राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई ने बुधवार को डॉक्टर्स डे के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित चैतन्य मानसिक विमंदित एवं पुनर्वास गृह में एक दिवसीय विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस दौरान चिकित्सा टीम ने मानसिक दिव्यांग बालकों के साथ डॉक्टर्स डे को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया, जिससे वहाँ का वातावरण खुशनुमा हो गया। शिविर में वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मीना, साइकियाट्रिक नर्स गौरव गोयल और सीआरए गौरव शर्मा ने अपनी सेवाएँ दीं। टीम ने पुनर्वास गृह के 67 बालकों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। चिकित्सा टीम ने इन बच्चों के साथ समय बिताया, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। इस अवसर पर मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मीना ने बालकों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर लक्षणों की पहचान और लगातार परामर्श से मानसिक समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है। शिविर के सफल आयोजन में प्रदीप शर्मा और गोपाल शर्मा सहित सभी स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्थान प्रबंधन ने चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई ने बुधवार को डॉक्टर्स डे के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित चैतन्य मानसिक विमंदित एवं पुनर्वास गृह में एक दिवसीय विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस दौरान चिकित्सा टीम ने मानसिक दिव्यांग बालकों के साथ डॉक्टर्स डे को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया, जिससे वहाँ का वातावरण खुशनुमा हो गया। शिविर में वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मीना, साइकियाट्रिक नर्स गौरव गोयल और सीआरए गौरव शर्मा ने अपनी सेवाएँ दीं। टीम ने पुनर्वास गृह के 67 बालकों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। चिकित्सा टीम ने
इन बच्चों के साथ समय बिताया, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। इस अवसर पर मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मीना ने बालकों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर लक्षणों की पहचान और लगातार परामर्श से मानसिक समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है। शिविर के सफल आयोजन में प्रदीप शर्मा और गोपाल शर्मा सहित सभी स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्थान प्रबंधन ने चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं।
- करौली जिले के हिंडौन नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सीतापुर में 24 जून को अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकेश गुर्जर द्वारा नई मंडी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, चोर इनवर्टर, बैटरी, ₹16,000 नकद और एक क्षतिग्रस्त स्मार्ट टीवी सहित लगभग ₹2,10,000 की संपत्ति चुरा ले गए। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया था, लेकिन घटना के 5-6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इसी के चलते बुधवार सुबह 8:30 बजे कई ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने पुलिस से चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।1
- एक विधवा महिला के साथ एक वारदात हुई, जब वह अपना खेत जुतवाने के लिए गई थी।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप, करौली जिले के पांचना बांध के जल वितरण से संबंधित 20 वर्ष पुराने विवाद का समाधान हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में आयोजित समझौता वार्ता के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में एक लिखित समझौता संपन्न हुआ। इस दौरान सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में जनहित को प्राथमिकता देते हुए सहमति व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के पांचना बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, लेकिन वर्ष 2006 के बाद से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बाधित था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए, तभी नहरों में जल प्रवाह की अनुमति दी जाए। 20 वर्षों से चली आ रही इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए पहले कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए थे। हालांकि, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम के माध्यम से पानी दिए जाने की घोषणा की। इस बजट घोषणा से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना और इसके बाद नहरों की मरम्मत के लिए ₹11.50 करोड़ की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब पूरा होने की कगार पर है। आज की चर्चा में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया। प्रेस वार्ता के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी सकारात्मक सोच के कारण ही दोनों पक्षों के बीच संवाद के बाद सहमति बन पाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों की उचित मांगों को मान लिया है और बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख सात दिन के भीतर विभाग द्वारा तय कर ली जाएगी। अब नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन करते हुए इसकी टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, दोनों पक्षों द्वारा सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने और कमांड क्षेत्र के भीतर लिफ्ट योजना के माध्यम से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग पर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल प्रवाह शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया, जबकि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने इस विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और उपस्थित किसानों से आपसी सहयोग, समन्वय तथा सौहार्द बनाए रखने के लिए आग्रह किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग राजस्थान जयपुर अभय कुमार, ए.डी.जी.पी. डायरेक्टर आरपीए संजीव नार्जरी, शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग कृष्ण कुणाल, महानिरीक्षक भरतपुर कैलाश चन्द बिश्नोई, संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग भुवन भास्कर, जिला कलक्टर सवाई माधोपुर कानाराम, पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर जयेष्ठा मैत्रयी, जिला कलक्टर करौली अक्षय गोदारा और पुलिस अधीक्षक करौली लोकेश सोनवाल भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने परियोजना में उत्पन्न गतिरोध के समाधान से जुड़े सभी पहलुओं तथा राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। इस अवसर पर गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी दो दशक पुरानी इस समस्या का समाधान करने पर भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर 20 वर्ष पुराने विवाद का समाधान हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता संपन्न हुआ। सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस पर सहमति जताई। उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के पांचना बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, लेकिन वर्ष 2006 के बाद से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह नहीं हो रहा था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए, तभी नहरों में जल प्रवाह की अनुमति दी जाए। 20 वर्ष से चली आ रही इस मांग को पूरा करने के लिए पहले कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए थे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम के माध्यम से पानी दिए जाने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू किया गया, जो अब पूरा होने की ओर है। समझौता वार्ता के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत द्वारा इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं और बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख विभाग सात दिन के भीतर तय कर लेगा। नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन करते हुए इसकी टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने तथा कमांड क्षेत्र के भीतर लिफ्ट योजना के माध्यम से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांगों पर भी शीघ्र कार्य शुरू किया जाएगा। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया, वहीं मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित किया और उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग, समन्वय और सौहार्द बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग राजस्थान जयपुर अभय कुमार, ए.डी.जी.पी. डायरेक्टर आरपीए संजीव नार्जरी, शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग कृष्ण कुणाल, महानिरीक्षक भरतपुर कैलाश चन्द बिश्नोई, संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग भुवन भास्कर, जिला कलक्टर सवाई माधोपुर कानाराम, पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर जयेष्ठा मैत्रयी, जिला कलक्टर करौली अक्षय गोदारा और पुलिस अधीक्षक करौली लोकेश सोनवाल ने परियोजना में उत्पन्न गतिरोध के समाधान से जुड़े सभी पहलुओं तथा राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। इस अवसर पर गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी दो दशक पुरानी समस्या का समाधान करने पर भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।1
- सवाई माधोपुर में 1 जुलाई को आयोजित सहकार सप्ताह के शुभारंभ और कृषक सम्मान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर काना राम ने किसानों से जैविक तथा प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी फसल सीजन में उन्नत बीज और खाद का उपयोग करने पर जोर दिया और खरीफ फसल सीजन में रासायनिक खादों की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इस अवसर पर उन्होंने सहकारी समितियों और खाद-बीज विक्रेताओं से भी जैविक खेती के उत्पाद किसानों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया। कलक्टर काना राम ने जिला तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों से अपने खाद-बीज काउंटरों पर उन्नत खाद और बीज बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बारिश के तुरंत बाद कृषि आदानों की मांग बढ़ेगी, और ऐसे माहौल में समितियों के प्रबंधकों तथा किसानों को अमानक बीज और घटिया खाद की बिक्री के प्रति सचेत रहना होगा। उन्होंने सहकारिता और कृषि अधिकारियों को सहकार सप्ताह के दौरान आम लोगों को प्रगतिशील खेती-किसानी के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवधि में सहकारी समितियां अपनी सदस्य संख्या बढ़ाएं और नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन करें। इसके अतिरिक्त, जिन सहकारी समितियों के पास कस्टम हायरिंग केंद्र खुले हैं, वहां उपलब्ध कृषि उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए सदस्य किसानों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया, जिससे समितियों के राजस्व में वृद्धि होगी और उपकरणों का सही उपयोग हो पाएगा। जिला कलक्टर ने सहकारी बैंकों के माध्यम से पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऋण लेकर घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ऋण देने की नई योजना चलाई है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपनी समितियों के माध्यम से कम-से-कम ब्याज दर पर उठाना चाहिए। समारोह के दौरान, काना राम ने प्राकृतिक खेती सहित अन्य नवाचारों के लिए क्षेत्र के तीन प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया। साथ ही, केंद्रीय जिला एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उनके अध्यक्षों और व्यवस्थापकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारी बैंकों के नए ग्राहक किसानों को एटीएम कार्ड भी वितरित किए गए और सरस डेयरी सवाई माधोपुर के उत्पादों के सूचना-पत्रक का विमोचन किया गया। सहकार सप्ताह के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक बिजेन्द्र कुमार शर्मा, सरस डेयरी के जिला प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सैन, पूर्व उपसभापति राजेश गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कार्मिक उपस्थित रहे।2
- धौलपुर जिले के पैतृक गांव भभूतीपुरा में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुँचे। जगन गुर्जर के भाई पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू पुलिस अभिरक्षा में पैरोल पर श्मशान घाट पहुँचे। इन तीनों भाइयों के पहुँचने के बाद ही जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए था।2
- करौली शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोर अमन जाटव का कथित तौर पर अपहरण कर जंगल में ले जाकर बेरहमी से मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पीड़ित की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इंद्रा कॉलोनी निवासी भावना जाटव ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका 15 वर्षीय पुत्र अमन जाटव गुलाब बाग क्षेत्र की एक मिठाई की दुकान पर मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता है। 28 जून की शाम करीब 6 बजे अमन काम से घर लौट रहा था, तभी गुडला निवासी अभिषेक गुर्जर अपने तीन-चार साथियों के साथ उससे मिला और दुकान से पैसे लाने का दबाव बनाने लगा। अमन द्वारा मना करने पर आरोपियों ने उसे जबरन एक कार में बैठाया और गुडला बांध के पास जंगल में ले गए। आरोप है कि जंगल में नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट की गई; उसे जमीन पर पटक-पटक कर पीटा गया और उल्टा लटकाकर भी मारा गया। इस दौरान आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस क्रूर मारपीट में घायल किशोर अमन के हाथ, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, और उसका उपचार फिलहाल जिला अस्पताल करौली में जारी है। नाबालिग की मां ने अपनी रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसके बेटे का मोबाइल फोन और घड़ी भी छीन ली। पीड़ित परिवार ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। करौली डीएसपी अनुज शुभम ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जानकारी मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है और उनकी तलाश जारी है। डीएसपी शुभम के अनुसार, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1