सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के मौके पर एक बेहद संजीदा और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है, जो समाज में मोहब्बत, हमदर्दी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की एक गहरी भावना पैदा करता है। उन्होंने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत का गम सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि हर मुसलमान का है। उनके अनुसार, कर्बला की जंग अन्याय के खिलाफ न्याय और जुल्म के खिलाफ सब्र की ऐसी दास्तान है, जो सच्चाई की राह पर चलने में विश्वास रखने वाले हर इंसान को गहराई से प्रभावित करती है। अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के दौरान बांटे जाने वाले नियाज़ और लंगर के असल मायने को बहुत ही खूबसूरत ढंग से परिभाषित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियाज़ और लंगर तकसीम करना सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि यह मोहब्बत, हमदर्दी और इंसानियत का सच्चा पैगाम है। यह हमें सिखाता है कि हम अपने आस-पास के लोगों का ख्याल रखें और मानवीयता के नाते एक-दूसरे के मददगार बनें। संदेश का सबसे मार्मिक हिस्सा वह है जहाँ महानायक ने पूरी ईमानदारी और अदब के साथ कहा कि भले ही वह खुद शिया नहीं हैं, लेकिन वे इस बात को पूरे दिल से महसूस करते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे भी मोहर्रम-उल-हराम के इस मुकद्दस महीने में आगे आएं और नियाज़ व लंगर का वितरण करें। अमिताभ बच्चन जैसी वैश्विक हस्ती का यह पैगाम आज के समाज में बहुत अहमियत रखता है, क्योंकि यह धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे की जड़ों को मजबूत करता है। उनका यह सराहनीय अंदाज हमें याद दिलाता है कि दूसरों के दर्द को अपना समझकर और मोहब्बत के साथ हाथ बढ़ाकर ही एक सच्चे और खूबसूरत समाज का निर्माण संभव है।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के मौके पर एक बेहद संजीदा और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है, जो समाज में मोहब्बत, हमदर्दी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की एक गहरी भावना पैदा करता है। उन्होंने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत का गम सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि हर मुसलमान का है। उनके अनुसार, कर्बला की जंग अन्याय के खिलाफ न्याय और जुल्म के खिलाफ सब्र की ऐसी दास्तान है, जो सच्चाई की राह पर चलने में विश्वास रखने वाले हर इंसान को गहराई से प्रभावित करती है। अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के दौरान बांटे जाने वाले नियाज़ और लंगर के असल मायने को बहुत ही खूबसूरत ढंग से परिभाषित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियाज़ और लंगर तकसीम करना सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि यह मोहब्बत, हमदर्दी और इंसानियत का सच्चा पैगाम है। यह हमें सिखाता है कि हम अपने आस-पास के लोगों का ख्याल रखें और मानवीयता के नाते एक-दूसरे के मददगार बनें। संदेश का सबसे मार्मिक हिस्सा वह है जहाँ महानायक ने पूरी ईमानदारी और अदब के साथ कहा कि भले ही वह खुद शिया नहीं हैं, लेकिन वे इस बात को पूरे दिल से महसूस करते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे भी मोहर्रम-उल-हराम के इस मुकद्दस महीने में आगे आएं और नियाज़ व लंगर का वितरण करें। अमिताभ बच्चन जैसी वैश्विक हस्ती का यह पैगाम आज के समाज में बहुत अहमियत रखता है, क्योंकि यह धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे की जड़ों को मजबूत करता है। उनका यह सराहनीय अंदाज हमें याद दिलाता है कि दूसरों के दर्द को अपना समझकर और मोहब्बत के साथ हाथ बढ़ाकर ही एक सच्चे और खूबसूरत समाज का निर्माण संभव है।
- लखनऊ के इटौंजा स्थित नीलांश वाटर पार्क में इस गर्मी के मौसम में हजारों की संख्या में लोग आनंद ले रहे हैं। गर्मी से राहत पाने और मौज-मस्ती करने के लिए यह जगह लोगों की पसंदीदा बनी हुई है, जहाँ आप भी जाकर इस मौसम का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गुंडरदेही गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक बच्ची की मौत हो गई। इस घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने लगा। पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने चालक का पीछा किया। इस दौरान आरोपी चालक ने रास्ते में लगे कई बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों को कुचलने का भी प्रयास किया। आखिरकार, ट्रक एक बैरिकेड में फंस गया, जिसके बाद पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि ट्रक चालक नशे की हालत में था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- पुणे के लोहगढ़ किले में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में बचाव दल के एक सदस्य ने बड़ा दावा किया है। सदस्य के मुताबिक, केतन का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। बचाव दल ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर लोग रो रहे थे, लेकिन शव को देखने के बाद भी मंगेतर सिया गोयल शांत और स्थिर दिखाई दीं। इस मामले में पुलिस सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी द्वारा डिलीट की गई चैट की गहन जांच कर रही है। साथ ही, मृतक के माता-पिता से भी पूछताछ जारी है।1
- लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इस मामले के मुख्य शूटर और एक लाख रुपये के इनामी आरोपी संजय उर्फ संजीव को एक मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव इस हत्याकांड का प्रमुख शूटर था। पुलिस ने बताया कि संजय उर्फ संजीव पर संदीप सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप था। वह कथित तौर पर अंबेडकरनगर के दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग से जुड़ा हुआ था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। फिलहाल, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपी के नेटवर्क के संबंध में भी विस्तृत पड़ताल जारी है।1
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- कारपात्री महाराज ने गोपाल राव की टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह टीम केवल मंदिर के चढ़ावे की चोरी ही नहीं करती थी, बल्कि टिकटों की अवैध दुकानदारी में भी लिप्त थी। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के मौके पर एक बेहद संजीदा और दिल को छू लेने वाला संदेश साझा किया है, जो समाज में मोहब्बत, हमदर्दी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की एक गहरी भावना पैदा करता है। उन्होंने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत का गम सिर्फ शिया समुदाय का नहीं, बल्कि हर मुसलमान का है। उनके अनुसार, कर्बला की जंग अन्याय के खिलाफ न्याय और जुल्म के खिलाफ सब्र की ऐसी दास्तान है, जो सच्चाई की राह पर चलने में विश्वास रखने वाले हर इंसान को गहराई से प्रभावित करती है। अमिताभ बच्चन ने मोहर्रम के दौरान बांटे जाने वाले नियाज़ और लंगर के असल मायने को बहुत ही खूबसूरत ढंग से परिभाषित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियाज़ और लंगर तकसीम करना सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि यह मोहब्बत, हमदर्दी और इंसानियत का सच्चा पैगाम है। यह हमें सिखाता है कि हम अपने आस-पास के लोगों का ख्याल रखें और मानवीयता के नाते एक-दूसरे के मददगार बनें। संदेश का सबसे मार्मिक हिस्सा वह है जहाँ महानायक ने पूरी ईमानदारी और अदब के साथ कहा कि भले ही वह खुद शिया नहीं हैं, लेकिन वे इस बात को पूरे दिल से महसूस करते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की है कि वे भी मोहर्रम-उल-हराम के इस मुकद्दस महीने में आगे आएं और नियाज़ व लंगर का वितरण करें। अमिताभ बच्चन जैसी वैश्विक हस्ती का यह पैगाम आज के समाज में बहुत अहमियत रखता है, क्योंकि यह धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे की जड़ों को मजबूत करता है। उनका यह सराहनीय अंदाज हमें याद दिलाता है कि दूसरों के दर्द को अपना समझकर और मोहब्बत के साथ हाथ बढ़ाकर ही एक सच्चे और खूबसूरत समाज का निर्माण संभव है।1
- लखनऊ में नगर निगम की 'अंधी दौड़' में शामिल एक गाड़ी ने आज फिर एक भयानक सड़क हादसे को अंजाम दिया है। काकोरी के घुरघुरी का तालाब चौकी क्षेत्र में मोहन रोड पर पान खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय के सामने एक डंपर और टैक्सी के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा इतना भयंकर था कि सोहरामऊ निवासी टैक्सी ड्राइवर शानू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे टैक्सी को काटकर बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला जा सका। इस घटना के लिए नगर निगम लखनऊ की गाड़ियों की 'अंधी दौड़' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसे 'एक और दर्दनाक एक्सीडेंट' बताया गया है।1