगरधा चौराहे के पास तेजरफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे दोनो बाइक सहित नीचे गिर गए और गम्भीर रूप से घायल हो गए जिंन्हे एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल लाया गया जहां दोनो घायलो का उपचार किया जा रहा हैं1
- नरसिंहपुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में युवा संसद का खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजन किया गया जिसमें वक्तव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया1