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26 घंटे बाद मिला जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव, पांच किलोमीटर दूर नदी में बरामद पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत सातमेरी डोक नदी घाट पर शनिवार दोपहर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लापता हुए 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव 26 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे से शव बरामद किया।शव मिलने की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक के पिता आई. कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान कुशल सुब्बा के रूप में की। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार, कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार दोपहर वह अपने आठ साथियों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के सातमेरी डोक नदी घाट पर नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वह नदी के गहरे पानी में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिली।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मोहित राज को दी गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सीओ मोहित राज के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। शनिवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कुशल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। नदी के बहाव और संभावित दिशा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। करीब 26 घंटे के प्रयास के बाद टीम को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे कुशल सुब्बा का शव मिला। एसडीआरएफ जवानों ने पानी के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला।परिजनों के मुताबिक कुशल सुब्बा की नौकरी करीब आठ माह पहले इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर लगी थी। इससे पहले भी वह सातमेरी डोक नदी घाट पर आ चुके थे। महज 30 वर्ष की उम्र में नदी हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक की लहर है।शनिवार से परिजन नदी घाट और आसपास के इलाके में कुशल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। रविवार को शव मिलने के बाद उनकी उम्मीद मातम में बदल गई।पहाड़कट्टा पुलिस एवं छत्तरगाछ पुलिस द्वारा शव का पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जाएंगे।घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास एसडीआरएफ की टीम की उपलब्धता रहने से नदी में डूबने की घटनाओं में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, जहां नदी में अधिक गहराई है, वहां सावधानी एवं खतरे से संबंधित बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, सातमेरी डोक नदी में हुए इस हादसे में भी तेज बहाव के कारण शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा। घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।मृतक के पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

22 hrs ago
user_Shabbir Alam
Shabbir Alam
Local News Reporter पोठिया, किशनगंज, बिहार•
22 hrs ago

26 घंटे बाद मिला जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव, पांच किलोमीटर दूर नदी में बरामद पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत सातमेरी डोक नदी घाट पर शनिवार दोपहर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लापता हुए 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव 26 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे से शव बरामद किया।शव मिलने की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक के पिता आई. कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान कुशल सुब्बा के रूप में की। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार, कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार दोपहर वह अपने आठ साथियों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के सातमेरी डोक नदी घाट पर नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वह नदी के गहरे पानी में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिली।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मोहित राज को दी गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सीओ मोहित राज के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। शनिवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कुशल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। नदी के बहाव और संभावित

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दिशा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। करीब 26 घंटे के प्रयास के बाद टीम को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे कुशल सुब्बा का शव मिला। एसडीआरएफ जवानों ने पानी के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला।परिजनों के मुताबिक कुशल सुब्बा की नौकरी करीब आठ माह पहले इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर लगी थी। इससे पहले भी वह सातमेरी डोक नदी घाट पर आ चुके थे। महज 30 वर्ष की उम्र में नदी हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक की लहर है।शनिवार से परिजन नदी घाट और आसपास के इलाके में कुशल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। रविवार को शव मिलने के बाद उनकी उम्मीद मातम में बदल गई।पहाड़कट्टा पुलिस एवं छत्तरगाछ पुलिस द्वारा शव का पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जाएंगे।घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास एसडीआरएफ की टीम की उपलब्धता रहने से नदी में डूबने की घटनाओं में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, जहां नदी में अधिक गहराई है, वहां सावधानी एवं खतरे से संबंधित बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, सातमेरी डोक नदी में हुए इस हादसे में भी तेज बहाव के कारण शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा। घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।मृतक के पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

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  • मदरसे के नए सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी (सचिव) के चयन और आगामी कार्य योजनाओं मदरसे के नए सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी (सचिव) के चयन और आगामी कार्य योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।बैठक में दिघली पंचायत और आसपास के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्ध लोगों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक के दौरान मदरसे के बेहतर प्रबंधन, शिक्षा के स्तर को सुधारने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
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    मदरसे के नए सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी (सचिव) के चयन और आगामी कार्य योजनाओं
मदरसे के नए सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी (सचिव) के चयन और आगामी कार्य योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।बैठक में दिघली पंचायत और आसपास के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्ध लोगों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक के दौरान मदरसे के बेहतर प्रबंधन, शिक्षा के स्तर को सुधारने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
    user_Poin bihar
    Poin bihar
    News Anchor Kishanganj, Bihar•
    7 hrs ago
  • Revolution लाने को देश का हर युवा है तैयार #rahulgandhi #chhatronkigoonj #bihar
    1
    Revolution  लाने को देश का हर युवा है तैयार 
#rahulgandhi #chhatronkigoonj #bihar
    user_Hussain king
    Hussain king
    किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    19 hrs ago
  • हुक: 🚨 टेढ़ागाछ में अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का शिकंजा! दुकानदारों को मिला अल्टीमेटम, नहीं हटाया कब्जा तो होगी कार्रवाई हुक: 🚨 टेढ़ागाछ में अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का शिकंजा! दुकानदारों को मिला अल्टीमेटम, नहीं हटाया कब्जा तो होगी कार्रवाई
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    हुक: 🚨 टेढ़ागाछ में अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का शिकंजा! दुकानदारों को मिला अल्टीमेटम, नहीं हटाया कब्जा तो होगी कार्रवाई


हुक: 🚨 टेढ़ागाछ में अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का शिकंजा! दुकानदारों को मिला अल्टीमेटम, नहीं हटाया कब्जा तो होगी कार्रवाई
    user_Manzar AlamRN
    Manzar AlamRN
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    56 min ago
  • जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार। जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार।
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    जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार।
जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार।
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Araria, Bihar•
    3 hrs ago
  • JAVED 666 Howrah se Maharashtra
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    JAVED 666
Howrah se Maharashtra
    user_Javed 666
    Javed 666
    कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    8 hrs ago
  • 26 घंटे बाद मिला जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव, पांच किलोमीटर दूर नदी में बरामद पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत सातमेरी डोक नदी घाट पर शनिवार दोपहर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लापता हुए 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव 26 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे से शव बरामद किया।शव मिलने की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक के पिता आई. कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान कुशल सुब्बा के रूप में की। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार, कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार दोपहर वह अपने आठ साथियों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के सातमेरी डोक नदी घाट पर नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वह नदी के गहरे पानी में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिली।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मोहित राज को दी गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सीओ मोहित राज के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। शनिवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कुशल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। नदी के बहाव और संभावित दिशा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। करीब 26 घंटे के प्रयास के बाद टीम को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे कुशल सुब्बा का शव मिला। एसडीआरएफ जवानों ने पानी के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला।परिजनों के मुताबिक कुशल सुब्बा की नौकरी करीब आठ माह पहले इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर लगी थी। इससे पहले भी वह सातमेरी डोक नदी घाट पर आ चुके थे। महज 30 वर्ष की उम्र में नदी हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक की लहर है।शनिवार से परिजन नदी घाट और आसपास के इलाके में कुशल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। रविवार को शव मिलने के बाद उनकी उम्मीद मातम में बदल गई।पहाड़कट्टा पुलिस एवं छत्तरगाछ पुलिस द्वारा शव का पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जाएंगे।घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास एसडीआरएफ की टीम की उपलब्धता रहने से नदी में डूबने की घटनाओं में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, जहां नदी में अधिक गहराई है, वहां सावधानी एवं खतरे से संबंधित बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, सातमेरी डोक नदी में हुए इस हादसे में भी तेज बहाव के कारण शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा। घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।मृतक के पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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    26 घंटे बाद मिला जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव, पांच किलोमीटर दूर नदी में बरामद
पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत सातमेरी डोक नदी घाट पर शनिवार दोपहर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लापता हुए 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव 26 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे से शव बरामद किया।शव मिलने की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक के पिता आई. कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान कुशल सुब्बा के रूप में की। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार, कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार दोपहर वह अपने आठ साथियों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के सातमेरी डोक नदी घाट पर नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वह नदी के गहरे पानी में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिली।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मोहित राज को दी गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सीओ मोहित राज के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। शनिवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कुशल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। नदी के बहाव और संभावित दिशा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। करीब 26 घंटे के प्रयास के बाद टीम को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे कुशल सुब्बा का शव मिला। एसडीआरएफ जवानों ने पानी के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला।परिजनों के मुताबिक कुशल सुब्बा की नौकरी करीब आठ माह पहले इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर लगी थी। इससे पहले भी वह सातमेरी डोक नदी घाट पर आ चुके थे। महज 30 वर्ष की उम्र में नदी हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक की लहर है।शनिवार से परिजन नदी घाट और आसपास के इलाके में कुशल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। रविवार को शव मिलने के बाद उनकी उम्मीद मातम में बदल गई।पहाड़कट्टा पुलिस एवं छत्तरगाछ पुलिस द्वारा शव का पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जाएंगे।घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास एसडीआरएफ की टीम की उपलब्धता रहने से नदी में डूबने की घटनाओं में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, जहां नदी में अधिक गहराई है, वहां सावधानी एवं खतरे से संबंधित बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है।
बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, सातमेरी डोक नदी में हुए इस हादसे में भी तेज बहाव के कारण शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा। घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।मृतक के पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
    user_Shabbir Alam
    Shabbir Alam
    Local News Reporter पोठिया, किशनगंज, बिहार•
    22 hrs ago
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