" 62 साल के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना में पानी के लाले _ कॉंग्रेस " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी के प्रयास तथा तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम चालू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चलने तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पाणि नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। नेताओं ने कहा कि इस योजना की बाट जोह रहे सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के बाद भी इस परियोजना से चहुंमुखी लाभ नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस कोई भी प्रगति नहीं है, जबकि मगध के ही उत्तर कोयल सिचाई परियोजना के लिए राशि उपलब्ध कराने पर तिलैया ढाढर सिचाई परियोजना का भी पानी की समस्या तथा शेष बचे कार्य पूरे होगें, परंतु ऐसा नहीं होने से किसानों में भारी निराशा है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर धरना-प्रदर्शन एवं घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर
" 62 साल के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना में पानी के लाले _ कॉंग्रेस " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी के प्रयास तथा तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम चालू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चलने तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पाणि नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल
मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। नेताओं ने कहा कि इस योजना की बाट जोह रहे सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के बाद भी इस परियोजना से चहुंमुखी लाभ नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस कोई भी प्रगति नहीं है, जबकि मगध के ही उत्तर कोयल सिचाई परियोजना के लिए राशि उपलब्ध कराने पर तिलैया ढाढर सिचाई परियोजना का भी पानी की समस्या तथा शेष बचे कार्य पूरे होगें, परंतु ऐसा नहीं होने से किसानों में भारी निराशा है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर धरना-प्रदर्शन एवं घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर
- क्या गाना हैँ और क्या कला दिखाया गया हैँ!!1
- Bhula Gaya Hai aadami Ek ko khojna hai usko1
- लगभग एक महिने से नल जल मे पानी नहीं गांव वाले बिल्कुल परेशान हाल, मवेशियों को भी हो रहा है नुकसान, दरियापुर से ग्राउंड रिपोर्ट, ग्राम पंचायत माखर।1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- Post by जन सेवक1
- Hilaini Ara Baliya Ge 🎙️🐯Singer :- Ravi Tiger🐯🎙️ 🙏ये साँग पे सब लोग एक वीडियो बनाये🙏 🎬नमूना म्यूजिक वर्ल्ड यूट्यूब चैनल🎬1
- लूट की घटना कारित करने मे 05अभियुक्तों को लूटी गईं टोटो एवं मोबाइल फोन के साथ किया गया गिरफ्तार l मुफस्सील थाना कांड संख्या 98/26दिनांक 29/01/2026दर्ज कर अनुशंधान प्रारम्भ किया गया l इस सम्बन्ध मे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वरीय पुलिस अधीक्षक गया के द्वारा जानकारी दी गईं i1
- " 62 साल के लंबे इंतजार के बाद भी ढाढर सिचाई परियोजना में पानी के लाले _ कॉंग्रेस " मगध प्रमंडल के गयाजी , जहानाबाद, नवादा जिला के हज़ारों एकड़ भूमि को सिंचित करने हेतु तिलैया- ढाढर सिचाई परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1964 में जहानाबाद के तत्कालीन सांसद सत्यभामा देवी के प्रयास तथा तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के एन राव की पहल पर 1974 में केंद्र सरकार द्वारा 13 करोड़ 43 लाख जारी करने पर योजना का काम चालू होने के बाद 1978 में समझौते के आधार पर तिलैया- ढाढर परियोजना की रूपरेखा बनने के बाद काम धीमी गति से चलने तथा लगातार संघर्ष के बाद 2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गया नवादा की सीमा पर फतेहपुर प्रखंड के दोनैया, सोहजना गांव स्थित ढाढर नदी पर 300 करोड़ के निर्मित बाँध का उद्घाटन करने के बाद भी तिलैया डैम से पानी बिहार से झारखंड के विभाजन के बाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सालों भर पाणि नहीं मिल पाता है जिसके समाधान हेतु केंद्र सरकार द्वारा गठित सेंट्रल वाटर ट्राइब्यूनल में बिहार सरकार के जाने के वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में भारी मायूसी है। उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, फतेहपुर प्रखंड कॉंग्रेस अध्यक्ष बाल मुकुंद पांडेय, पंकज कुमार पंकज, युवा कॉंग्रेस फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार, बुलंद अख्तर, प्रदीप मांझी, ब्रह्मदेव पासवान, आदि ने कहा कि बिहार सरकार की उदासीनता के कारण तिलैया जलाशय से 02 लाख एकड़ फीट पानी टनल के जरिए ढाढर नदी में अभी तक नहीं गिरने से यह परियोजना पूरी तरह वर्षा के पानी पर निर्भर रहने से मगध के तीन जिला के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। नेताओं ने कहा कि इस योजना की बाट जोह रहे सैकड़ों गांवों के किसान- मजदूर को 62 साल के बाद भी इस परियोजना से चहुंमुखी लाभ नहीं मिल रहा है, जिसका निदान झारखंड सरकार से तिलैया डैम से पानी की समस्या का समाधान करने से ही सम्भव है, जिस कोई भी प्रगति नहीं है, जबकि मगध के ही उत्तर कोयल सिचाई परियोजना के लिए राशि उपलब्ध कराने पर तिलैया ढाढर सिचाई परियोजना का भी पानी की समस्या तथा शेष बचे कार्य पूरे होगें, परंतु ऐसा नहीं होने से किसानों में भारी निराशा है। नेताओ ने कहा कि कॉंग्रेस पार्टी, संघर्ष समिति, किसान मजदूर मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा के किसानों के बिच जनजागरण चला कर दोनैया- सोहजना बराज पर धरना-प्रदर्शन एवं घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम आयोजित कर सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर इस कार्य को कार्यान्वयन कराने का प्रयास किया जाएगा । भवदीय विजय कुमार मिट्ठू बाल मुकुंद पांडेय अरविंद कुमार पंकज कुमार पंकज बुलंद अख्तर2