शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी 63 वर्षीय चेतन पटेल ने एलआईसी बीमा पॉलिसी में गंभीर धोखाधड़ी और अनियमितता का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में एलआईसी एजेंट नीलू पटेल और अपने छोटे बेटे अजय पटेल पर मिलीभगत कर बीमा राशि का गबन करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, चेतन पटेल ने अपनी पोती सपना पटेल के नाम से एक एलआईसी बीमा करवाया था, जिसमें उनके बड़े बेटे विजय पटेल नामिनी थे। चेतन पटेल का आरोप है कि मानसिक रूप से कमजोर विजय पटेल को बहला-फुसलाकर एक शपथ पत्र बनवाया गया, जिसके बाद उनके नाम पर जमा फिक्स डिपॉजिट और बीमा पॉलिसी को तुड़वाकर सारी राशि निकाल ली गई। पीड़ित का कहना है कि एजेंट और उनके छोटे बेटे ने यह पूरी साजिश रचकर बीमा से मिली राशि का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए किया। इसके अतिरिक्त, चेतन पटेल ने आरोप लगाया है कि मार्च 2026 की ₹10,250 की प्रीमियम राशि एजेंट को नकद में दी गई थी, लेकिन उसे एलआईसी में जमा नहीं कराया गया और उसका भी गबन कर लिया गया। जब उन्होंने इस मामले में जानकारी जुटाने की कोशिश की, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। अब चेतन पटेल ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मामला फिलहाल शिकायत के आधार पर सामने आया है और आरोपों की सच्चाई तथा वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने क्षेत्र में एलआईसी पॉलिसियों की सुरक्षा और बीमा एजेंटों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी 63 वर्षीय चेतन पटेल ने एलआईसी बीमा पॉलिसी में गंभीर धोखाधड़ी और अनियमितता का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में एलआईसी एजेंट नीलू पटेल और अपने छोटे बेटे अजय पटेल पर मिलीभगत कर बीमा राशि का गबन करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, चेतन पटेल ने अपनी पोती सपना पटेल के नाम से एक एलआईसी बीमा करवाया था, जिसमें उनके बड़े बेटे विजय पटेल नामिनी थे। चेतन पटेल का आरोप है कि मानसिक रूप से कमजोर विजय पटेल को बहला-फुसलाकर एक शपथ पत्र बनवाया गया, जिसके बाद उनके नाम पर जमा फिक्स डिपॉजिट और बीमा पॉलिसी को तुड़वाकर सारी राशि निकाल ली गई। पीड़ित का कहना है कि एजेंट और उनके छोटे बेटे ने यह पूरी साजिश रचकर बीमा से मिली राशि का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए किया। इसके अतिरिक्त, चेतन पटेल ने आरोप लगाया है कि मार्च 2026 की ₹10,250 की प्रीमियम राशि एजेंट को नकद में दी गई थी, लेकिन उसे एलआईसी में जमा नहीं कराया गया और उसका भी गबन कर लिया गया। जब उन्होंने इस मामले में जानकारी जुटाने की कोशिश की, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। अब चेतन पटेल ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मामला फिलहाल शिकायत के आधार पर सामने आया है और आरोपों की सच्चाई तथा वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने क्षेत्र में एलआईसी पॉलिसियों की सुरक्षा और बीमा एजेंटों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- उमरिया जिले के ग्राम जरहा में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण वितरित किए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्राम जरहा निवासी नरेश सिंह जी भी उपस्थित रहे। वितरित किए गए उपकरण पाकर दिव्यांगजन अत्यधिक प्रसन्न दिखाई दिए। यह पहल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में जन कल्याण और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- अनूपपुर के बिजूरी में बढ़ते अपराधों से आम जनता में गहरा आक्रोश है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अपनी 'मस्ती में मस्त' दिखाई दे रही है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण शुक्रवार देर रात तब सामने आया जब एक अवैध रेत खनन माफिया का डंपर हरीश मेडिकल के सामने बिजली के पोल से टकरा गया। इस टक्कर में डंपर चकनाचूर हो गया और विद्युत पोल भी गिरने की कगार पर पहुँच गया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस केवल 'तमाशा देखती रही' और कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हनुमान मंदिर और स्टेशन चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ऐसी स्थिति है, तो पूरे नगर की कानून-व्यवस्था का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।1