बंडा नगर में निजी स्कूलों के वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आम राहगीरों की जान खतरे में पड़ गई है। शुक्रवार को दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच एक अनियंत्रित स्कूल बस ने एक मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के समय बसें सड़कों पर बेहद तेज गति से दौड़ती हैं, जिसके चलते यह भीषण हादसा हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि बंडा पुलिस और यातायात विभाग इन बेलगाम स्कूल वाहनों पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। नागरिकों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, क्योंकि अब तक इन लापरवाह वाहनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई या चेकिंग अभियान नहीं चलाया गया है। जनता ने अब प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों की गति सीमा तय की जाए और बसों में स्पीड गवर्नर की अनिवार्य जांच हो। इसके साथ ही, घनी आबादी वाले इलाकों और स्कूल के समय में पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है। बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और बेधड़क तेज रफ्तार के कारण नगरवासी लगातार दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
बंडा नगर में निजी स्कूलों के वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आम राहगीरों की जान खतरे में पड़ गई है। शुक्रवार को दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच एक अनियंत्रित स्कूल बस ने एक मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के समय बसें सड़कों पर बेहद तेज गति से दौड़ती हैं, जिसके चलते यह भीषण हादसा हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि बंडा पुलिस और यातायात विभाग इन बेलगाम स्कूल वाहनों पर लगाम कसने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। नागरिकों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, क्योंकि अब तक इन लापरवाह वाहनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई या चेकिंग अभियान नहीं चलाया गया है। जनता ने अब प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों की गति सीमा तय की जाए और बसों में स्पीड गवर्नर की अनिवार्य जांच हो। इसके साथ ही, घनी आबादी वाले इलाकों और स्कूल के समय में पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है। बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और बेधड़क तेज रफ्तार के कारण नगरवासी लगातार दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
- सागर जिले के बंडा थाना परिसर में थाना प्रभारी श्री राजेंद्र सिंह कुशवाह जी द्वारा नगर के सराफा और गल्ला व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना था। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई कड़े निर्णय लिए गए हैं, जिसके तहत अब शहर में पटाखा फोड़ने वाली बुलेट गाड़ियों और शोर मचाने वाले अन्य वाहनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इस बैठक में अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया है। बंडा पुलिस अब आदतन अपराधियों, शराब माफियाओं, सटोरियों और जुआरियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है ताकि नगर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे।3
- सागर पुलिस कंट्रोल रूम के प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान की प्रतिभावान पुत्री अंजली चौहान ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से स्नातकोत्तर प्रौद्योगिकी (एम.टेक.) की उपाधि प्राप्त कर जिले और पूरे मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है। दीक्षांत समारोह में उपाधि मिलने के तुरंत बाद ही अंजली का चयन एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में आकर्षक वेतनमान पर हो गया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर सागर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, शुभचिंतकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने चौहान परिवार को बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। अंजली ने वर्ष 2023 में अपनी स्नातक परीक्षा के अंतिम वर्ष के दौरान ही अभियांत्रिकी स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में अखिल भारतीय स्तर पर 13वीं रैंक हासिल कर अपनी राष्ट्रीय पहचान स्थापित की थी, जिसके आधार पर उन्हें बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश मिला था। अंजली का परिवार पहले से ही राष्ट्रसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है; उनके बड़े भाई वर्ष 2019 से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण और व्यस्त दायित्वों के बीच भी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर चौहान परिवार ने सफलता का श्रेय अंजली की अथक मेहनत, गुरुजनों के मार्गदर्शन, माता-पिता के विश्वास और ईश्वर की कृपा को दिया है। अंजली की यह उपलब्धि सागर जिले और पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों, विशेष रूप से बेटियों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।4
- ललितपुर जनपद की मड़ावरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पटना और चांदौरा में स्थित मंदिरों की करीब 36 एकड़ कृषि भूमि के मालिकाना हक का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस भूमि पर मालिकाना हक को लेकर ललितपुर और महरौनी के सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इस बीच, महरौनी सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन से एक स्थगन आदेश भी प्राप्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी द्वारा जमीन पर जुताई और बुआई कर कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगा है। ग्राम पटना निवासी और मंदिर के मुन्तजिमकार शोभाराम ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मड़ावरा को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शोभाराम का कहना है कि मंदिर की इस कृषि भूमि से होने वाली आय से ही मंदिर की पूजा-पाठ और अन्य व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना नाराहट की बरौदिया पुलिस चौकी की मिलीभगत के कारण ही विपक्षी दल कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कृषि भूमि पर खेती करने में कामयाब रहा है। इस पूरे मामले को लेकर अब मंदिर के मुन्तजिमकार की बेटी ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में एसडीएम मड़ावरा से स्थगन आदेश का उल्लंघन करने वाले विपक्षी पर कार्रवाई करने और कब्जा वापस दिलाने की गुहार लगाई गई है। फिलहाल इस मामले पर एसडीएम या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायती पत्र मिलने के बाद कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई करने की सलाह दी जा सकती है।4
- ललितपुर के मड़ावरा में शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और "जय भीम" व "हमारी मांगें पूरी करो" जैसे नारे लगाए। इसके बाद, बीडीओ को संबोधित एक ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा गया, जिसमें जल्द कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने कई गंभीर जनसमस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों के निर्माण, नालियों की नियमित सफाई, विशेषकर हंसरी और गिदवाहा गांव में मुक्तिधाम की व्यवस्था करने, पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनवाने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल परिसर का निर्माण कराने की मांग की गई है। साथ ही, जहां सोलर लाइट नहीं लगी हैं वहां उन्हें स्थापित करने, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, और पात्र गरीब परिवारों को आवास, पेंशन व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ किसानों की फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित पोषाहार वितरण, मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क वाले गांवों में बाउंड्रीवाल व प्रतिमा स्थापित कराने की मांग भी शामिल है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भीम आर्मी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष सोनू चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष गोलू चौधरी, सीताराम चौधरी, संदीप, सुनील चौधरी हंसरी, नीरज, अजय, हरीशचंद, धर्मेंद्र, सोनू धुरवारा, अनीश कुमार, भागीरथ, संजय, अनिकेत, राजकुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित शिव धाम कॉलोनी में कृषि विभाग ने सरकारी मूंगफली बीज की कथित कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक मकान के बंद कमरे में छापेमारी कर बिना किसी वैध दस्तावेज के छिपाकर रखा गया लगभग 22 क्विंटल सरकारी मूंगफली बीज बरामद किया है। मौके से करीब 200 बोरियों में भरा यह बीज जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस सरकारी बीज को अवैध रूप से खुले बाजार में बेचने की तैयारी चल रही थी। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किया गया यह बीज एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के माध्यम से किसानों को बुवाई के लिए निःशुल्क वितरित किया जाना था। यदि यह बीज बाजार में बेच दिया जाता, तो पात्र किसान सरकारी योजना के लाभ से वंचित रह जाते। विभाग ने बरामद बीज को अपने कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह बीज वहां कैसे पहुंचा और इस खेल में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच में दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने इस पूरी कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा करने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम बताया है।4
- सागर जिले के बीना में शासन-प्रशासन के रवैये से परेशान और हताश होकर सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने से भारी आक्रोश फैल गया है। कुल 164 बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब प्रशासन ने तीन वर्षों में कोई सुनवाई नहीं की, तो गौ सेवकों ने सड़क पर बैठकर अपनी पीड़ा जाहिर की। इसके बाद सागर जिले की खिमलासा तहसील में 11 गौ सेवकों पर सड़क पर बैठने का मुकदमा कायम कर दिया गया। गौ सेवकों में इस बात को लेकर गहरा दुख और गुस्सा है कि मध्य प्रदेश की भूमि पर सिर्फ उन पर ही इस तरह का अत्याचार क्यों हो रहा है। उनका कहना है कि पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और अब अन्य गौ सेवकों पर मुकदमे लादे जा रहे हैं। वे बिना किसी सरकारी तनख्वाह या सुविधा के दिन-रात गौ माता की सेवा और रक्षा करते हैं, फिर भी न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। गौ सेवकों ने प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब ग्वालियर के डबरा में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम की और वे सड़कों पर लेट गए, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ? इस कार्रवाई के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त किया जाए और गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा रूप अख्तियार करेगा। वहीं, गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष में साधु-संतों के बाद अब मुस्लिम, सिख और ईसाई भाई भी गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने सरकार से विलंब न करते हुए चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और गौ रक्षकों पर दर्ज निराधार व झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की है, अन्यथा आगे जगह-जगह आंदोलन की चेतावनी दी है। अपनी मांगों को लेकर कल सभी गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया और गोचर भूमि व गौ रक्षकों के संबंध में उन्हें भी एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, चंद्रेश, हरिओम शास्त्री, भोला गोस्वामी, रविंद्र ठाकुर, लालू महाराज, प्रद्युमन शर्मा, राजा शर्मा, आनंद कुशवाह, दिनेश पटेल, दिनेश प्रजापति, राजेश जैन सहित कई अन्य गौ रक्षक मौजूद रहे।4
- सागर में एक संदेश के जरिए लोगों के लिए शुभ रात्रि की मंगलकामना की गई है। इस संदेश में कामना की गई है कि रात की चांदनी सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशियां भर दे। इसके साथ ही, ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे हर चिंता को दूर करें और आने वाला कल नई उम्मीदों तथा सफलता की सौगात लेकर आए। अंत में मीठे सपनों के साथ शुभ रात्रि और 'राधे राधे' की कामना साझा की गई है।2