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कुल्लू में मुख्य पुजारी ने की जानकारी साँझा,1000 वर्ष पुराना खंडित ज्योतिर्लिंग। देखें वीडियो। 1000 वर्ष पुरानी खंडित ज्योतिर्लिंग के बारे में क्या जानकारी साँझा की आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के अनुयायी मुख्य पुजारी ने देखें ।
Budhi Singh Thakur
कुल्लू में मुख्य पुजारी ने की जानकारी साँझा,1000 वर्ष पुराना खंडित ज्योतिर्लिंग। देखें वीडियो। 1000 वर्ष पुरानी खंडित ज्योतिर्लिंग के बारे में क्या जानकारी साँझा की आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के अनुयायी मुख्य पुजारी ने देखें ।
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- रिपोर्ट 8 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। रूपी रैला क्षेत्र के अधिष्ठाता लक्ष्मी नारायण के मूल पर्व के अवसर पर बुधवार को ऐतिहासिक व पारंपरिक कुलवी नाटी का आयोजन हुआ जिसमें समुदाय विशेष के लोग ही भाग लेते हैं यही बरसों पुरानी परंपरा है।1
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- #atal tanal ka views1
- आनी क्षेत्र के चपोहल गाँव में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा के चौथे दिन भक्ति का माहौल देखने को मिला। व्यास आचार्य डॉ. दया नंद गौतम ने श्रीराम के नामकरण संस्कार और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामकथा हमें उत्तम जीवन जीने की कला सिखाती है। इस दौरान भजन गायक लाल सिंह और राकेश शर्मा ने मधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ. मुकेश शर्मा ने रामचरितमानस को जीवन में धैर्य और नैतिकता का मार्गदर्शक बताया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे । #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #Shimla #kullu1
- आनी क्षेत्र के चपोहल गाँव में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा के चौथे दिन भक्ति का माहौल देखने को मिला। व्यास आचार्य डॉ. दया नंद गौतम ने श्रीराम के नामकरण संस्कार और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामकथा हमें उत्तम जीवन जीने की कला सिखाती है। इस दौरान भजन गायक लाल सिंह और राकेश शर्मा ने मधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ. मुकेश शर्मा ने रामचरितमानस को जीवन में धैर्य और नैतिकता का मार्गदर्शक बताया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- *राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं के अंतर्गत आज दंगल प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ* *नगर परिषद घुमारवीं से मेला ग्राउंड तक निकाली भव्य दंगल शोभायात्रा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत* *घुमारवीं (बिलासपुर), 08 अप्रैल:* राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं-2026 के अंतर्गत आज दंगल (कुश्ती प्रतियोगिता) का आयोजन मेला मैदान में किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल बतौर मुख्यातिथि जबकि डीएसपी मदन धीमान विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। दंगल प्रतियोगिता से पूर्व नगर परिषद घुमारवीं से मेला ग्राउंड तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पहलवानों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए हैं और इन्हें संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल वर्षों से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और आज भी लोगों में इनके प्रति उत्साह और उमंग देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमारी संस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाजों को संजोए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। इस अवसर पर दंगल कमेटी के अध्यक्ष एवं डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा, नगर परिषद घुमारवीं की पूर्व अध्यक्षा रीता सहगल, पूर्व उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, पूर्व मनोनीत पार्षद सतीश कुमार, व्यापार मंडल के अध्यक्ष हेमराज संख्यान, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।4
- बिलासपुर के घुमारवीं में आयोजित राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव में बुधवार को दंगल यानी कुश्ती प्रतियोगिता शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि डीएसपी मदन धीमान विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। नगर परिषद घुमारवीं से मेला ग्राउंड तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पहलवानों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए हैं और इन्हें संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल वर्षों से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और आज भी लोगों में इनके प्रति उत्साह और उमंग देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमारी संस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाजों को संजोए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।2
- 1000 वर्ष पुरानी खंडित ज्योतिर्लिंग के बारे में क्या जानकारी साँझा की आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के अनुयायी मुख्य पुजारी ने देखें ।1