मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में लगातार हो रही बारिश के बाद वार्ड नंबर 17 में जलजमाव की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वार्ड के बाशिंदों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नालियों की सफाई नहीं होने और निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी बारिश में ही पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जलजमाव वाले पानी में कीचड़ और कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी कोसर ने बताया कि उन्हें रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां घुटने तक पानी भरा रहता है और कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस जलजमाव के कारण बिजली के खंभों के पास पानी भरने से हर वक्त करंट लगने का गंभीर खतरा बना रहता है, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों के दुकानों तक न पहुंच पाने से स्थानीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समस्या से परेशान वार्ड वासियों ने नगर परिषद और वार्ड नंबर 17 के पार्षद से युद्ध स्तर पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराने और नालियों की सफाई का विशेष अभियान चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी जल्दी कदम उठाता है।
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में लगातार हो रही बारिश के बाद वार्ड नंबर 17 में जलजमाव की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वार्ड के बाशिंदों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नालियों की सफाई नहीं होने और निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी बारिश में ही पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे
हैं। जलजमाव वाले पानी में कीचड़ और कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी कोसर ने बताया कि उन्हें रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां घुटने तक पानी भरा रहता है और कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस जलजमाव के कारण बिजली के खंभों के पास पानी भरने से हर वक्त करंट लगने का गंभीर खतरा बना रहता है, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों
के दुकानों तक न पहुंच पाने से स्थानीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समस्या से परेशान वार्ड वासियों ने नगर परिषद और वार्ड नंबर 17 के पार्षद से युद्ध स्तर पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराने और नालियों की सफाई का विशेष अभियान चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी जल्दी कदम उठाता है।
- मुजफ्फरपुर के मीनापुर में 'जय निषाद राज' के उद्घोष के साथ मुकेश सहनी और वीआईपी पार्टी के समर्थन में जोरदार आवाज बुलंद की जा रही है। यहाँ अत्यंत उत्साह और जोश के साथ 'मुकेश साहनी जिंदाबाद' और 'वीआईपी पार्टी जिंदाबाद' के नारे लगाए जा रहे हैं।1
- पूर्वी चंपारण के सिरहाकोठी में नवहन यज्ञ के लिए चंदा मांगने पहुंचे ब्राह्मणों और स्थानीय प्रबुद्ध लोगों के बीच अयोध्या के राम मंदिर, बद्रीनाथ धाम और थावे मंदिर में चंदा चोरी व गबन की घटनाओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सिरहा गांव स्थित भार्गव भवन में दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक रवि कुमार भार्गव के आतिथ्य में हुई इस चर्चा में बेडिबंध मधुबन सीताकुंड से आए ब्राह्मण मुकेश कुमार पांडे, सुनील कुमार पांडे और सिरहा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पति श्री संजय कुमार श्रीवास्तव शामिल हुए। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि राम मंदिर अयोध्या और बद्रीनाथ धाम में जनता द्वारा आस्था से चढ़ाए गए चंदे की राशि के गबन और थावे स्थित माता दुर्गा के मंदिर से मुकुट व मूर्ति चोरी होने जैसी घटनाओं से देश की जनता की आस्था को भारी ठेस पहुंची है। मुकेश कुमार पांडे ने इस घटना को एक बेहद गंभीर विषय बताया। इन घटनाओं का असर अब देहात क्षेत्रों में भी दिखने लगा है, जिससे लोग अब धार्मिक कार्यों के लिए चंदा देने से कतराने लगे हैं। इस पूरे मामले पर गंभीर रोष व्यक्त करते हुए सुनील कुमार पांडे ने मांग की है कि भगवान के नाम पर चढ़ाई गई चंदे की राशि या आस्था की सामग्री चोरी और गबन करने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा उम्र कैद की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने देश के बड़े अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा जांच बिठाकर मामलों को वर्षों तक लंबित रखने की प्रथा की कड़ी आलोचना की, जिससे आरोपी बाद में मुक्त हो जाते हैं। उनका मानना है कि गलती करने वाले स्थान पर ही तुरंत सजा दी जानी चाहिए। इसी सुर में श्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने भी कहा कि जांच जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर आरोपियों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए और दोषियों को घटनास्थल पर ही सजा मिलनी चाहिए ताकि जनता की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा न हो सके।1
- बिहार के सिवान में पहला ऐसा अस्पताल बना है जिसमें डॉक्टर की फीस मात्र ₹50 रखी गई है। न्यू लाइफ हॉस्पिटल की इस बेहद कम फीस वाली व्यवस्था की पूरे बिहार में काफी चर्चा हो रही है।1
- पूर्वी चंपारण के कोटवा अंचल से एक बड़ा नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के जरिए यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि किसी का भूमि पर कोई दावा है, तो वह अपने साक्ष्यों के साथ वहां उपस्थित हो।1
- मुजफ्फरपुर के जुरन छपड़ा में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में लगातार हो रही बारिश के बाद वार्ड नंबर 17 में जलजमाव की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वार्ड के बाशिंदों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नालियों की सफाई नहीं होने और निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी बारिश में ही पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जलजमाव वाले पानी में कीचड़ और कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी कोसर ने बताया कि उन्हें रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां घुटने तक पानी भरा रहता है और कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस जलजमाव के कारण बिजली के खंभों के पास पानी भरने से हर वक्त करंट लगने का गंभीर खतरा बना रहता है, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों के दुकानों तक न पहुंच पाने से स्थानीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समस्या से परेशान वार्ड वासियों ने नगर परिषद और वार्ड नंबर 17 के पार्षद से युद्ध स्तर पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराने और नालियों की सफाई का विशेष अभियान चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी जल्दी कदम उठाता है।3
- मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में 14 जुलाई 2026 की रात को हुई मूसलाधार बारिश ने गर्मी और उमस से परेशान किसानों के चेहरे पर खुशियाँ लौटा दी हैं। इस बारिश का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है, जिससे किसानों ने धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। इसके चलते अब खेतों में ट्रैक्टरों और मजदूरों की चहल-पहल काफी बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से मानसून की कमी के कारण चिंतित किसानों का कहना है कि समय पर बारिश होने से इस बार धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद है, जिससे उनकी चिंता अब दूर हो गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर हुई यह बारिश धान की रोपाई के लिए काफी लाभदायक है और इससे फसल का उत्पादन भी अच्छा होगा। हालांकि, दूसरी तरफ जलजमाव वाले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है।1
- नेपाल में जब भी पानी अधिक होता है, तो वह अपनी मजबूरी के कारण उसे बिहार की तरफ ही छोड़ेगा, लेकिन कोसी नदी के इस पानी का सदुपयोग कैसे करना है, यह सोचना बिहार का काम है। बिहार में होने वाले घोटालों पर तीखा कटाक्ष करते हुए मांग की गई है कि घोटालों के पैसों से पुलों का निर्माण किया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो सरकार कोसी बैराज और कोसी नदी के पानी का सही तरीके से सदुपयोग कर पाएगी।1
- मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना गेट पर पारिवारिक विवाद को लेकर आए दो पक्षों के परिजनों के बीच जमकर मारपीट हो गई, जिससे परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, किसी मामले को लेकर दोनों पक्ष थाने आए थे। बातचीत के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और थाना गेट पर ही लाठी-डंडे चलने लगे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और मामले को शांत कराया। इस मारपीट में कुछ लोग चोटिल भी हुए हैं, जिन्हें पुलिस ने थाने के अंदर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। मोतीपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद का है। दोनों पक्षों से आवेदन लिया जा रहा है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, थाने के अंदर ही इस तरह की घटना होने से लोगों में पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।1