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विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को एक इलाके के दौरे के दौरान स्थानीय महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके काफिले पर अंडे बरसाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी जिस व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वहां पहुंचे थे, वह क्षेत्र का एक कुख्यात अपराधी था जिसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह 20 से अधिक महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में शामिल था। प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय महिला ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक व्यक्ति गांव की एक लड़की को भगा ले गया था, उसे अपने साथ रखा, लेकिन उससे शादी करने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता था, मगर स्थानीय लोग उसे पार्टी का वैध सदस्य नहीं मानते थे। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी दबंगई और आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, और पार्टी के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस गुंडागर्दी के खिलाफ है जिसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के इस दौरे से अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है और वे इस व्यवस्था के खिलाफ न्याय चाहती हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सवाल उठाया कि एक अपराधी को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, और इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूटा। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, और महिलाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी।1
- बस्ती ज़िले के चौरी बाज़ार में एक सड़क लगभग दो साल से टूटी हुई है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़क की इस खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे लोग लगातार परेशान हैं।1
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- अयोध्या में तेजी से चल रहे विकास कार्यों, जैसे राम मंदिर निर्माण, रामपथ और चौड़ी सड़कों के बीच, प्राचीन धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुप्तार घाट स्थित पौराणिक निर्मली कुंड, जिसका संबंध भगवान श्रीराम और देवराज इंद्र से जुड़ी मान्यताओं से है, अब 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण संकट में है। यह कुंड सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां श्रावण पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक यात्रा निकलती है और श्रद्धालु स्नान कर पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।4
- आज लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक संकल्प पत्र जारी किया है। संगठन ने न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी शासक के रूप में मालवा की महारानी अहिल्याबाई होलकर को शत्-शत् नमन और अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोर्चा ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की वह स्वर्णिम हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि शासन का वास्तविक अर्थ जनसेवा है। 31 मई 1725 को जन्मी अहिल्याबाई होलकर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्ष के शासनकाल में मालवा को रामराज्य का आदर्श स्वरूप प्रदान किया। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता और जनसेवा का ज्वलंत उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल युद्ध और राजनीति में कुशलता दिखाई, बल्कि पूरे भारतवर्ष में मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, द्वारका, गया, अयोध्या, मथुरा और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों का पुनर्निर्माण उनकी धर्मनिरपेक्ष दृष्टि का प्रमाण है। उन्होंने कभी धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया, बल्कि घाट, बावड़ी, कुएं, धर्मशाला, सड़कें और अन्नक्षेत्र बनवाकर लोक कल्याण को शासन का मूलमंत्र बनाया। अहिल्याबाई होलकर का न्याय इतना प्रसिद्ध था कि प्रजा उन्हें "देवी" कहकर पुकारती थी, और उन्होंने न्याय के लिए अपने इकलौते पुत्र को भी दंड देने में संकोच नहीं किया। "प्रजा की खुशी ही राजा का धर्म है" – यह उनका शासन दर्शन था। उनके सुशासन के तीन स्तंभ पारदर्शी प्रशासन, जनहित सर्वोपरि और नैतिक जवाबदेही थे; उन्होंने कभी खजाने को अपनी निजी संपत्ति नहीं समझा, हर निर्णय से पहले प्रजा की राय ली, महिलाओं को सेना में स्थान दिया और किसानों के लगान माफ किए, जिसे असली लोकतंत्र बताया गया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का स्पष्ट मत है कि आज जब राजनीति सत्ता, स्वार्थ और भ्रष्टाचार का पर्याय बनती जा रही है, तब लोकमाता का चरित्र हमें आईना दिखाता है। उनकी जयंती पर संगठन ने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही यह संकल्प लिया है कि अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को राजनीति में वापस लाने के लिए सतत संघर्ष करेगा। मोर्चा ने राइट टू रिकॉल, जवाबदेह प्रतिनिधि और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था जैसे मूल्यों को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया है, जो लोकमाता के शासन में जीवंत थे। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा युवा पीढ़ी से लोकमाता के जीवन से प्रेरणा लेने, नारी शक्ति का सम्मान करने, कमजोर वर्गों का उत्थान करने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील करता है, जिसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है। संगठन ने देश की समस्त जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से आग्रह किया है कि अहिल्याबाई होलकर के पदचिह्नों पर चलकर एक नैतिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी भारत के निर्माण में सहयोग करें। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने "लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी अमर रहें। उनके विचार अमर रहें।।" के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह बताया गया है कि भाजपा की व्यवस्था हर जगह धराशायी हो रही है।1
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