Shuru
Apke Nagar Ki App…
विदिशा में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा खाद्य सामग्री की लगातार जांच-पड़ताल की जा रही है। बारिश के मौसम में दूषित खाद्य सामग्री से लोगों के बीमार पड़ने की आशंका अधिक बनी रहती है, इसी के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण श्रीवास्तव तिलक चौक पहुंचीं और घरों में सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे दूध की सघन जांच की। चेकिंग के दौरान भोपाल से आने वाले थैली पैक दूध और ग्रामीण क्षेत्रों से घरों में बांटने के लिए लाए जा रहे खुले दूध के सैंपल लिए गए। अधिकारियों ने इन सैंपलों को मौके पर ही सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेज दिया है।
रिपोर्टर rupesh yadav
विदिशा में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा खाद्य सामग्री की लगातार जांच-पड़ताल की जा रही है। बारिश के मौसम में दूषित खाद्य सामग्री से लोगों के बीमार पड़ने की आशंका अधिक बनी रहती है, इसी के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी किरण श्रीवास्तव तिलक चौक पहुंचीं और घरों में सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे दूध की सघन जांच की। चेकिंग के दौरान भोपाल से आने वाले थैली पैक दूध और ग्रामीण क्षेत्रों से घरों में बांटने के लिए लाए जा रहे खुले दूध के सैंपल लिए गए। अधिकारियों ने इन सैंपलों को मौके पर ही सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेज दिया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के विदिशा की स्वर्णकार कॉलोनी में एक-दो दिन पहले एक छात्र के साथ जमकर मारपीट की गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे की छवि प्रभावित होते देख जिले के पुलिस अधीक्षक रोहित केसवानी ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों और थाना कप्तान को तुरंत कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए। निर्देशों पर अमल करते हुए विदिशा पुलिस ने बिना देर किए वीडियो के आधार पर मौके से जानकारी जुटाई और तुरंत दबिश देकर अपराधियों को पकड़ लिया। आम जनता के बीच आपराधिक प्रवृत्तियों को कम करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने अपराधियों का बीच बाजार से जुलूस निकाला। पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में जब अपराधियों को पैदल थाने ले जाया जा रहा था, तब वे बीच बाजार में "अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है" का नारा लगाते दिखे। छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद तुरंत हरकत में आई विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई की चारों तरफ चर्चा हो रही है।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा में चर्चा का विषय बने 'फ्रिजेश्वर बाबा' के अब मध्य प्रदेश के गंजबासौदा स्थित वार्ड नंबर 8 में प्रकट होने की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। शहर के सुदीप मालवीय के निवास पर बाबा के आगमन की जानकारी फैलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं और भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। लोग इस अनोखे व अद्भुत दृश्य को अपनी आंखों से देखने और आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। सुदीप मालवीय के घर के बाहर तड़के से ही लोगों का आना-जाना लगातार जारी है और भक्तों का तांता लगने से पूरा माहौल भक्तिमय व कौतूहल से भर गया है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- किसी भी ई-बाइक को इलेक्ट्रिक खंभे या ट्रांसफार्मर के पास खड़ा न करने की सख्त सलाह दी गई है। बिजली के खंभे या ट्रांसफार्मर के पास वाहन पार्क करने से गंभीर हादसा हो सकता है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से ई-बाइक को ऐसे स्थानों से दूर रखने की बात कही गई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में वीरांगना फूलन देवी के शहीद दिवस पर शनिवार को माझी समाज ने एकजुटता का परिचय देते हुए विशाल पैदल यात्रा निकाली। मछुआ नाविक श्रमिक संघ के जिला अध्यक्ष निर्मल रैकवार के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में समाजजन एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी चौराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके बाद समाज के लोग "वीरांगना फूलन देवी अमर रहें" के गगनभेदी नारों के साथ पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौराहे पहुंचे। अंबेडकर चौराहे पर संघ के जिला अध्यक्ष निर्मल रैकवार और समाज के वरिष्ठ जनों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरांगना फूलन देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर निर्मल रैकवार ने कहा कि माझी समाज ने बीना में अपनी शक्ति और एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि फूलन देवी ने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया है और समाज शिक्षा, सम्मान तथा अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। इस दौरान प्रशासन से मांग की गई कि मछुआ-नाविक समाज को मूलभूत सुविधाएं, पट्टे और रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। इस विशाल पैदल यात्रा में मोहनलाल रैकवार, परमानंद रैकवार, अरविंद पटेल, रमेश रैकवार, शिव चरण, बलदेव रैकवार, मनोज, सुरेश, शिवम, प्रभु दयाल, पूरनलाल, तन सिंह, नंदकिशोर, रामचरण चक्कू, प्रमोद निर्मल, रितेश, भवानी प्रसाद, रामप्रसाद, साहूकार, आकाश, गणेश, भूपति, चमन लाल, दीपक, उमाशंकर और पंचू सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और युवा साथी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव में एक महिला अर्चना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जबकि उनकी 5 साल की बेटी दिव्यांशी की हालत गंभीर बनी हुई है। दिव्यांशी का जन्म शादी के 5 साल बाद हुआ था और घटना से पहले पिता ने बेटी का लॉकेट बेचा था। इस मामले में मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि अर्चना के पति और ससुराल वालों ने ही मां-बेटी को सल्फास (जहर) खिलाया है।1
- राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा भारी चढ़ावा अर्पित किया गया है। मध्य प्रदेश के एक परिवार ने भगवान सांवरिया सेठ को 11.4 किलो चांदी की 19 सिल्लियां चढ़ाई हैं। इसके साथ ही एक अन्य श्रद्धालु ने 137 ग्राम की सोने की बांसुरी भगवान को भेंट की है। मंदिर में चढ़ाए गए इन दोनों ही चढ़ावों का मूल्य लगभग 20-20 लाख रुपये आंका गया है।1
- विदिशा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0' के तहत शहर में एक बड़ी जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यातायात थाना परिसर से शुरू हुई इस रैली को कलेक्टर अंशुल गुप्ता और पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली यातायात थाना परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी, जहां आम लोगों को नशे से दूर रहने के संबंध में जागरूक किया गया। इस आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, पदाधिकारी, स्कूली बच्चे और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मौके पर कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने कहा कि हम सभी का प्रयास है कि सभी लोग नशे से दूर रहें और अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।4
- देशभर में चल रहे NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। यह कदम जंतर-मंतर पर चल रहे उग्र प्रदर्शन और छात्रों के भारी दबाव के बाद उठाया गया है। बताया गया है कि इस्तीफा देने का यह फैसला शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।1