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स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बा गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बात बन चुकी है; यह समस्या वन्यजीवों के आवासीय क्षेत्रों में भोजन व रहते की कमी का स्पष्ट संकेत है... गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, सड़कों और बस्तियों में रोजाना दिखने वाले सियार सिर्फ एक दृश्य परिवर्तन नहीं हैं; वे यह बताते हैं कि जंगलों और प्राकृतिक आवासों में भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय की कमी बढ़ रही है, जिससे सियार मानव आबादियों की तरफ जाने को मजबूर हुए हैं। खेतों में फसल और पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर रात्रि समय में छोटे पशुओं पर.... स्यार खेतों को कुचलकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंकुरित पैदावार प्रभावित होती है, वे छोटे पालतू पशुओं पर हमला कर मुर्गी या नवजात बकरियों को मार या घायल कर सकते हैं, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, साथ ही सियार गाँव और सड़कों पर कचरा और गंदगी फैलाते हैं, खुले कूड़े से भोजन ढूंढते हुए सफाई व्यवस्था बिगाड़ते हैं और बीमारी फैलने का जोखिम बढ़ाते हैं—इन सभी कारणों से ग्रामीण सुरक्षा, स्वच्छता और कृषि आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

9 hrs ago
user_Jc pandey
Jc pandey
गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
9 hrs ago

स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बा गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बात बन चुकी है; यह समस्या वन्यजीवों के आवासीय क्षेत्रों में भोजन व रहते की कमी का स्पष्ट संकेत है... गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, सड़कों और बस्तियों में रोजाना दिखने वाले सियार सिर्फ एक दृश्य परिवर्तन नहीं हैं; वे यह बताते हैं कि जंगलों और प्राकृतिक आवासों में भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय की कमी बढ़ रही है, जिससे सियार मानव आबादियों की तरफ जाने को मजबूर हुए हैं। खेतों में फसल और पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर रात्रि समय में छोटे पशुओं पर.... स्यार खेतों को कुचलकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंकुरित पैदावार प्रभावित होती है, वे छोटे पालतू पशुओं पर हमला कर मुर्गी या नवजात बकरियों को मार या घायल कर सकते हैं, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, साथ ही सियार गाँव और सड़कों पर कचरा और गंदगी फैलाते हैं, खुले कूड़े से भोजन ढूंढते हुए सफाई व्यवस्था बिगाड़ते हैं और बीमारी फैलने का जोखिम बढ़ाते हैं—इन सभी कारणों से ग्रामीण सुरक्षा, स्वच्छता और कृषि आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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  • स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बा गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बात बन चुकी है; यह समस्या वन्यजीवों के आवासीय क्षेत्रों में भोजन व रहते की कमी का स्पष्ट संकेत है... गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, सड़कों और बस्तियों में रोजाना दिखने वाले सियार सिर्फ एक दृश्य परिवर्तन नहीं हैं; वे यह बताते हैं कि जंगलों और प्राकृतिक आवासों में भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय की कमी बढ़ रही है, जिससे सियार मानव आबादियों की तरफ जाने को मजबूर हुए हैं। खेतों में फसल और पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर रात्रि समय में छोटे पशुओं पर.... स्यार खेतों को कुचलकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंकुरित पैदावार प्रभावित होती है, वे छोटे पालतू पशुओं पर हमला कर मुर्गी या नवजात बकरियों को मार या घायल कर सकते हैं, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, साथ ही सियार गाँव और सड़कों पर कचरा और गंदगी फैलाते हैं, खुले कूड़े से भोजन ढूंढते हुए सफाई व्यवस्था बिगाड़ते हैं और बीमारी फैलने का जोखिम बढ़ाते हैं—इन सभी कारणों से ग्रामीण सुरक्षा, स्वच्छता और कृषि आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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    स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बा
गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब उन्हें सड़कों पर घूमते देखना आम बात बन चुकी है; यह समस्या वन्यजीवों के आवासीय क्षेत्रों में भोजन व रहते की कमी का स्पष्ट संकेत है...
गरुड़ क्षेत्र में स्याऊं (सियार) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, सड़कों और बस्तियों में रोजाना दिखने वाले सियार सिर्फ एक दृश्य परिवर्तन नहीं हैं; वे यह बताते हैं कि जंगलों और प्राकृतिक आवासों में भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय की कमी बढ़ रही है, जिससे सियार मानव आबादियों की तरफ जाने को मजबूर हुए हैं। खेतों में फसल और पालतू पशुओं के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर रात्रि समय में  छोटे पशुओं पर....
स्यार खेतों को कुचलकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंकुरित पैदावार प्रभावित होती है, वे छोटे पालतू पशुओं पर हमला कर मुर्गी या नवजात बकरियों को मार या घायल कर सकते हैं, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है, साथ ही सियार गाँव और सड़कों पर कचरा और गंदगी फैलाते हैं, खुले कूड़े से भोजन ढूंढते हुए सफाई व्यवस्था बिगाड़ते हैं और बीमारी फैलने का जोखिम बढ़ाते हैं—इन सभी कारणों से ग्रामीण सुरक्षा, स्वच्छता और कृषि आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • बैजनाथ में लगा विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर, 460 से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ बैजनाथ में लगा विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर, 460 से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
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    बैजनाथ में लगा विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर, 460 से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
बैजनाथ में लगा विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर, 460 से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • करोड़ों की इमारत खाली, पहाड़ का मरीज बेहाल! गैरसैंण विधानसभा भवन जनता के टैक्स के पैसे से बना है। अगर यह भवन कई वर्षों से वीरान पड़ा है, तो इसे सिर्फ ताले और सन्नाटे के लिए क्यों रखा जाए? हमारी मांग साफ है: गैरसैंण विधानसभा भवन को AIIMS में बदला जाए। #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #viralreelschallenge #PostViral #yuvashakti #PublicHealth
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    करोड़ों की इमारत खाली, पहाड़ का मरीज बेहाल!

गैरसैंण विधानसभा भवन जनता के टैक्स के पैसे से बना है। अगर यह भवन कई वर्षों से वीरान पड़ा है, तो इसे सिर्फ ताले और सन्नाटे के लिए क्यों रखा जाए?

हमारी मांग साफ है: गैरसैंण विधानसभा भवन को AIIMS में बदला जाए।

#गैरसैंण #कर्णप्रयाग 
#viralreelschallenge #PostViral #yuvashakti #PublicHealth
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • आकाश आनंद का बड़ा हमला! एनकाउंटर, बेरोजगारी और एक्सप्रेस-वे पर सरकार को घेरा | BSP | UP Politics उत्तर प्रदेश की सियासत में BSP ने फिर दिखाए अपने पुराने आक्रामक तेवर! बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने जनसभा के मंच से कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर, बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों, एक्सप्रेस-वे, पेट्रोल की कीमत और रुपये की गिरती कीमत जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए। आकाश आनंद ने प्रदेश में अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने बेरोजगारी और खाली सरकारी पदों को लेकर सरकार को घेरा। इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर उन्होंने लखनऊ-कानपुर, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए सड़क निर्माण और गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने नोएडा और आगरा एक्सप्रेस-वे को BSP शासन के विकास कार्यों की मिसाल के तौर पर पेश किया। अपने भाषण में आकाश आनंद ने BSP सरकार के कार्यकाल में हुए शिक्षा, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, ITI और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी। अब बड़ा सवाल यही है—क्या आकाश आनंद का यह आक्रामक तेवर BSP को उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर मजबूत कर पाएगा? क्या आगामी विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी? इस पूरी राजनीतिक खबर और आकाश आनंद के बयान से जुड़े अहम मुद्दों को जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें। 👍 वीडियो पसंद आए तो LIKE करें 📲 दोस्तों के साथ SHARE करें 🔔 G Express को SUBSCRIBE करें और बेल आइकन दबाएं। नोट: वीडियो में प्रस्तुत राजनीतिक दावे/आंकड़े संबंधित नेताओं के बयानों और उपलब्ध राजनीतिक संदर्भ पर आधारित हैं। दर्शक आधिकारिक स्रोतों से तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि भी करें।
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    आकाश आनंद का बड़ा हमला! एनकाउंटर, बेरोजगारी और एक्सप्रेस-वे पर सरकार को घेरा | BSP | UP Politics
उत्तर प्रदेश की सियासत में BSP ने फिर दिखाए अपने पुराने आक्रामक तेवर! बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने जनसभा के मंच से कानून-व्यवस्था, एनकाउंटर, बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों, एक्सप्रेस-वे, पेट्रोल की कीमत और रुपये की गिरती कीमत जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए।
आकाश आनंद ने प्रदेश में अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने बेरोजगारी और खाली सरकारी पदों को लेकर सरकार को घेरा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर उन्होंने लखनऊ-कानपुर, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए सड़क निर्माण और गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने नोएडा और आगरा एक्सप्रेस-वे को BSP शासन के विकास कार्यों की मिसाल के तौर पर पेश किया।
अपने भाषण में आकाश आनंद ने BSP सरकार के कार्यकाल में हुए शिक्षा, इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, ITI और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या आकाश आनंद का यह आक्रामक तेवर BSP को उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर मजबूत कर पाएगा? क्या आगामी विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी?
इस पूरी राजनीतिक खबर और आकाश आनंद के बयान से जुड़े अहम मुद्दों को जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
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नोट: वीडियो में प्रस्तुत राजनीतिक दावे/आंकड़े संबंधित नेताओं के बयानों और उपलब्ध राजनीतिक संदर्भ पर आधारित हैं। दर्शक आधिकारिक स्रोतों से तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि भी करें।
    user_G EXPRESS
    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • सुबह के आसमान में नजर आने लगा है धूमकेतु 220P/ मैक नॉट। सुबह के आसमान में इन दिनों एक धूमकेतु ने खगोलप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह है 220P/McNaught, जिसकी चमक में अचानक हुई बड़ी वृद्धि ने वैज्ञानिकों को भी चौंकाया है। धूमकेतु की इस तरह अचानक चमक बढ़ने की घटना को खगोलीय भाषा में आउटबर्स्ट कहा जाता है। इस घटना ने वर्ष 2007 के प्रसिद्ध धूमकेतु 17P/Holmes की याद दिला दी है। अक्टूबर 2007 में धूमकेतु होम्स की चमक में असाधारण वृद्धि हुई थी और वह कुछ समय के लिए बिना बड़े उपकरणों के भी दिखाई देने लगा था। हालांकि 220P/McNaught की मौजूदा गतिविधि को होम्स की घटना के बराबर मानना सही नहीं होगा। मई में हजारों गुना बढ़ी थी चमक 220P/McNaught में इस वर्ष मई के अंत में बेहद नाटकीय बदलाव देखा गया था। उपलब्ध खगोलीय अवलोकनों के अनुसार 30–31 मई के आसपास इसकी चमक में करीब 7,000 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई। धूमकेतु की चमक लगभग 18वें मैग्नीट्यूड से बढ़कर 8–9 मैग्नीट्यूड के आसपास पहुंच गई थी।
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    सुबह के आसमान में नजर आने लगा है धूमकेतु 220P/ मैक नॉट।
सुबह के आसमान में इन दिनों एक धूमकेतु ने खगोलप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह है 220P/McNaught, जिसकी चमक में अचानक हुई बड़ी वृद्धि ने वैज्ञानिकों को भी चौंकाया है। धूमकेतु की इस तरह अचानक चमक बढ़ने की घटना को खगोलीय भाषा में आउटबर्स्ट कहा जाता है।
इस घटना ने वर्ष 2007 के प्रसिद्ध धूमकेतु 17P/Holmes की याद दिला दी है। अक्टूबर 2007 में धूमकेतु होम्स की चमक में असाधारण वृद्धि हुई थी और वह कुछ समय के लिए बिना बड़े उपकरणों के भी दिखाई देने लगा था। हालांकि 220P/McNaught की मौजूदा गतिविधि को होम्स की घटना के बराबर मानना सही नहीं होगा।
मई में हजारों गुना बढ़ी थी चमक
220P/McNaught में इस वर्ष मई के अंत में बेहद नाटकीय बदलाव देखा गया था। उपलब्ध खगोलीय अवलोकनों के अनुसार 30–31 मई के आसपास इसकी चमक में करीब 7,000 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई। धूमकेतु की चमक लगभग 18वें मैग्नीट्यूड से बढ़कर 8–9 मैग्नीट्यूड के आसपास पहुंच गई थी।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    15 hrs ago
  • टनकपुर में सावन उत्सव की धूम, 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान टनकपुर। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मिलन वाटिका में ‘सावन उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, भक्ति, मनोरंजन और महिला सशक्तिकरण का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ मुहिम के तहत चंदन का पौधा रोपा और महिलाओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। इस दौरान 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता, मेडिकल टेक्नीशियन और क्षेत्र की पहली टुकटुक संचालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाएं शामिल रहीं। गीता धामी ने कहा कि महिलाएं हमारी संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा, महिला आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’, ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’, शिव-पार्वती नृत्य, झोड़ा-चांचरी और सांतूं-आंठू की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया।
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    टनकपुर में सावन उत्सव की धूम, 10 कर्मठ महिलाओं को मिला ‘नंदा शिखर सम्मान
टनकपुर। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मिलन वाटिका में ‘सावन उत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति, भक्ति, मनोरंजन और महिला सशक्तिकरण का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ मुहिम के तहत चंदन का पौधा रोपा और महिलाओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।
इस दौरान 10 कर्मठ महिलाओं को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता, मेडिकल टेक्नीशियन और क्षेत्र की पहली टुकटुक संचालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाएं शामिल रहीं।
गीता धामी ने कहा कि महिलाएं हमारी संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा, महिला आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’, ‘मिसेज सावन क्वीन-2026’, शिव-पार्वती नृत्य, झोड़ा-चांचरी और सांतूं-आंठू की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य ने किया।
    user_Vinod Joshi Ji
    Vinod Joshi Ji
    Credit reporting agency चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है। यह हमारे गैरसैंण के हक और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS बने तभी वोट मिलेगा हमारा। #Gairsain #karanprayag #viralpost #PostViral #reelsviral #public #GenZ
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    यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है।
यह हमारे गैरसैंण के हक और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS बने तभी वोट मिलेगा हमारा।

#Gairsain #karanprayag 
#viralpost #PostViral #reelsviral #public #GenZ
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी। चम्पावत जनपद में आज 11 अगस्त 2026 को वाहन संख्या UK-05-TA-5045 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश जारी किए हैं। जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र, चम्पावत की एटीआर तथा उप जिलाधिकारी, चम्पावत की रिपोर्ट के अनुसार वाहन टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रहा था। अपराह्न करीब 03:05 बजे वाहन एन एच 09 बनलेख के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में वाहन में सवार चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की मृत्यु तथा तीन व्यक्ति घायल हुए हैं। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जाँच के लिए उप जिलाधिकारी, चम्पावत को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने जाँच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों एवं अन्य संबंधित तथ्यों की गहनता से जाँच करते हुए 15 दिन के भीतर जाँच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की तथ्यपरक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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    वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी।
वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश, जिलाधिकारी ने एसडीएम चम्पावत को सौंपी जाँच की जिम्मेदारी।
चम्पावत जनपद में आज 11 अगस्त 2026 को वाहन संख्या UK-05-TA-5045 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश जारी किए हैं।
जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र, चम्पावत की एटीआर तथा उप जिलाधिकारी, चम्पावत की रिपोर्ट के अनुसार वाहन टनकपुर से पिथौरागढ़ की ओर जा रहा था। अपराह्न करीब 03:05 बजे वाहन एन एच 09 बनलेख के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में वाहन में सवार चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की मृत्यु तथा तीन व्यक्ति घायल हुए हैं।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत एवं निष्पक्ष जाँच के लिए उप जिलाधिकारी, चम्पावत को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने जाँच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों एवं अन्य संबंधित तथ्यों की गहनता से जाँच करते हुए 15 दिन के भीतर जाँच आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों की तथ्यपरक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
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