राजधानी लखनऊ रंगदारी का बेताज बादशाह, दुबग्गा में खौफ का खेल! मुकदमा दर्ज, अब सलाखों के पीछे का इंतजार! लखनऊ की फिजाओं में कानून के राज के दावे गूंजते हैं और राजधानी के दुबग्गा थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट की दास्तान इन दावों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यहां कानून की किताबों में धाराएं दर्ज हो चुकी हैं, मुकदमों की स्याही भी सूख चुकी है, लेकिन इस मामले के केंद्र में बैठा हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधी मिर्ज़ा शाहरुख बेग अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है। यह कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि इसका इतिहास पहले से ही खून और जुर्म के काले पन्नों से रंगा है। मिर्ज़ा शाहरुख बेग पहले भी हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है, जो इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह एक बेहद खूंखार और शातिर अपराधी है। इसके नाम पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और जमानत पर बाहर आने के बाद भी इसकी आपराधिक भूख शांत नहीं हुई है। आरोप है कि इस शख्स ने ग्रीन व्यू अपार्टमेंट के फ्लैट स्वामियों से पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर आतंक मचा रखा है। हालत यह है कि रंगदारी न मिलने पर यह अपराधी८ अपने गुर्गों के साथ मिलकर किराएदारों को डरा-धमकाकर रातों-रात फ्लैट खाली करवाने और दिनदहाड़े फ्लैटों को ध्वस्त कर कब्जा करने का प्रयास करता है। कभी किसी की गाड़ी की हवा निकालना, तो कभी किसी का आशियाना उजाड़ देना, इसके आतंक से 24 परिवारों की नींद उड़ी हुई है। शिकायतकर्ता जहीर अली बेग को व्हाट्सएप पर फ्लैट तोड़ने की धमकियां तक दी जा चुकी हैं। खौफ का८ आलम यह है कि कई लोग अपनी जान-माल की सलामती के डर से असहनीय स्थितियों में जीने को मजबूर हैं। दुबग्गा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी का पहला कदम बढ़ा दिया है। खाकी ने कानूनी शिकंजा कसने की शुरुआत कर दी है, जो स्वागतयोग्य है। अब जब मुकदमा दर्ज हो चुका है, तो क्षेत्रीय नागरिकों और पीड़ित परिवारों की निगाहें पूरी तरह से दुबग्गा पुलिस पर टिकी हैं। लोगों को पूरा विश्वास है कि पुलिस अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए इस शातिर अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजेगी। यह समय अपराधियों के हौसलों को कुचलने और आम जनता के मन में कानून के प्रति अटूट विश्वास को और मजबूत करने का है। यदि इस दुर्दांत अपराधी को जल्द गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो यह किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे सकता है। उम्मीद यही है कि खाकी अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले का ऐसा सुखद अंत करेगी, जिससे अपराधियों के दिल में कानून का खौफ साफ नजर आए/
राजधानी लखनऊ रंगदारी का बेताज बादशाह, दुबग्गा में खौफ का खेल! मुकदमा दर्ज, अब सलाखों के पीछे का इंतजार! लखनऊ की फिजाओं में कानून के राज के दावे गूंजते हैं और राजधानी के दुबग्गा थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट की दास्तान इन दावों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। यहां कानून की किताबों में धाराएं दर्ज हो चुकी हैं, मुकदमों की स्याही भी सूख चुकी है, लेकिन इस मामले के केंद्र में बैठा हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधी मिर्ज़ा शाहरुख बेग अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है। यह कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि इसका इतिहास पहले से ही खून और जुर्म के काले पन्नों से रंगा है। मिर्ज़ा शाहरुख बेग पहले भी हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है, जो इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह एक बेहद खूंखार और शातिर अपराधी है। इसके नाम पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और जमानत पर बाहर आने के बाद भी इसकी आपराधिक भूख शांत नहीं हुई है। आरोप है कि इस शख्स ने ग्रीन व्यू अपार्टमेंट के फ्लैट स्वामियों से पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर आतंक मचा रखा है। हालत यह है कि रंगदारी न मिलने पर यह अपराधी८ अपने गुर्गों के साथ मिलकर किराएदारों को डरा-धमकाकर रातों-रात फ्लैट खाली करवाने और दिनदहाड़े फ्लैटों को ध्वस्त कर कब्जा करने का प्रयास करता है। कभी किसी की गाड़ी की हवा निकालना, तो कभी किसी का आशियाना उजाड़ देना, इसके आतंक से 24 परिवारों की नींद उड़ी हुई है। शिकायतकर्ता जहीर अली बेग को व्हाट्सएप पर फ्लैट तोड़ने की धमकियां तक दी जा चुकी हैं। खौफ का८ आलम यह है कि कई लोग अपनी जान-माल की सलामती के डर से असहनीय स्थितियों में जीने को मजबूर हैं। दुबग्गा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी का पहला कदम बढ़ा दिया है। खाकी ने कानूनी शिकंजा कसने की शुरुआत कर दी है, जो स्वागतयोग्य है। अब जब मुकदमा दर्ज हो चुका है, तो क्षेत्रीय नागरिकों और पीड़ित परिवारों की निगाहें पूरी तरह से दुबग्गा पुलिस पर टिकी हैं। लोगों को पूरा विश्वास है कि पुलिस अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए इस शातिर अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजेगी। यह समय अपराधियों के हौसलों को कुचलने और आम जनता के मन में कानून के प्रति अटूट विश्वास को और मजबूत करने का है। यदि इस दुर्दांत अपराधी को जल्द गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो यह किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे सकता है। उम्मीद यही है कि खाकी अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले का ऐसा सुखद अंत करेगी, जिससे अपराधियों के दिल में कानून का खौफ साफ नजर आए/
- *दिल्ली में सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग गिर गयी.... *दिल्ली में सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग गिर गयी,* बिल्डिंग में हॉस्टल संचालित था, मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका1
- लखनऊ ब्रेकिंग गोरखपुर से सूरत जा रही बस में लगी भीषण आग बड़ा हादसा टला यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया कोई हताहत नहीं। बस के पिछले हिस्से में अचानक आग लगने से हुआ हादसा फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने पाया आग पर काबू लखनऊ के शहीद पथ पर बस में लगी आग। कोई हताहत नहीं 👆🏻1
- लखनऊ अहमामऊ में डग्गामार वाहनों का ‘राज’! हर रोज कार्रवाई के दावों के बीच ट्रैफिक चौकी के चंद कदमों पर सज रही डग्गामार वाहनों की बारात डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी लगातार सड़कों पर उतरकर राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर मेहनत करती नजर आती हैं लेकिन *अहमामऊ में जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है* *लगातार खबरें सामने आने और कार्रवाई के दावों के बावजूद डग्गामार वाहनों, ई-रिक्शा और अर्टिगा चालकों का जमावड़ा जस का तस बना हुआ है* *स्थानीय ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार चलानी सीजर* की कार्रवाई की जा रही है तो *बड़ा सवाल यह है कि कार्रवाई के बावजूद ट्रैफिक चौकी से चंद कदमों की दूरी पर खुलेआम डग्गामार वाहनों की ‘बारात’ कैसे सज रही है?* स्थानीय लोगों का आरोप है कि *लंबे समय से तैनात टीएसआई और सहायक टीआई की मौजूदगी के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ सूत्र सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या किसी मजबूत सिस्टम के चलते जिम्मेदार अधिकारी सहायक टीआई टी एस आई पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे है एक दिन कार्रवाई का ढिंढोरा पीटने के बाद हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौटने से* ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं आखिर डग्गामार वाहनों* को लेकर चल रहा यह *खेल कब तक जारी रहेगा? क्या उच्च अधिकारी अहमामऊ की जमीनी हकीकत का संज्ञान लेकर जिम्मेदारी तय करेंगे, या फिर कार्रवाई सिर्फ कागजों और दावों तक ही सीमित रहेगीl1
- लखनऊ। थाना गाजीपुर प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त, पूर्वी द्वारा दी गयी बाइट। . . .1
- राजधानी लखनऊ में दबंगों के हौसले बुलंद? दुकान का ताला तोड़ने का आरोप, लाखों रुपये का सामान अंदर लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मकान मालिक पर दुकान का ताला तोड़ने और सामान बाहर निकालने से रोकने का आरोप लगा है। पूरा मामला बुद्धेश्वर मंदिर के आगे फफ्तामऊ के पास का बताया जा रहा है पीड़िता मुस्कान रस्तोगी के मुताबिक, उनके पिता कौशल किशोर की दुकान ‘लक्ष्मी गारमेंट’ के नाम से संचालित होती है। वर्तमान में कौशल किशोर बीमारी का इलाज कराने के लिए कानपुर गए हुए हैं। आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी में दुकान के मालिक दिलशाद ने परिवार को सूचना दिए बिना दुकान का ताला तोड़ दिया। जब मुस्कान ने ताला तोड़ने की वजह पूछी तो आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी देते हुए कहा गया कि “मेरा कुछ नहीं कर पाओगी।” पीड़िता का दावा है कि दुकान का कोई किराया बकाया नहीं है। उनका यह भी कहना है कि दुकान के अंदर करीब 7 से 8 लाख रुपये कीमत का कपड़ा रखा हुआ है, जिसे बाहर निकालने नहीं दिया जा रहा है। मुस्कान ने पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। INDIA LIVE NEWS मामले में संबंधित पक्ष का बयान और प्रशासन की कार्रवाई सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। 🇮🇳इंडिया लाइव न्यूज़🇮🇳1
- राजधानी लखनऊ मुंशी पुलिया चौराहे पर ट्रैफिक विभाग की बड़ी कार्रवाई डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के सख्त ब्रेकिंग न्यूज़ निर्देशों के क्रम में मुंशी पुलिया चौराहे पर ट्रैफिक विभाग द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिलों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व टीआई फर्स्ट कृष्ण पाल सिंह एवं टीआई सेकंड उमाकांत ओझा ने किया। अभियान के दौरान ट्रैफिक विभाग के अन्य कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे। 🔹 कई बुलेट मोटरसाइकिलों की जांच की गई। 🔹 नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए गए। 🔹 वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। ट्रैफिक विभाग का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसरों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- थाना गाजीपुर प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त, पूर्वी द्वारा दी गयी बाइट।1
- राजधानी लखनऊ डीसीपी रवीना त्यागी के आदेशों का दिखा असर राजधानी लखनऊ में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के सख्त निर्देशों पर यातायात विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में कानपुर रोड स्थित शहीद पथ तिराहा पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। 2️⃣ टीआई विनोद कुमार सिंह ने संभाली कमान चेकिंग अभियान का नेतृत्व टीआई विनोद कुमार सिंह ने किया। उनके साथ अन्य ट्रैफिक कर्मी भी मौजूद रहे। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की गहन जांच की गई तथा तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे कई दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई करते हुए साइलेंसर जप्त किए गए। 3️⃣ पूरे लखनऊ में जारी है सख्ती यातायात विभाग की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप देखने को मिला। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के आदेशों का असर अब पूरे लखनऊ में दिखाई दे रहा है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है।1