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रायपुर-शहडोल मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस घटना के फलस्वरूप मार्ग पर लगभग दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात बाधित हुआ।
Subhash Singh
रायपुर-शहडोल मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस घटना के फलस्वरूप मार्ग पर लगभग दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात बाधित हुआ।
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- मध्य प्रदेश के अन्नूपुर जिले की ग्राम पंचायत खाटी के दुवारिहा टोला मोहल्ले में सड़कों की अत्यंत दयनीय स्थिति के कारण एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। एक ग्रामीण ने बताया कि सड़क की बदहाली के चलते कल समय पर गाड़ी नहीं पहुँच पाई, जिससे इंतज़ार करते-करते उनके नाती का निधन हो गया। इस गंभीर समस्या के कारण गाँव के छोटे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण के अनुसार, यदि सड़क पर मुरुम बिछा दिया जाता तो यह समस्या काफी हद तक सुलझ जाती। स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब नेहरू, जो चमरू के बेटे हैं, मुख्य सड़क पर आवाजाही रोक देते हैं; वे कभी सड़क पर काँटे डाल देते हैं तो कभी गड्ढे खोद देते हैं। इन सब समस्याओं के बावजूद, माननीय भादर सिंह नेटी सरपंच ने इस दिशा में कोई काम नहीं करवाया है, और शिकायत करने पर वे इसे गाँव की ही समस्या बताकर टाल देते हैं। इस विकट स्थिति को देखते हुए, शिकायतकर्ता ने माननीय कलेक्टर महोदय जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे किसी भी दिन एक उच्च अधिकारी को भेजकर इस सड़क समस्या का शीघ्र निराकरण करवाएँ, और स्पष्ट रूप से कहा है कि सरपंच या सचिव को न भेजकर ऊपर के अधिकारी को भेजा जाए।1
- डिंडौरी से मंडला तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर अपनी निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण पूरा होने के महज डेढ़ साल के भीतर ही डिंडौरी से लगभग 5 किलोमीटर दूर रहंगी गांव के पास सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। लगभग 100 किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण उत्तराखंड की हालवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे घटिया निर्माण का नतीजा बताया है। इस सड़क निर्माण के दौरान ही क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे और विभागीय अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई थी। विधायक की शिकायत पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सड़क का निरीक्षण किया था, लेकिन तब विभाग ने निर्माण को मानकों के अनुरूप बताया था। उस समय TV24 News ने भी निर्माण गुणवत्ता के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अब सड़क का हिस्सा समय से पहले क्षतिग्रस्त होने के बाद विधायक की आशंकाओं के साथ-साथ TV24 News की खबर पर भी मुहर लगती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क की तकनीकी जांच, दोषी एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई और जल्द मरम्मत की मांग की है। वहीं, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जानकारी दी है कि डिंडौरी-मंडला और डिंडौरी-अमरकंटक राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देश पर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 'सुरक्षित स्कूल बस अभियान 3.0' के तहत 10 दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान की थीम 'बच्चों के हंसते हुए चेहरों के लिए सुरक्षित सफर' रखी गई है। अभियान के पहले दिन ही कोतमा के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में यातायात पुलिस ने आठ स्कूल बसों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, पाँच बसों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाई गई, जिसके बाद यातायात पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत उन पर चालानी कार्यवाही की। जांच में पाया गया कि कई बसों में फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त हो चुकी थी, फर्स्ट एड बॉक्स मानकों के अनुरूप नहीं थे, और अन्य सुरक्षा उपकरण भी अधूरे थे। यातायात पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को तत्काल इन कमियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान सभी बस चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से भी जांच की गई, जिसमें सभी चालक नशामुक्त पाए गए। चालकों और परिचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए समझाइश दी गई। बसों की जांच के साथ-साथ, यातायात पुलिस ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। इसमें बच्चों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, सीट बेल्ट के महत्व और सुरक्षित यात्रा के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, 'Safe Click' साइबर जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि वे छात्र जीवन से ही साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें। अनूपपुर यातायात पुलिस ने बताया कि यह 10 दिवसीय अभियान जिले के सभी स्कूलों में चलाया जाएगा, जिसमें स्कूल बसों की नियमित जांच, चालकों की स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण और विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे। यातायात पुलिस ने पूर्व में आयोजित एक बैठक में सभी स्कूल वाहन संचालकों को अपने वाहनों में निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।4
- मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। आषाढ़ माह के आगमन के साथ ही क्षेत्र का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है और प्रकृति अपने वास्तविक तथा मनोहारी स्वरूप में दिखाई दे रही है। 5 जुलाई 2026, रविवार से शुरू हुई तेज गर्जना, बादलों की गड़गड़ाहट और रुक-रुककर हो रही मूसलाधार वर्षा 7 जुलाई 2026, मंगलवार को भी जारी रही। इस दौरान कभी तेज, कभी मध्यम तो कभी रिमझिम वर्षा होती रही, जबकि आसमान में दिनभर घने काले बादलों का डेरा रहा और बीच-बीच में घना कोहरा छाने से वातावरण और भी मनमोहक हो गया। लगातार बादल छाए रहने के कारण पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए, वहीं वातावरण में अत्यधिक आर्द्रता बढ़ जाने से लोगों को गीले कपड़े सुखाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही वर्षा के कारण अमरकंटक आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में अन्य दिनों की अपेक्षा कमी देखी गई। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती-किसानी के कार्यों, विशेषकर जुताई और बुवाई में व्यस्त हो गए हैं, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल दिखाई दी। तीन दिनों से जारी इस वर्षा के चलते पवित्र नगरी अमरकंटक का मौसम अत्यंत ठंडा और खुशनुमा हो गया है। अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मात्र दो डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक 16 दर्ज होने से वातावरण पूरी तरह स्वच्छ और शुद्ध बना हुआ है। लगातार हो रही वर्षा, चारों ओर फैली हरियाली, बादलों की आवाजाही, घना कोहरा और रिमझिम फुहारों ने अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं, जिससे यह मनोहारी दृश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।1
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक दिवसीय दौरे के बीच NH-30 पर लंबा जाम लग गया। मुख्यमंत्री आज बीजेपी कार्यालय के उद्घाटन के लिए जा रहे हैं। इसी दौरान पुलिस ने युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों को रोक दिया।1
- कवर्धा के रामपुर ठाठापुर विद्युत सब-स्टेशन में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने और किसानों व जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद विधायक भावना बोहरा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने क्षेत्र में तीन-तीन दिनों तक बिजली गुल रहने तथा जेई पर लापरवाही और उपभोक्ताओं से बदसलूकी करने के आरोपों को लेकर संबंधित जेई को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने अधिकारियों को बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा शिकायतों का समय पर निराकरण करने पर जोर दिया।1
- अनूपपुर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ शहर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित पेयजल पंप पिछले 19 दिनों से खराब पड़ा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान उसकी मोटर सुधारने या नई मोटर लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस गंभीर लापरवाही के कारण दीनदयाल रसोई, पुलिस लाइन तथा आसपास के वार्डों के सैकड़ों नागरिक भीषण पेयजल संकट का सामना करने को मजबूर हैं। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग प्रतिदिन इधर-उधर भटक रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को हो रही है, जो दीनदयाल रसोई में भोजन के लिए आते हैं। वहीं, पुलिस लाइन के कर्मचारी एवं समीप के वार्डों के रहवासी भी पिछले कई दिनों से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को कई बार सूचना देने और शिकायतें करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि ऐसी स्थिति किसी वीआईपी क्षेत्र में होती, तो संभवतः कुछ ही घंटों में व्यवस्था बहाल कर दी जाती, लेकिन आम नागरिकों की परेशानी को लेकर नगर पालिका प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। 19 दिनों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न होना नगर पालिका की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, कि आखिर क्यों एक खराब मोटर 19 दिनों तक नहीं बदली जा सकी और क्या आम जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। शहरवासियों का कहना है कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका का पहला दायित्व है, लेकिन दुर्भाग्य से सबसे बुनियादी सुविधा ही लोगों को नहीं मिल पा रही है। बरसात के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहना यह दर्शाता है कि नगर पालिका की प्राथमिकताओं में आम जनता की समस्याएं कहीं पीछे छूट गई हैं, और लोग पूछ रहे हैं कि नगर पालिका अध्यक्ष तथा जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब जागेंगे। नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल खराब मोटर को बदलकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें जनआंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी। नगरवासियों का कहना है कि पेयजल कोई सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, और यदि नगर पालिका समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि आम जनता की पीड़ा के प्रति गंभीर संवेदनहीनता का भी उदाहरण माना जाएगा।1
- रायपुर-शहडोल मार्ग पर एक पेड़ गिरने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस घटना के फलस्वरूप मार्ग पर लगभग दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात बाधित हुआ।4