*मेरठ में फर्जी पुलिस-चौकी, वर्दी पहनकर बैठते थे:* कमरे में अंबेडकर-गांधी की तस्वीरें; फोन पर लड़की बनकर लोगों को फंसाते थे नकली पुलिस स्टाफ: गिरोह के सदस्य खुद को एसएचओ (SHO), सीओ (CO), एसओ (SO) और दरोगा बताकर पुलिस की वर्दी पहनकर बैठते थे.चौकी का माहौल: लोगों को सच दिखाने और विश्वास जीतने के लिए उन्होंने दफ्तर के कमरे में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगा रखी थीं.हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: यह गैंग इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर लड़की बनकर या अन्य माध्यमों से युवकों को अपने जाल में फंसाता था और मिलने के बहाने बुलाता था.फर्जी एफआईआर और एनकाउंटर का डर: जब पीड़ित युवक वहां पहुंचते, तो उन्हें अगवा कर इस फर्जी दफ्तर में लाया जाता था. वहां उन्हें फर्जी एफआईआर (FIR) दिखाकर जेल भेजने और एनकाउंटर का डर देकर बंधक बनाया जाता और लाखों की रंगदारी वसूली जाती थी. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा
*मेरठ में फर्जी पुलिस-चौकी, वर्दी पहनकर बैठते थे:* कमरे में अंबेडकर-गांधी की तस्वीरें; फोन पर लड़की बनकर लोगों को फंसाते थे नकली पुलिस स्टाफ: गिरोह के सदस्य खुद को एसएचओ (SHO), सीओ (CO), एसओ (SO) और दरोगा बताकर पुलिस की वर्दी पहनकर बैठते थे.चौकी का माहौल: लोगों को सच दिखाने और विश्वास जीतने के लिए उन्होंने दफ्तर के कमरे में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगा रखी थीं.हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: यह गैंग इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर लड़की बनकर या अन्य माध्यमों से युवकों को अपने जाल में फंसाता था और मिलने के बहाने बुलाता था.फर्जी एफआईआर और एनकाउंटर का डर: जब पीड़ित युवक वहां पहुंचते, तो उन्हें अगवा कर इस फर्जी दफ्तर में लाया जाता था. वहां उन्हें फर्जी एफआईआर (FIR) दिखाकर जेल भेजने और एनकाउंटर का डर देकर बंधक बनाया जाता और लाखों की रंगदारी वसूली जाती थी. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा
- केशव सृष्टी तर्फे जिल्हा परिषद केंद्र शाळेला शैक्षणिक साहित्याचे वाटप दरवर्षीप्रमाणे यावर्षी देखील केशव सृष्टीतर्फे जिल्हा परिषद केंद्र शाळेला शैक्षणिक साहित्याचे वाटप करण्यात आलेले आहे शैक्षणिक साहित्य मध्ये मुलांना सुंदर अशी पुस्तक ठेवण्यासाठी बॅग वह्या अशा प्रकारचे साहित्य देण्यात आलेले आहे समाजाची बांधिलकी राखत गोरगरिबांची आदिवासींची मुलं पुढे जाऊयात हा त्यांचा आदिवासी मुलांना शैक्षणिक साहित्याची कमी पडू नये असा त्यांचा प्रामाणिक प्रयत्न आहे3
- 9 ऑगस्ट 2026 रोजी येणाऱ्या जागतिक आदिवासी दिनाची जय्यत तयारी शासकीय माध्यमिक आश्रम शाळा सुसरवाडी येथे 9 ऑगस्ट जागतिक आदिवासी दिन मोठ्या उत्साहात साजरा होण्यासाठी विद्यार्थ्यांची जय्यत तयारी चालु असल्याचे पहायला मिळत आहे.1
- आज बोरिवली मे मनोज कुमार के दोवारा रफी जी के याद मे एक Programme रफी नाईट पेश किया गया । आज मनोज कुमार के दोवारा मेरी आवाज सुनो Program बोरिवली के परबोधानकर आडोटोरियम मे पेश किया गया ।पुरी टीम ने दर्शको का मन मोह लीया ।1
- मुंब्रा शिमला पार्क पर सिग्नल लगाए जाने पर NCP AP स्पोक पर्सन Dr मुमताज़ शाह ने क्या कहा देखिए BNN NEWS मुंब्रा शिमला पार्क पर सिग्नल लगाए जाने पर NCP AP स्पोक पर्सन Dr मुमताज़ शाह ने क्या कहा देखिए BNN NEWS1
- अरविंद केजरीवाल का तंज: "कल आपका वीडियो आया था, ऐसा लगा आप रो देंगे।"? अरविंद केजरीवाल का तंज: "कल आपका वीडियो आया था, ऐसा लगा आप रो देंगे।"?1
- प्रीति और जैस्मिन बॉक्सिंग चैंपियन, सोमन ने पैरा शॉटपुट जीता; अब तक 30 मेडल प्रीति पवार (बॉक्सिंग): महिलाओं के 54 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।जैस्मिन लंबोरिया (बॉक्सिंग): महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग के बेहद कड़े फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की मौजूदा चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 से मात देकर भारत की झोली में दूसरा बॉक्सिंग गोल्ड डाला।सोमन राणा (पैरा शॉटपुट): पुरुषों की F57 गोला फेंक (Shot Put) स्पर्धा में 13.40 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो कर रजत (Silver) पदक हासिल किया ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- *मेरठ में फर्जी पुलिस-चौकी, वर्दी पहनकर बैठते थे:* कमरे में अंबेडकर-गांधी की तस्वीरें; फोन पर लड़की बनकर लोगों को फंसाते थे नकली पुलिस स्टाफ: गिरोह के सदस्य खुद को एसएचओ (SHO), सीओ (CO), एसओ (SO) और दरोगा बताकर पुलिस की वर्दी पहनकर बैठते थे.चौकी का माहौल: लोगों को सच दिखाने और विश्वास जीतने के लिए उन्होंने दफ्तर के कमरे में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगा रखी थीं.हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: यह गैंग इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर लड़की बनकर या अन्य माध्यमों से युवकों को अपने जाल में फंसाता था और मिलने के बहाने बुलाता था.फर्जी एफआईआर और एनकाउंटर का डर: जब पीड़ित युवक वहां पहुंचते, तो उन्हें अगवा कर इस फर्जी दफ्तर में लाया जाता था. वहां उन्हें फर्जी एफआईआर (FIR) दिखाकर जेल भेजने और एनकाउंटर का डर देकर बंधक बनाया जाता और लाखों की रंगदारी वसूली जाती थी. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1