छतरपुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख रूप से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM-G), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता विभाग, वेयरहाउसिंग तथा नागरिक आपूर्ति निगम से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड विशेष अभियान चलाकर बनाए जाएं, ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी ग्रामीण सड़कों, पुलों और पुलियाओं का 15 दिनों के भीतर निरीक्षण कर गारंटी अवधि में क्षतिग्रस्त कार्यों की तत्काल मरम्मत कराने तथा मजरा-टोला योजना के अधूरे सड़क कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाकर स्वीकृत एवं पूर्ण कराए जाएं, और प्रत्येक कार्य का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। जल निगम की कुटने-राजनगर परियोजना सहित सभी पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान, इंटेकवेल निर्माण में डैम में पानी भरे होने से आ रही समस्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक तकनीक अपनाने तथा पानी की टंकियों के निर्माण में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को हिदायत दी गई कि हितग्राहियों की राशि में हेरफेर या अन्य अनियमितता करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी जांच कर कार्यवाही की जाए। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जिन गांवों में राशन दुकान नहीं है, वहां नियमानुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन वितरण में लापरवाही करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही का आदेश दिया, खासकर राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में तीन माह में राशन वितरण होने के मामले पर। सागर-कानपुर फोरलेन परियोजना के तहत एनएचएआई को छतरपुर बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाओं में प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचने के बाद ही कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाए, और सटई में एक अतिरिक्त पानी की टंकी का प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में विधायक छतरपुर ललिता यादव, विधायक बिजावर राजेश शुक्ला, विधायक राजनगर विधानसभा क्षेत्र अरविंद पटेरिया सहित निकायों एवं जनपदों के अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित जनपद सीईओ, निकायों के सीएमओ एवं जिला अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के अंत में, केंद्रीय मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की अपील की।
छतरपुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख रूप से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM-G), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता विभाग, वेयरहाउसिंग तथा नागरिक आपूर्ति निगम से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड विशेष अभियान चलाकर बनाए जाएं, ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी ग्रामीण सड़कों, पुलों और पुलियाओं का 15 दिनों के भीतर निरीक्षण कर गारंटी अवधि में क्षतिग्रस्त कार्यों की तत्काल मरम्मत कराने तथा मजरा-टोला योजना के अधूरे सड़क कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाकर स्वीकृत एवं पूर्ण कराए जाएं, और प्रत्येक कार्य का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। जल निगम की कुटने-राजनगर परियोजना सहित सभी पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान, इंटेकवेल निर्माण में डैम में पानी भरे होने से आ रही समस्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक तकनीक अपनाने तथा पानी की टंकियों के निर्माण में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को हिदायत दी गई कि हितग्राहियों की राशि में हेरफेर या अन्य अनियमितता करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी जांच कर कार्यवाही की जाए। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जिन गांवों में राशन दुकान नहीं है, वहां नियमानुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन वितरण में लापरवाही करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही का आदेश दिया, खासकर राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में तीन माह में राशन वितरण होने के मामले पर। सागर-कानपुर फोरलेन परियोजना के तहत एनएचएआई को छतरपुर बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाओं में प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचने के बाद ही कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाए, और सटई में एक अतिरिक्त पानी की टंकी का प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में विधायक छतरपुर ललिता यादव, विधायक बिजावर राजेश शुक्ला, विधायक राजनगर विधानसभा क्षेत्र अरविंद पटेरिया सहित निकायों एवं जनपदों के अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित जनपद सीईओ, निकायों के सीएमओ एवं जिला अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के अंत में, केंद्रीय मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की अपील की।
- छतरपुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख रूप से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM-G), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता विभाग, वेयरहाउसिंग तथा नागरिक आपूर्ति निगम से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड विशेष अभियान चलाकर बनाए जाएं, ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी ग्रामीण सड़कों, पुलों और पुलियाओं का 15 दिनों के भीतर निरीक्षण कर गारंटी अवधि में क्षतिग्रस्त कार्यों की तत्काल मरम्मत कराने तथा मजरा-टोला योजना के अधूरे सड़क कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री ने कहा कि सभी निर्माण कार्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाकर स्वीकृत एवं पूर्ण कराए जाएं, और प्रत्येक कार्य का भूमिपूजन एवं लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। जल निगम की कुटने-राजनगर परियोजना सहित सभी पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान, इंटेकवेल निर्माण में डैम में पानी भरे होने से आ रही समस्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार वैकल्पिक तकनीक अपनाने तथा पानी की टंकियों के निर्माण में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को हिदायत दी गई कि हितग्राहियों की राशि में हेरफेर या अन्य अनियमितता करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी जांच कर कार्यवाही की जाए। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जिन गांवों में राशन दुकान नहीं है, वहां नियमानुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन वितरण में लापरवाही करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही का आदेश दिया, खासकर राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में तीन माह में राशन वितरण होने के मामले पर। सागर-कानपुर फोरलेन परियोजना के तहत एनएचएआई को छतरपुर बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाओं में प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचने के बाद ही कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाए, और सटई में एक अतिरिक्त पानी की टंकी का प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में विधायक छतरपुर ललिता यादव, विधायक बिजावर राजेश शुक्ला, विधायक राजनगर विधानसभा क्षेत्र अरविंद पटेरिया सहित निकायों एवं जनपदों के अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित जनपद सीईओ, निकायों के सीएमओ एवं जिला अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के अंत में, केंद्रीय मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण करने और कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की अपील की।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज, 29 जून को रात करीब 8:00 बजे संपन्न हुआ। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के नेतृत्व में, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह और साइबर प्रभारी नेहा गुर्जर की टीम ने अस्पताल परिसर का दौरा किया। पुलिस दल ने वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ सदस्यों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया। पुलिस टीम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और उन्हें यह भी बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य आमजन को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।1
- केंद्रीय मंत्री ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में राशन की दुकानें नहीं हैं या दुकान की दूरी अधिक है, वहां नियमों के अनुसार अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोली जानी चाहिए। साथ ही, मंत्री ने राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में, उन्होंने राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में एक विशिष्ट मामले का उल्लेख किया, जहां तीन माह में केवल एक बार राशन वितरित किया गया था। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।1
- छतरपुर जिले के राजनगर तहसील कार्यालय के लालपुर सर्कल में दबंगों द्वारा शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्य से संबंधित एक जांच रिपोर्ट को दिनदहाड़े एक फाइल से जबरन फाड़ दिया गया है, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे तहसीलदार की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता रामपाल सिंह, जो डिगौनी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनके भाई का पैतृक मकान गत वर्ष तेज बारिश में ढह गया था। उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ा और कुछ महीने वहीं रुकना पड़ा। मकान गिरने के बाद पटवारी ने उनके मकान को शासकीय बताकर गलत रिपोर्ट लगा दी थी। जब रामपाल सिंह को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए राशि मिली, तो दबंगों ने फर्जी शिकायत करके पटवारी से फिर गलत जांच रिपोर्ट बनवा ली और उनके कार्य को रुकवा दिया। इसके बाद पीड़ित ने तहसील कार्यालय पहुंचकर दोबारा जांच की मांग की, जिस पर तहसीलदार ने आरआई (राजस्व निरीक्षक) लक्ष्मी प्रसाद अहिरवार को जांच सौंपी। आरआई ने मौके पर जाकर निष्पक्ष और बारीकी से जांच की, और अपनी रिपोर्ट तहसील कार्यालय के बाबू (क्लर्क) के पास सौंप दी थी। हालांकि, जब पीड़ित रामपाल सिंह कार्यालय पहुंचे, तो फाइल में वह जांच रिपोर्ट गायब थी। बाबू ने अपनी नाकामी छुपाते हुए कहा कि फाइल में से कोई जांच रिपोर्ट फाड़कर ले गया है और अब उन्हें दोबारा पीडीएफ मंगानी पड़ेगी। इस घटना से यह गंभीर प्रश्न उठ रहा है कि आखिर शासकीय रिकॉर्ड के साथ ऐसी छेड़खानी कौन कर सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दबंगों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके भाई का फायदा उठाया है। इस तरह की घटनाएं न केवल शासकीय रिकॉर्ड की गोपनीयता को भंग करती हैं, बल्कि आम जनमानस में भी अविश्वास पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।4
- छतरपुर जिले के ग्राम कैड़ी स्थित अजयपार धाम सरकार में 28 जून को निर्धन कन्या विवाह महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की आर्थिक रूप से कमजोर एक महिला की बेटी का विवाह पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया। इस पुण्य कार्य में भगत करण कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। आयोजन के दौरान लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। मानव सेवा और सामाजिक सहयोग की इस अनूठी मिसाल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।1
- छतरपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने आज 29 जून को दोपहर करीब 2:00 बजे राहुल गांधी के 'गुमशुदा' पोस्टरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि, "यह तो उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह की स्थितियां क्यों निर्मित हों।" डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति या दल को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर कैसी धारणा बन रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कोई सीधा राजनीतिक आरोप लगाने से परहेज किया। उनका यह बयान दिशा समिति की बैठक के बाद मीडिया के साथ एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान सामने आया, जिसके उपरांत राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गरमागरम चर्चा शुरू हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के घिनोची गाँव में पुलिस की 'घूसखोरी' के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर बड़ामलहरा SDOP रोहित अलावा ने सरेआम हाथ-पैर बरसाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 934 पर चक्काजाम किया था, जिसे खुलवाने के लिए पहुँचे SDOP ने कथित तौर पर इंसाफ की जगह उन्हें पीटा। बताया जा रहा है कि गुलगंज पुलिस पर 'लेनदेन' यानी रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दिनदहाड़े चोरी के एक आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया था। खाकी के इस 'डबल टॉर्चर' से भड़के ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद यह मारपीट की घटना सामने आई। वायरल वीडियो में SDOP की यह 'करतूत' कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का भारी गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई को 'चोर पर रहम और ग्रामीणों पर सिटम' तथा 'चोर छोड़ा, जनता तोड़ी' बताते हुए कड़ी निंदा की जा रही है।1