वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। चम्पावत जनपद में आज 11 अगस्त 2026 को वाहन संख्या UK-05-TA-5045 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश जारी किए हैं। जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र, चम्पावत की एटीआर तथा उप जिलाधिकारी, चम्पावत की रिपोर्ट के अनुसार वाहन टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रहा था। अपराह्न करीब 03:05 बजे वाहन एन एच 09 बनलेख के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में वाहन में सवार चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की मृत्यु तथा तीन व्यक्ति घायल हुए हैं। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जाँच के लिए उप जिलाधिकारी, चम्पावत को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने जाँच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों एवं अन्य संबंधित तथ्यों की गहनता से जाँच करते हुए 15 दिन के भीतर जाँच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की तथ्यपरक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। चम्पावत जनपद में आज 11 अगस्त 2026 को वाहन संख्या UK-05-TA-5045 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने
गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश जारी किए हैं। जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र, चम्पावत की एटीआर तथा उप जिलाधिकारी, चम्पावत की रिपोर्ट के अनुसार वाहन टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रहा था। अपराह्न करीब 03:05 बजे वाहन एन एच 09 बनलेख के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में वाहन
में सवार चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की मृत्यु तथा तीन व्यक्ति घायल हुए हैं। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जाँच के लिए उप जिलाधिकारी, चम्पावत को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने जाँच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों एवं
अन्य संबंधित तथ्यों की गहनता से जाँच करते हुए 15 दिन के भीतर जाँच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की तथ्यपरक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
- नमस्कार जहां नजर वही खबर सच की आवाज आप तक आप देखे हैं भारत पब्लिक न्यूज़ देवभूमि उत्तराखंड जिला चंपावत बनबसा में शारदा बैराज मां शारदा घाट में नमस्कार जहां नजर वही खबर सच की आवाज आप तक आप देखे हैं भारत पब्लिक न्यूज़ देवभूमि उत्तराखंड जिला चंपावत बनबसा में शारदा बैराज मां शारदा घाट में मां शारदा के पावन जल से हुआ जलाभिषेक , आज वार्ड नंबर 5, पुरानी आंगनबाड़ी केंद्र स्थित शिव मंदिर से, मां शारदा नहर घाट मीना बाजार बनबसा तक, श्रद्धालुओं द्वारा पावन जल लेकर कलश यात्रा निकाली गई, मां शारदा के पवित्र जल को लेकर श्रद्धालु शिव मंदिर पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव से जलाभिषेक किया गया, इस पावन अवसर पर क्षेत्र में भक्ति आस्था और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला, बड़ी संख्या में वार्ड वासियों एवं श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया, कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे, रेखा देवी अध्यक्ष नगर पंचायत बनबसा, काजल रत्नाकर सभासद वार्ड नंबर 5 नगर पंचायत बनबसा, प्रमोद रत्नाकर मंडल महामंत्री युवा मोर्चा बनबसा, सनी ठाकुर युवा मोर्चा वार्ड अध्यक्ष , नरेश विश्वकर्मा जिला महामंत्री राष्ट्रीय बजरंग दल, अमन कुमार पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, मीना वर्मा महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष, मुरारी युवा मोर्चा कार्यकर्ता, संजय श्रीवास्तव भाजपा कार्यकर्ता, राधेश्याम कमेटी के समस्त सम्मानित सदस्य इसके साथ ही वार्ड नंबर 5 एवं 4, 6 की समस्त जनता जनार्दन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस धार्मिक आयोजन को सफल एवं भव्य बनाया, संवाददाता उमेश विश्वकर्मा आप बने रहिए भारत पब्लिक न्यूज़ चैनल के साथ चैनल को लाइक सब्सक्राइब शेयर करें तब तक के लिए नमस्कार1
- सुबह के आसमान में नजर आने लगा है धूमकेतु 220P/ मैक नॉट। सुबह के आसमान में इन दिनों एक धूमकेतु ने खगोलप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह है 220P/McNaught, जिसकी चमक में अचानक हुई बड़ी वृद्धि ने वैज्ञानिकों को भी चौंकाया है। धूमकेतु की इस तरह अचानक चमक बढ़ने की घटना को खगोलीय भाषा में आउटबर्स्ट कहा जाता है। इस घटना ने वर्ष 2007 के प्रसिद्ध धूमकेतु 17P/Holmes की याद दिला दी है। अक्टूबर 2007 में धूमकेतु होम्स की चमक में असाधारण वृद्धि हुई थी और वह कुछ समय के लिए बिना बड़े उपकरणों के भी दिखाई देने लगा था। हालांकि 220P/McNaught की मौजूदा गतिविधि को होम्स की घटना के बराबर मानना सही नहीं होगा। मई में हजारों गुना बढ़ी थी चमक 220P/McNaught में इस वर्ष मई के अंत में बेहद नाटकीय बदलाव देखा गया था। उपलब्ध खगोलीय अवलोकनों के अनुसार 30–31 मई के आसपास इसकी चमक में करीब 7,000 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई। धूमकेतु की चमक लगभग 18वें मैग्नीट्यूड से बढ़कर 8–9 मैग्नीट्यूड के आसपास पहुंच गई थी।1
- बीसलपुर में स्कूल का टीनशेड गिरा, 20-25 बच्चे घायल बीसलपुर में स्कूल का टीनशेड गिरा, 20-25 बच्चे घायल बीसलपुर में स्कूल का टीनशेड गिरा, 20-25 बच्चे घायल पीलीभीत के बीसलपुर से बड़ी खबर है। अमृता खास गांव में श्री बालक राम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल का टीनशेड अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त टीनशेड के नीचे करीब 20 से 25 बच्चे मौजूद थे, जिनके घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद स्कूल में चीख-पुकार मच गई। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि टीनशेड लकड़ी के डंडों के सहारे खड़ा था। वहीं स्कूल को कक्षा पांच तक की मान्यता होने के बावजूद कक्षा आठ तक के बच्चों के संचालन की बात सामने आ रही है। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।3
- बीसलपुर में स्कूल का टीन शेड भरभराकर गिरा, 6 बच्चे और 2 शिक्षिकाएं घायल1
- स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बा गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बात बन चुकी है; यह समस्या वन्यजीवों के आवासीय क्षेत्रों में भोजन व रहते की कमी का स्पष्ट संकेत है... गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, सड़कों और बस्तियों में रोजाना दिखने वाले सियार सिर्फ एक दृश्य परिवर्तन नहीं हैं; वे यह बताते हैं कि जंगलों और प्राकृतिक आवासों में भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय की कमी बढ़ रही है, जिससे सियार मानव आबादियों की तरफ जाने को मजबूर हुए हैं। खेतों में फसल और पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर रात्रि समय में छोटे पशुओं पर.... स्यार खेतों को कुचलकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंकुरित पैदावार प्रभावित होती है, वे छोटे पालतू पशुओं पर हमला कर मुर्गी या नवजात बकरियों को मार या घायल कर सकते हैं, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, साथ ही सियार गाँव और सड़कों पर कचरा और गंदगी फैलाते हैं, खुले कूड़े से भोजन ढूंढते हुए सफाई व्यवस्था बिगाड़ते हैं और बीमारी फैलने का जोखिम बढ़ाते हैं—इन सभी कारणों से ग्रामीण सुरक्षा, स्वच्छता और कृषि आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।1
- चंपावत में ‘बंदर राजनीति’ या प्रशासनिक लापरवाही? उठे बड़े सवाल चंपावत। मुख्यमंत्री की विधानसभा में अब बंदरों का आतंक लोगों के लिए नई परेशानी बनता जा रहा है। शहर के ब्लॉक कॉलोनी, सर्किट हाउस, नागार्जुन, तिलोन-मानेश्वर सहित आसपास के क्षेत्रों में बंदरों की बढ़ती संख्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले इस तरह बंदरों का आतंक नहीं था, लेकिन अब बड़ी संख्या में बंदर दिखाई देने लगे हैं। बंदर घरों और आसपास के इलाकों में पहुंचकर लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बाहर से बंदरों को पकड़कर चंपावत के आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास लाकर छोड़ा गया है? यदि ऐसा हुआ है तो बंदरों को पकड़कर छोड़ने की कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई और उन्हें चंपावत के इन क्षेत्रों में ही क्यों छोड़ा गया? लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि चुनाव से पहले बंदरों को यहां लाकर छोड़ने की नौबत क्यों आई? क्या किसी योजना या अभियान के तहत बंदरों का रेस्क्यू कर उन्हें इन क्षेत्रों में छोड़ा गया है? यदि ऐसा है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। स्थानीय लोगों में यह चर्चा भी है कि कहीं बंदरों को पकड़कर एक जगह से दूसरी जगह छोड़ने की कार्रवाई के पीछे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक वजह तो नहीं है। हालांकि, बंदरों को चंपावत में बाहर से लाकर छोड़ने के आरोपों की अभी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों की मांग है कि वन विभाग पूरे मामले की जांच करे और स्पष्ट करे कि हाल के दिनों में चंपावत क्षेत्र में कहीं से बंदरों को पकड़कर लाकर छोड़ा गया है या नहीं। यदि बंदरों को स्थानांतरित किया गया है तो किस आदेश के तहत, कितने बंदर और किस स्थान से लाकर छोड़े गए, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। एक तरफ चंपावत शहर में बंदरों की संख्या बढ़ने से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर तिलोन-मानेश्वर क्षेत्र में भी बंदरों की समस्या लगातार सामने आने लगी है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या बढ़ने से पहले प्रशासन और वन विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए। अब सवाल सीधा है—चंपावत में बंदरों को पकड़कर छोड़ने की यह कार्रवाई आखिर किसने करवाई? और यदि बंदर बाहर से लाकर छोड़े गए हैं तो इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है?1
- “ चमोली:नीती घाटी में जलसैलाब की तबाही! वैली ब्रिज बहा, BRO कर्मी लापता” “ चमोली:नीती घाटी में जलसैलाब की तबाही! वैली ब्रिज बहा, BRO कर्मी लापता”1