राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान में RPSC सेकंड ग्रेड की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को उस वक्त भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एडमिट कार्ड पर लिखे पते पर उन्हें किसी स्कूल या परीक्षा केंद्र के बजाय एक खुला क्रिकेट का मैदान मिला। जहाँ युवाओं को अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा देनी थी, वहाँ बच्चे मजे से क्रिकेट खेलते दिखे और एडमिट कार्ड हाथों में लिए हैरान-परेशान उम्मीदवार परीक्षा केंद्र तलाशने के लिए मजबूर हो गए। इस घोर लापरवाही का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड के साथ खाली मैदान के पास लाचार खड़े दिखाई दे रहे हैं। मौके पर परीक्षा केंद्र का कोई नामोनिशान नहीं है और न ही प्रशासन की तरफ से अभ्यर्थियों की मदद के लिए कोई दिशा-निर्देश या सहायता कर्मी तैनात है। परीक्षा प्रबंधन की इस बड़ी चूक ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो युवाओं को परीक्षा पास करने से पहले 'केंद्र खोजो प्रतियोगिता' पास करनी पड़ रही है। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और युवाओं के धैर्य की अग्निपरीक्षा ले रहा है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान में RPSC सेकंड ग्रेड की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को उस वक्त भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एडमिट कार्ड पर लिखे पते पर उन्हें किसी स्कूल या परीक्षा केंद्र के बजाय एक खुला क्रिकेट का मैदान मिला। जहाँ युवाओं को अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा देनी थी, वहाँ बच्चे मजे से क्रिकेट खेलते दिखे और एडमिट कार्ड हाथों में लिए हैरान-परेशान उम्मीदवार परीक्षा केंद्र तलाशने के लिए मजबूर हो गए। इस घोर लापरवाही का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड के साथ खाली मैदान के पास लाचार खड़े दिखाई दे रहे हैं। मौके पर परीक्षा केंद्र का कोई नामोनिशान नहीं है और न ही प्रशासन की तरफ से अभ्यर्थियों की मदद के लिए कोई दिशा-निर्देश या सहायता कर्मी तैनात है। परीक्षा प्रबंधन की इस बड़ी चूक ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो युवाओं को परीक्षा पास करने से पहले 'केंद्र खोजो प्रतियोगिता' पास करनी पड़ रही है। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और युवाओं के धैर्य की अग्निपरीक्षा ले रहा है।
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान में RPSC सेकंड ग्रेड की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को उस वक्त भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एडमिट कार्ड पर लिखे पते पर उन्हें किसी स्कूल या परीक्षा केंद्र के बजाय एक खुला क्रिकेट का मैदान मिला। जहाँ युवाओं को अपने भविष्य की महत्वपूर्ण परीक्षा देनी थी, वहाँ बच्चे मजे से क्रिकेट खेलते दिखे और एडमिट कार्ड हाथों में लिए हैरान-परेशान उम्मीदवार परीक्षा केंद्र तलाशने के लिए मजबूर हो गए। इस घोर लापरवाही का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड के साथ खाली मैदान के पास लाचार खड़े दिखाई दे रहे हैं। मौके पर परीक्षा केंद्र का कोई नामोनिशान नहीं है और न ही प्रशासन की तरफ से अभ्यर्थियों की मदद के लिए कोई दिशा-निर्देश या सहायता कर्मी तैनात है। परीक्षा प्रबंधन की इस बड़ी चूक ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो युवाओं को परीक्षा पास करने से पहले 'केंद्र खोजो प्रतियोगिता' पास करनी पड़ रही है। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और युवाओं के धैर्य की अग्निपरीक्षा ले रहा है।1
- राजस्थान के झुंझुनू जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ एक जवान अपने जन्मदिन के ही दिन शहीद हो गया है। सूरजगढ़ क्षेत्र के इस वीर जवान की शहादत उसी विशेष दिन पर हुई, जिस दिन उनका जन्मदिन था।1
- राजस्थान के झुंझुनू जिले के गणपति नगर स्थित राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक अनोखी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लेखन कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें बढ़ती जनसंख्या, उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने "जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियाँ एवं समाधान", "छोटा परिवार–सुखी परिवार" और "सतत विकास में जनसंख्या संतुलन का महत्व" जैसे गंभीर विषयों पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभकरण खीचड़ ने कहा कि देश के सतत विकास के लिए बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में जागरूकता फैलाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। इसके बाद, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सहायक अभियंता ज्योति ढूकिया द्वारा सम्मानित किया गया, जिसमें मिताली ने प्रथम, अवि ने द्वितीय और हर्ष चावला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही किरण प्रभा और नंदिनी शेखावत को भी उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के सचिव इंजीनियर पीयूष ढूकिया ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इस पूरे आयोजन के दौरान सुधीर शर्मा, मंगलाराम जांगिड़, वसीम अकरम, सुश्री अनिता, सुभाष बिलखिवाल, मनीष सैनी और दलीप कुमार सहित स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में पूरे विद्यालय परिवार ने विश्व जनसंख्या दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- महेंद्रगढ़ शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए विधायक कंवर सिंह यादव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल स्टेडियम में स्थित स्विमिंग पूल में पानी भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।1
- हरियाणा के भिवानी में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने बीजेपी और आरएसएस को आड़े हाथों लिया है।1
- न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वहां रह रहे जीवंत और ऊर्जावान भारतीय समुदाय के बीच उपस्थित होने पर अपार खुशी और उत्साह व्यक्त किया गया है। ऑकलैंड से सीधे जुड़े इस कार्यक्रम के माध्यम से वहां बसे भारतीय प्रवासियों के साथ सीधे संवाद करने और उनकी सकारात्मक ऊर्जा को बेहद करीब से महसूस करने का एक खास अवसर मिला। इस दौरान वहां के भारतीय समुदाय की सक्रियता, उनके अनोखे उत्साह और जीवंत स्वभाव की विशेष रूप से सराहना की गई है।1
- झुंझुनू जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में जाखल बायपास स्थित एक खतरनाक मोड़ पर रविवार को दो वाहनों के बीच भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराए। इस हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन गनीमत रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, जाखल बायपास का यह मोड़ पहले भी कई सड़क हादसों का गवाह बन चुका है। लोगों का कहना है कि इस स्थान पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने और मोड़ के खतरनाक होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। निवासियों ने प्रशासन से यहां चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके।1