प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जनपद बस्ती के युवा समाजसेवी आकाश गुप्ता और उनकी टीम के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक मनोरमा नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे उनके अभियान को देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। आकाश गुप्ता ने शिकायत करने के बजाय स्वयं बदलाव का माध्यम बनने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ‘शिकायत नहीं, शुरुआत’ के मंत्र को अपनाया और मनोरमा नदी को प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे तथा जलकुंभी से मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। उनके नेतृत्व में चल रहे इस जनभागीदारी आधारित प्रयास ने नदी संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इस पहल का उल्लेख किया जाना बस्ती के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस राष्ट्रीय पहचान से न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को भी समाजहित में सकारात्मक पहल करने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर वक्ताओं ने आकाश गुप्ता और उनकी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि उनके अथक प्रयासों ने पूरे जनपद का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। साथ ही मनोरमा नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए कार्य कर रहे विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री द्वारा बस्ती के इस मॉडल की सराहना यह सिद्ध करती है कि सच्चे संकल्प, जनसहभागिता और निरंतर प्रयास से किसी भी सकारात्मक बदलाव को संभव बनाया जा सकता है। मनोरमा नदी संरक्षण का यह अभियान अब पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। उन्होंने आकाश गुप्ता और उनकी टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जनपद बस्ती के युवा समाजसेवी आकाश गुप्ता और उनकी टीम के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक मनोरमा नदी के संरक्षण और स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे उनके अभियान को देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। आकाश गुप्ता ने शिकायत करने के बजाय स्वयं बदलाव का माध्यम बनने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर ‘शिकायत नहीं, शुरुआत’ के मंत्र को अपनाया और मनोरमा नदी को प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे तथा जलकुंभी से मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। उनके नेतृत्व में चल रहे इस जनभागीदारी आधारित प्रयास ने नदी संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इस पहल का उल्लेख किया जाना बस्ती के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस राष्ट्रीय पहचान से न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को भी समाजहित में सकारात्मक पहल करने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर वक्ताओं ने आकाश गुप्ता और उनकी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि उनके अथक प्रयासों ने पूरे जनपद का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। साथ ही मनोरमा नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए कार्य कर रहे विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री द्वारा बस्ती के इस मॉडल की सराहना यह सिद्ध करती है कि सच्चे संकल्प, जनसहभागिता और निरंतर प्रयास से किसी भी सकारात्मक बदलाव को संभव बनाया जा सकता है। मनोरमा नदी संरक्षण का यह अभियान अब पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। उन्होंने आकाश गुप्ता और उनकी टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल रहेगा।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को एक इलाके के दौरे के दौरान स्थानीय महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके काफिले पर अंडे बरसाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी जिस व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वहां पहुंचे थे, वह क्षेत्र का एक कुख्यात अपराधी था जिसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह 20 से अधिक महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में शामिल था। प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय महिला ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक व्यक्ति गांव की एक लड़की को भगा ले गया था, उसे अपने साथ रखा, लेकिन उससे शादी करने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता था, मगर स्थानीय लोग उसे पार्टी का वैध सदस्य नहीं मानते थे। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी दबंगई और आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, और पार्टी के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस गुंडागर्दी के खिलाफ है जिसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के इस दौरे से अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है और वे इस व्यवस्था के खिलाफ न्याय चाहती हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सवाल उठाया कि एक अपराधी को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, और इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूटा। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, और महिलाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी।1
- बस्ती ज़िले के चौरी बाज़ार में एक सड़क लगभग दो साल से टूटी हुई है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़क की इस खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे लोग लगातार परेशान हैं।1
- t idhar jald se jald Nirman Ho1
- अयोध्या जनपद के कचहरी परिसर में राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व कर्मी राम सहाय सिंह अपनी कई वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद शनिवार, 31 मई 2026 को सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर कार्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इसके बाद जब राम सहाय सिंह अपने गृह जनपद जाना बाजार (खजूरीपुर) पहुंचे, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। राम सहाय सिंह के परिवार द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति और सकुशल सेवाकाल पूरा होने की खुशी में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को घर पर भव्य श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे।2
- अयोध्या में तेजी से चल रहे विकास कार्यों, जैसे राम मंदिर निर्माण, रामपथ और चौड़ी सड़कों के बीच, प्राचीन धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुप्तार घाट स्थित पौराणिक निर्मली कुंड, जिसका संबंध भगवान श्रीराम और देवराज इंद्र से जुड़ी मान्यताओं से है, अब 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण संकट में है। यह कुंड सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां श्रावण पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक यात्रा निकलती है और श्रद्धालु स्नान कर पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।4
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह बताया गया है कि भाजपा की व्यवस्था हर जगह धराशायी हो रही है।1
- .................. .................... ...............1