बीना में आगासौद थाना पुलिस ने एक चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल के मामले को सुलझाते हुए केवल 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उईके व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बीना अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को आगासौद पुलिस को ग्राम देहरी स्थित एक बगीचे में एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर मृतक की पहचान ग्राम देहरी निवासी कल्लू चढ़ार के रूप में हुई। परिजनों ने बताया था कि वे कल्लू को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल बीना ले गए थे, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस के बारीकी से निरीक्षण करने पर शव पर चोटों के गंभीर निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हुई। इसके बाद थाना आगासौद में मर्ग कायम कर गहन जाँच शुरू की गई। घटनास्थल के निरीक्षण, साक्ष्य संकलन और गवाहों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम देहरी निवासी कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर ने मृतक कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की थी और बाद में उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया और विवेचना प्रारंभ हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। इस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से दोनों आरोपियों कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को 30 मई 2026, शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी है। आगासौद थाना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है, जिसमें तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कम समय में साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान की गई और हत्या जैसे गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया गया। इस सराहनीय भूमिका में थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, प्रधान आरक्षक सतीश रावत, आरक्षक लोकेन्द्र यादव, आरक्षक रनवीर सिंह, आरक्षक सतीश शर्मा, आरक्षक रामकृष्ण योगी, आरक्षक दीपक इनवाती और प्रधान आरक्षक चालक संतोष तिवारी शामिल रहे। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।
बीना में आगासौद थाना पुलिस ने एक चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल के मामले को सुलझाते हुए केवल 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उईके व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बीना अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को आगासौद पुलिस को ग्राम देहरी स्थित एक बगीचे में एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर मृतक की पहचान ग्राम देहरी निवासी कल्लू चढ़ार के रूप में हुई। परिजनों ने बताया था कि वे कल्लू को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल बीना ले गए थे, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस के बारीकी से निरीक्षण करने पर शव पर चोटों के गंभीर निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हुई। इसके बाद थाना आगासौद में मर्ग कायम कर गहन जाँच शुरू की गई। घटनास्थल के निरीक्षण, साक्ष्य संकलन और गवाहों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम देहरी निवासी कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और
मनीष ठाकुर ने मृतक कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की थी और बाद में उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया और विवेचना प्रारंभ हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। इस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से दोनों आरोपियों कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को 30 मई 2026, शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी है। आगासौद थाना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है, जिसमें तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कम समय में साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान की गई और हत्या जैसे गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया गया। इस सराहनीय भूमिका में थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, प्रधान आरक्षक सतीश रावत, आरक्षक लोकेन्द्र यादव, आरक्षक रनवीर सिंह, आरक्षक सतीश शर्मा, आरक्षक रामकृष्ण योगी, आरक्षक दीपक इनवाती और प्रधान आरक्षक चालक संतोष तिवारी शामिल रहे। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।
- बीना में आगासौद थाना पुलिस ने एक चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल के मामले को सुलझाते हुए केवल 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उईके व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बीना अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को आगासौद पुलिस को ग्राम देहरी स्थित एक बगीचे में एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर मृतक की पहचान ग्राम देहरी निवासी कल्लू चढ़ार के रूप में हुई। परिजनों ने बताया था कि वे कल्लू को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल बीना ले गए थे, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस के बारीकी से निरीक्षण करने पर शव पर चोटों के गंभीर निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हुई। इसके बाद थाना आगासौद में मर्ग कायम कर गहन जाँच शुरू की गई। घटनास्थल के निरीक्षण, साक्ष्य संकलन और गवाहों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम देहरी निवासी कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर ने मृतक कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की थी और बाद में उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया और विवेचना प्रारंभ हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। इस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से दोनों आरोपियों कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को 30 मई 2026, शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी है। आगासौद थाना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है, जिसमें तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कम समय में साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान की गई और हत्या जैसे गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया गया। इस सराहनीय भूमिका में थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, प्रधान आरक्षक सतीश रावत, आरक्षक लोकेन्द्र यादव, आरक्षक रनवीर सिंह, आरक्षक सतीश शर्मा, आरक्षक रामकृष्ण योगी, आरक्षक दीपक इनवाती और प्रधान आरक्षक चालक संतोष तिवारी शामिल रहे। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।2
- ललितपुर में देव नारायण आइसक्रीम प्रतिष्ठान पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत कुल 29 किलो संदिग्ध माल जब्त किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त किए गए इस माल के नमूने आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन द्वारा इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।1
- सागर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बदमाशों ने एक 55 वर्षीय शख्स पर चाकू से हमला कर दिया। यह हमला शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे मोती नगर थाना क्षेत्र में हुआ, जिसमें चाकू पीड़ित के बाएँ कंधे में काफी अंदर तक धंस गया। घायल की पहचान वल्लभ नगर वार्ड निवासी घनश्याम राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घनश्याम खाना खाने के बाद पैदल टहलने निकले थे, तभी रास्ते में उन्हें 4-5 बदमाश मिल गए। आरोप है कि बदमाशों ने उनसे शराब के लिए पैसे मांगे, और जब घनश्याम ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने उन पर चाकू से वार कर दिया। घटना के बाद घायल अवस्था में घनश्याम काफी दूर तक सड़क पर चलते रहे, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। राहगीरों ने उन्हें लहूलुहान हालत में देखकर बातचीत की और बाद में लोगों की मदद से, जिसमें एक युवक ने बाइक से उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मोती नगर पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि वीडियो देखने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज किए हैं। मामले में एक संदिग्ध को पकड़ा गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि यह चाकूबाजी की घटना कल रात हुई थी, लेकिन घायल उस समय थाने नहीं पहुंचे थे। आज उन्होंने थाने में पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।1
- बकस्वाहा स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल भीमकुंड में बुधवार को डूबे एक युवक का शव लगभग 18 घंटे की तलाश के बाद गुरुवार सुबह एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने बाहर निकाल लिया। मृतक की पहचान सागर जिले के रहली में वार्ड क्रमांक 13, बिलवारा मोहल्ला निवासी राजेश यादव (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इस घटना की परिस्थितियों और मृतक की जेब से सेल्फास की डिब्बी मिलने से मामला संदिग्ध माना जा रहा है, जिस पर पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे बाजना थाना क्षेत्र के भीमकुंड में एक युवक के डूबने की सूचना मिली थी, जिसके बाद थाना प्रभारी अयोध्या प्रसाद यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर से एनडीआरएफ टीम बुलाई गई और बकस्वाहा तहसीलदार भरत पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान के दौरान गोताखोरों को शव शुरुआत में 15 से 20 फीट की गहराई में दिखा, लेकिन भीमकुंड की जटिल संरचना, अत्यधिक गहराई और पानी के तेज बहाव के कारण वह और गहराई में चला गया। अंधेरा होने पर अभियान रोकना पड़ा, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी देखी गई, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई। गुरुवार सुबह फिर से अभियान शुरू कर शव को बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर मृतक का बैग, जिसमें कपड़े रखे थे, कुंड के बाहर मिला। उसके जूते भी अलग से उतारे हुए रखे गए थे, जबकि मृतक पैंट-शर्ट पहने हुए पानी में मिला। उसकी जेब से सेल्फास की डिब्बी भी बरामद हुई है, जिससे घटना की गुत्थी उलझ गई है। शुरुआती पहचान न होने पर पुलिस और प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए फोटो प्रसारित कर पहचान का प्रयास किया, जिसके बाद परिजनों ने मृतक की पहचान राजेश यादव के रूप में की। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक पेशे से ट्रक चालक था। थाना प्रभारी अयोध्या प्रसाद यादव ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस परिजनों व परिचितों से पूछताछ कर मृतक की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि भीमकुंड अपनी गहराई और प्राकृतिक संरचना के चलते पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है। प्रशासन द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद लोग अक्सर जोखिम उठाकर गहरे पानी के करीब पहुंच जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर भीमकुंड में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4
- मध्य प्रदेश के बीना में अपराधियों के जुलूस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, जिससे यह साफ संदेश दिया गया है कि अपराध करने वालों को कानून सड़कों पर ही जवाब देगा। इस कार्रवाई के माध्यम से बीना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो लोग कानून तोड़ेंगे, उन्हें अब समाज के सामने बेनकाब किया जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है।1