झांसी में ‘हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति’ का ज्ञापन: सामाजिक सुरक्षा और कड़े कानूनों की उठी मांग” झाँसी। जनपद में सामाजिक सुरक्षा, महिला संरक्षण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग को लेकर हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति, झांसी द्वारा एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। इसके पूर्व मुक्ताकाशी मंच पर एक महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न हिंदूवादी एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, दीप प्रज्वलन में मुख्य रूप से नीरज गुप्ता प्रांत सयोजक, डॉ संदीप सरावगी, आशीष उपाध्याय, जयदीप खरे, पीयूष रावत, सक्षम जी जिला प्रचारक, सोमेंद्र जी विश्व हिन्दू परिषद, सौरव जी हिन्दू जागरण मंच आदि उपस्थित रहे। ज्ञापन में तथाकथित “लव जिहाद” से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कठोर विधिक एवं प्रशासनिक प्रावधान लागू करने की मांग की गई है। समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य में छल, प्रलोभन अथवा दबाव के माध्यम से होने वाले कथित धर्मांतरण और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है, ताकि सामाजिक संतुलन एवं जन-सुरक्षा को मजबूती मिल सके। इसी क्रम में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। ज्ञापन में प्रत्येक जनपद में ऐसे मामलों की सुनवाई हेतु विशेष पुलिस थानों की स्थापना और गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के गठन की मांग की गई है। साथ ही मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें छह माह के भीतर ट्रायल पूर्ण करने की व्यवस्था हो। समिति ने इस प्रकार की गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले व्यक्तियों जैसे षड्यंत्रकर्ता, आर्थिक सहायता देने वाले और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। इन अपराधों को संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हुए सख्त कानून लागू करने का आग्रह भी किया गया। ज्ञापन में फर्जी पहचान के उपयोग को विशेष अपराध घोषित करने, अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने तथा अंतरधार्मिक अथवा प्रेम विवाह के मामलों में पूर्व सूचना देना अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त विवाह की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए दो स्वतंत्र साक्षियों की अनिवार्यता और महिला सुरक्षा के मद्देनजर जिम, सैलून एवं मसाज सेंटरों के नियमन की भी मांग उठाई गई। समिति ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए विवाह एवं पारिवारिक मामलों में समानता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही विदेश भेजे जाने की स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा हेतु पूर्व सूचना, सत्यापन और निगरानी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रजनी वर्मा, रंजना वर्मा, जीतू सोनी, मोहित अग्रवाल, रोहित महरौलिया, अरुण कुशवाहा, हर्षित, अनुज, सुमित विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम स्वामी, उपेंद्र बबेले, वासु पोखरेल, जीतू शिवहरे, राघव वर्मा, संजय राष्ट्रवादी, पुरुकेष अमरया आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ज्ञापन के अंत में समिति ने इन सभी प्रस्तावों को लागू कर राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। यह ज्ञापन सामाजिक सरोकारों और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर उठाई गई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
झांसी में ‘हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति’ का ज्ञापन: सामाजिक सुरक्षा और कड़े कानूनों की उठी मांग” झाँसी। जनपद में सामाजिक सुरक्षा, महिला संरक्षण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग को लेकर हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति, झांसी द्वारा एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। इसके पूर्व मुक्ताकाशी मंच पर एक महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न हिंदूवादी एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, दीप प्रज्वलन में मुख्य रूप से नीरज गुप्ता प्रांत सयोजक, डॉ संदीप सरावगी, आशीष उपाध्याय, जयदीप खरे, पीयूष रावत, सक्षम जी जिला प्रचारक, सोमेंद्र जी विश्व हिन्दू परिषद, सौरव जी हिन्दू जागरण मंच आदि उपस्थित रहे। ज्ञापन में तथाकथित “लव जिहाद” से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कठोर विधिक एवं प्रशासनिक प्रावधान लागू करने की मांग की गई है। समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य में छल, प्रलोभन अथवा दबाव के माध्यम से होने वाले कथित धर्मांतरण और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है, ताकि सामाजिक संतुलन एवं जन-सुरक्षा को मजबूती मिल सके। इसी क्रम में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। ज्ञापन में प्रत्येक जनपद में ऐसे मामलों की सुनवाई हेतु विशेष पुलिस थानों की स्थापना और गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के गठन की मांग की गई है। साथ ही मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें छह माह के भीतर ट्रायल पूर्ण करने की व्यवस्था हो। समिति ने इस प्रकार की गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले व्यक्तियों जैसे षड्यंत्रकर्ता, आर्थिक सहायता देने वाले और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। इन अपराधों को संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हुए सख्त कानून लागू करने का आग्रह भी किया गया। ज्ञापन में फर्जी पहचान के उपयोग को विशेष अपराध घोषित करने, अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने तथा अंतरधार्मिक अथवा प्रेम विवाह के मामलों में पूर्व सूचना देना अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त विवाह की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए दो स्वतंत्र साक्षियों की अनिवार्यता और महिला सुरक्षा के मद्देनजर जिम, सैलून एवं मसाज सेंटरों के नियमन की भी मांग उठाई गई। समिति ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए विवाह एवं पारिवारिक मामलों में समानता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही विदेश भेजे जाने की स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा हेतु पूर्व सूचना, सत्यापन और निगरानी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रजनी वर्मा, रंजना वर्मा, जीतू सोनी, मोहित अग्रवाल, रोहित महरौलिया, अरुण कुशवाहा, हर्षित, अनुज, सुमित विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम स्वामी, उपेंद्र बबेले, वासु पोखरेल, जीतू शिवहरे, राघव वर्मा, संजय राष्ट्रवादी, पुरुकेष अमरया आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ज्ञापन के अंत में समिति ने इन सभी प्रस्तावों को लागू कर राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। यह ज्ञापन सामाजिक सरोकारों और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर उठाई गई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
- झाँसी। जनपद में सामाजिक सुरक्षा, महिला संरक्षण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग को लेकर हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष समिति, झांसी द्वारा एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। इसके पूर्व मुक्ताकाशी मंच पर एक महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न हिंदूवादी एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, दीप प्रज्वलन में मुख्य रूप से नीरज गुप्ता प्रांत सयोजक, डॉ संदीप सरावगी, आशीष उपाध्याय, जयदीप खरे, पीयूष रावत, सक्षम जी जिला प्रचारक, सोमेंद्र जी विश्व हिन्दू परिषद, सौरव जी हिन्दू जागरण मंच आदि उपस्थित रहे। ज्ञापन में तथाकथित “लव जिहाद” से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कठोर विधिक एवं प्रशासनिक प्रावधान लागू करने की मांग की गई है। समिति ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य में छल, प्रलोभन अथवा दबाव के माध्यम से होने वाले कथित धर्मांतरण और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है, ताकि सामाजिक संतुलन एवं जन-सुरक्षा को मजबूती मिल सके। इसी क्रम में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। ज्ञापन में प्रत्येक जनपद में ऐसे मामलों की सुनवाई हेतु विशेष पुलिस थानों की स्थापना और गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के गठन की मांग की गई है। साथ ही मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें छह माह के भीतर ट्रायल पूर्ण करने की व्यवस्था हो। समिति ने इस प्रकार की गतिविधियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले व्यक्तियों जैसे षड्यंत्रकर्ता, आर्थिक सहायता देने वाले और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। इन अपराधों को संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हुए सख्त कानून लागू करने का आग्रह भी किया गया। ज्ञापन में फर्जी पहचान के उपयोग को विशेष अपराध घोषित करने, अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने तथा अंतरधार्मिक अथवा प्रेम विवाह के मामलों में पूर्व सूचना देना अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त विवाह की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए दो स्वतंत्र साक्षियों की अनिवार्यता और महिला सुरक्षा के मद्देनजर जिम, सैलून एवं मसाज सेंटरों के नियमन की भी मांग उठाई गई। समिति ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए विवाह एवं पारिवारिक मामलों में समानता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही विदेश भेजे जाने की स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा हेतु पूर्व सूचना, सत्यापन और निगरानी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रजनी वर्मा, रंजना वर्मा, जीतू सोनी, मोहित अग्रवाल, रोहित महरौलिया, अरुण कुशवाहा, हर्षित, अनुज, सुमित विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम स्वामी, उपेंद्र बबेले, वासु पोखरेल, जीतू शिवहरे, राघव वर्मा, संजय राष्ट्रवादी, पुरुकेष अमरया आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ज्ञापन के अंत में समिति ने इन सभी प्रस्तावों को लागू कर राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। यह ज्ञापन सामाजिक सरोकारों और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर उठाई गई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- Post by S News1
- झांसी रिक्शा चालक की ईमानदारी: लाखों के जेवर लौटाए, एसएसपी ने किया सम्मानित झांसी में ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जहां एक ई-रिक्शा चालक ने लाखों रुपये के जेवरात से भरा बैग पुलिस को सौंप दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए एसएसपी ने चालक को सम्मानित किया है। मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 20 अप्रैल 2026 को एक 32 वर्षीय महिला अपने मायके ग्राम बनवास, मध्य प्रदेश से लौट रही थीं। यात्रा के दौरान वह ई-रिक्शा में अपना बैग भूल गईं, जिसमें सोने और चांदी के कीमती आभूषण रखे हुए थे। महिला की सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की मदद से ई-रिक्शा की पहचान शुरू की गई। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक धर्मपाल सिंह अहिरवार निवासी कटीली, जिला दतिया (मध्य प्रदेश) ने ईमानदारी दिखाते हुए बैग को सुरक्षित रखा और अपने ग्राम प्रधान के माध्यम से पुलिस से संपर्क कर बैग सुपुर्द कर दिया। बैग में करीब 13 से 14 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण थे, जिन्हें सकुशल महिला को वापस कर दिया गया। सम्मान इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने धर्मपाल सिंह अहिरवार को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि ऐसे ईमानदार नागरिक समाज के लिए प्रेरणा हैं और पुलिस व जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। बाइट ssp झांसी3
- झाँसी की पावन धरती एक बार फिर संवेदना, संस्कार और सेवा के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब नंदनपुरा निवासी राधा रायकवार के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन सामाजिक सहयोग और आत्मीयता के रंगों से सराबोर हो उठा। पिता स्वर्गीय परशुराम रायकवार की स्मृतियों और माता रेखा रायकवार के स्नेहिल आशीर्वाद के बीच, 21 अप्रैल को होने वाली राधा की शादी से पूर्व संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में एक भावपूर्ण विदाई एवं उपहार समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने अपनी करुणा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वैवाहिक जीवन में बंधने जा रही वधू को फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी, पर्स सहित अनेक उपयोगी उपहार भेंट किए। राधा को “कलर्स ब्यूटी सैलून” से सुसज्जित कराया गया, जिससे उसके नए जीवन की शुरुआत सौंदर्य और आत्मविश्वास के उजास से भर उठी। यह दृश्य केवल एक विदाई नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया। इसी गरिमामयी अवसर पर संघर्ष सेवा समिति का मंच कला और साहित्य के सम्मान का भी साक्षी बना, जब प्रसिद्ध हिंदी फिल्म निर्देशक एवं लेखक हेमंत शरण का सम्मान किया गया। लगभग दो दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय हेमंत शरण, जिनकी कृतियाँ “धूप छांव” और “मुक्ति बोध” जैसी संवेदनशील फिल्मों में समाज की आत्मा को स्वर देती हैं, वे स्वयं डॉ. संदीप सरावगी के सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विशेष रूप से कन्याओं की विदाई जैसे पुण्य कार्य को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए डॉ. संदीप के प्रयासों की हृदय से सराहना की। उल्लेखनीय है कि उन्हें मराठी फिल्म “पंख” के लिए लेखक के रूप में सम्मान भी प्राप्त हो चुका है, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की व्यापकता को दर्शाता है। संयोग की मार्मिकता तब और बढ़ गई जब हेमंत शरण की उपस्थिति में ही एक कन्या की विदाई और उपहार भेंट का कार्यक्रम चल रहा था, मानो साहित्य और संवेदना, दोनों एक ही धारा में प्रवाहित हो रहे हों। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह में विजय नगरिया, जितेंद्र बिलैया, जानकी, सीतुल, अभिषेक, ब्रजेश निगम, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, बसंत गुप्ता, सुशांत गुप्ता सभी ने इस पुण्य और प्रेरणादायक क्षण को आत्मसात किया। यह आयोजन केवल एक समाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समर्पण की एक जीवंत गाथा बन गया, जहाँ एक ओर बेटी की विदाई में आंसुओं की नमी थी, वहीं दूसरी ओर सेवा और सम्मान की उजली रोशनी भी थी।1
- Jhansi : बारात ले जा रहे चाचा की संदिग्ध अवस्था में हुई मौ@त #Jhansi #thenewstantra #jhansinews1
- दतिया/भांडेर। भांडेर क्षेत्र के सोफ़्ता गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कुलदीप पुत्र गोटीराम यादव निवासी कुतोली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार कुलदीप एक शादी समारोह से बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान सोफ़्ता गांव के पास उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे के दौरान सड़क किनारे लगे आरी तार (कंटीले तार) से उसका गला कट गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही भांडेर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा। मंगलवार शाम करीब 5 बजे शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।1
- Post by Arpit Kumar Sharma1
- झाँसी की पावन धरती एक बार फिर संवेदना, संस्कार और सेवा के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब नंदनपुरा निवासी राधा रायकवार के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन सामाजिक सहयोग और आत्मीयता के रंगों से सराबोर हो उठा। पिता स्वर्गीय परशुराम रायकवार की स्मृतियों और माता रेखा रायकवार के स्नेहिल आशीर्वाद के बीच, 21 अप्रैल को होने वाली राधा की शादी से पूर्व संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में एक भावपूर्ण विदाई एवं उपहार समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने अपनी करुणा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वैवाहिक जीवन में बंधने जा रही वधू को फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी, पर्स सहित अनेक उपयोगी उपहार भेंट किए। राधा को “कलर्स ब्यूटी सैलून” से सुसज्जित कराया गया, जिससे उसके नए जीवन की शुरुआत सौंदर्य और आत्मविश्वास के उजास से भर उठी। यह दृश्य केवल एक विदाई नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया। इसी गरिमामयी अवसर पर संघर्ष सेवा समिति का मंच कला और साहित्य के सम्मान का भी साक्षी बना, जब प्रसिद्ध हिंदी फिल्म निर्देशक एवं लेखक हेमंत शरण का सम्मान किया गया। लगभग दो दशकों से हिंदी सिनेमा में सक्रिय हेमंत शरण, जिनकी कृतियाँ “धूप छांव” और “मुक्ति बोध” जैसी संवेदनशील फिल्मों में समाज की आत्मा को स्वर देती हैं, वे स्वयं डॉ. संदीप सरावगी के सामाजिक कार्यों से प्रभावित होकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विशेष रूप से कन्याओं की विदाई जैसे पुण्य कार्य को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए डॉ. संदीप के प्रयासों की हृदय से सराहना की। उल्लेखनीय है कि उन्हें मराठी फिल्म “पंख” के लिए लेखक के रूप में सम्मान भी प्राप्त हो चुका है, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की व्यापकता को दर्शाता है। संयोग की मार्मिकता तब और बढ़ गई जब हेमंत शरण की उपस्थिति में ही एक कन्या की विदाई और उपहार भेंट का कार्यक्रम चल रहा था, मानो साहित्य और संवेदना, दोनों एक ही धारा में प्रवाहित हो रहे हों। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह में विजय नगरिया, जितेंद्र बिलैया, जानकी, सीतुल, अभिषेक, ब्रजेश निगम, ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, राजू सेन, अनुज प्रताप सिंह, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, बसंत गुप्ता, सुशांत गुप्ता सभी ने इस पुण्य और प्रेरणादायक क्षण को आत्मसात किया। यह आयोजन केवल एक समाचार नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समर्पण की एक जीवंत गाथा बन गया, जहाँ एक ओर बेटी की विदाई में आंसुओं की नमी थी, वहीं दूसरी ओर सेवा और सम्मान की उजली रोशनी भी थी।4
- *केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत...* *कपाट खुलने के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर दिव्य और भव्य स्वागत किया गया* *जिससे पूरा धाम भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया...*1