ब्यावर में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DLRSC) की एक बैठक अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स, सड़क सुरक्षा ऑडिट, यातायात प्रबंधन, प्रवर्तन संबंधी कार्यवाहियाँ, जन जागरूकता अभियान तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 2,965.66 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क मौजूद है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें और शहरी मार्ग शामिल हैं। विभिन्न एजेंसियों द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं, और चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस विभाग ने वर्ष 2026 में 20 जून तक सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर व्यापक कार्रवाई की है। इस दौरान 6,160 चालान तेज गति से वाहन चलाने के लिए, 7,571 बिना हेलमेट के वाहन चलाने के लिए, 938 शराब पीकर वाहन चलाने के लिए और 2,249 अवैध पार्किंग के मामलों सहित हजारों चालान जारी किए गए। बैठक में प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने जून माह में एक विशेष जांच अभियान के तहत 1,022 चालान जारी किए और 54.65 लाख रुपये की शमन राशि वसूल की। साथ ही, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई और कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिले में पंजीकृत 295 बाल वाहिनियों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है और उनके चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता, ट्रॉमा रिस्पॉन्स टाइम, अस्पतालों की तैयारी और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को आगामी बैठक से पहले अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया।
ब्यावर में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DLRSC) की एक बैठक अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स, सड़क सुरक्षा ऑडिट, यातायात प्रबंधन, प्रवर्तन संबंधी कार्यवाहियाँ, जन जागरूकता अभियान तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 2,965.66 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क मौजूद है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें और शहरी मार्ग शामिल हैं। विभिन्न एजेंसियों द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं, और चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस विभाग ने वर्ष 2026 में 20 जून तक सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर व्यापक कार्रवाई की है। इस दौरान 6,160 चालान तेज गति से वाहन चलाने के लिए, 7,571 बिना हेलमेट के वाहन चलाने के लिए, 938 शराब पीकर वाहन चलाने के लिए और 2,249 अवैध पार्किंग के मामलों सहित हजारों चालान जारी किए गए। बैठक में प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने जून माह में एक विशेष जांच अभियान के तहत 1,022 चालान जारी किए और 54.65 लाख रुपये की शमन राशि वसूल की। साथ ही, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई और कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिले में पंजीकृत 295 बाल वाहिनियों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है और उनके चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता, ट्रॉमा रिस्पॉन्स टाइम, अस्पतालों की तैयारी और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को आगामी बैठक से पहले अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया।
- ब्यावर में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DLRSC) की एक बैठक अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स, सड़क सुरक्षा ऑडिट, यातायात प्रबंधन, प्रवर्तन संबंधी कार्यवाहियाँ, जन जागरूकता अभियान तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 2,965.66 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क मौजूद है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, मुख्य जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें और शहरी मार्ग शामिल हैं। विभिन्न एजेंसियों द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं, और चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस विभाग ने वर्ष 2026 में 20 जून तक सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर व्यापक कार्रवाई की है। इस दौरान 6,160 चालान तेज गति से वाहन चलाने के लिए, 7,571 बिना हेलमेट के वाहन चलाने के लिए, 938 शराब पीकर वाहन चलाने के लिए और 2,249 अवैध पार्किंग के मामलों सहित हजारों चालान जारी किए गए। बैठक में प्रवर्तन कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने जून माह में एक विशेष जांच अभियान के तहत 1,022 चालान जारी किए और 54.65 लाख रुपये की शमन राशि वसूल की। साथ ही, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई और कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिले में पंजीकृत 295 बाल वाहिनियों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है और उनके चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता, ट्रॉमा रिस्पॉन्स टाइम, अस्पतालों की तैयारी और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को आगामी बैठक से पहले अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया।1
- ब्यावर में मोहर्रम का ऐतिहासिक ताजिया जुलूस पूरी शानो-शौकत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के पप्पू भाई पहलवान ने एक विशेष इंटरव्यू में इस भव्य आयोजन से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी साझा की है। पप्पू भाई पहलवान ने ताजिए की ऊंचाई, तैयारियों और जुलूस के पूरे रूट मैप के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा भी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं और रूट डायवर्जन की पूरी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है। प्रशासन की इन व्यवस्थाओं और रूट डायवर्जन की विस्तृत जानकारी के लिए दर्शकों से वीडियो को अंत तक देखने की अपील की गई है।1
- ब्यावर से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के लिए 'आवाज इंडिया न्यूज़' को देखने की बात कही गई है। इस समाचार मंच के संपादक साबुद्दीन खान भूट्टा मेड़तिया लौहार हैं, जो राजस्थान से 'वांटेड समाचार' प्रस्तुत करते हैं।1
- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने हाल ही में 'ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा' नामक एक पहल की शुरुआत की है। इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह से नशा मुक्त क्षेत्र बनाना है।1
- साथियों को मां ब्रह्मचारिणी की जयकार के साथ शुभ प्रभात वंदन किया गया है, जिसमें 'जय हिन्द' का उद्घोष भी शामिल है।1
- अजमेर जिले के पीसांगन में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ खेत में स्थित एक कुएं में गिरने से 28 वर्षीय एक किसान की मौत हो गई। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है।1
- पीसांगन पुलिस ने जमीन के जाली दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने के मामले में चार वर्ष से फरार चल रहे एक आरोपी को बाड़मेर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 27 वर्षीय यह मास्टरमाइंड आरोपी किशनाराम मेघवाल दो हजार रुपये का इनामी था, जिसे पुलिस कल न्यायालय में पेश करेगी। यह मामला 22 अक्टूबर 2021 को वैशाली नगर, अजमेर निवासी परिवादी विजेंद्रसिंह की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि उसकी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी रजिस्ट्री करवा ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई गणेशराम सामरिया, फुलसिंह गुर्जर, कांस्टेबल सुखाराम सेवदा, भोमाराम चोयल, प्रधान जाट और जोराराम जाट शामिल थे। टीम ने मुखबिर की सूचना और अपने सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की। इसी के आधार पर, प्रकरण में वांछित आरोपी किशनाराम मेघवाल, निवासी चारणों की ढाणी, बालेवा, पुलिस थाना गिराब, जिला बाड़मेर को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी किशनाराम मेघवाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1
- राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत ब्यावर में कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से यात्रियों का चयन किया गया है। इस प्रक्रिया में हवाई यात्रा के लिए 100 यात्रियों और रेल यात्रा के लिए 814 यात्रियों का चुनाव हुआ है। गुरुवार को जिला कलक्टर कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जहाँ ऑनलाइन आवेदनों पर विचार किया गया। देवस्थान विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न की गई। बैठक में प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि जिला कलक्टर कमलराम मीना, अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट, पुलिस अधीक्षक रतन सिंह और एसीईओ गोपाल लाल मीणा सहित समिति के सभी सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान हवाई और रेल यात्रा के लिए मुख्य सूची, प्रतीक्षा सूची और अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची जारी की गईं। योजना के अंतर्गत जिले से कुल 1,716 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें कुल 2,794 यात्रियों ने आवेदन किया था। चयनित यात्रियों और प्रतीक्षा सूची से संबंधित विस्तृत जानकारी देवस्थान विभाग, ब्यावर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।1