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सिमडेगा से टुकूपानी का पुरा समाचार आज की ताजा खबर क्या है
Meena divi
सिमडेगा से टुकूपानी का पुरा समाचार आज की ताजा खबर क्या है
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- गुमला के सिसई स्थित भगत मोड़, मेन रोड पर शुभांश मोटर्स यूज्ड कार शोरूम का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भव्य उद्घाटन किया गया है। शोरूम के संचालक राजकिशोर सोनी और विक्रांत कुमार ने बताया कि यहां सभी ब्रांडों की छोटी-बड़ी यूज्ड कारें उचित दाम पर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में जहां नई कार खरीदना आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है, वहीं ऐसे यूज्ड कार शोरूम खुलने से लोग कम बजट में भी अपनी कार का सपना पूरा कर सकते हैं, जिससे उनके परिवार को खुशियां मिलेंगी। इस उद्घाटन समारोह में निरंजन सिंह, नंदकिशोर सिंह, मुकेश ताम्रकर, भैरव सिंह, विपिन बिहारी झा, अर्खीतानंद देवघरिया, ईश्वर महतो, सचिदानंद उरांव, शुभम कुमार, युगांश कुमार, विक्रम ताम्रकर, हेमंत गुप्ता, रवींद्रनाथ कर, घनश्याम आर्य, प्रयाग साहु, राजकुमार पौराणिक, आयुष कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- रेफरल अस्पताल सिसई की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी मिंज ने जानकारी दी है कि 28 जून 2026, दिन रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण दिवस मनाया जाएगा। डॉ. मिंज ने बताया कि पोलियो स्थायी लकवा का कारण बन सकता है, और बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण ही है। उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने पाँच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएँ।1
- खूंटी जिला मुख्यालय से सटे सेत महिल गांव के किसान खरीफ की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से वे अपने खेतों में धान का बिछड़ा तैयार कर रहे हैं, जिसमें कावेरी, पायनियर, बजाज और महिंद्रा जैसी विभिन्न किस्मों के धान के बीजों की बुवाई की गई है। हालांकि, पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे वे टैंकरों से पानी लाकर बिछड़े की सिंचाई कर रहे हैं ताकि पौधे समय पर तैयार हो सकें और धान की रोपाई प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है और इस बार भी मौसम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग मात्रा में धान का बिछड़ा तैयार किया है। किसान महावीर महतो ने लगभग 25 किलो, वहीं दयानंद मांझी ने करीब 20 किलो बीज की बुवाई की है। इसके अतिरिक्त, घासी मुंडा, सस्ती भोगता, अरुण काशी, फिरंगी काशी, कमलनाथ महतो, रंजीत महतो, चंदन मांझी, सुमन मांझी, लालू उरांव और पंचु सहित कई अन्य किसानों ने भी 10 से 25 किलो तक धान का बिछड़ा अपने खेतों में डाला है। किसानों का यह भी कहना है कि हर साल बढ़ती लागत, उर्वरक और बीज की कीमतों के बावजूद उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इन चुनौतियों के बावजूद, वे अच्छी बारिश और बेहतर फसल की उम्मीद में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब सभी किसानों की निगाहें मानसून की बारिश पर टिकी हैं, ताकि समय पर रोपाई कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।1
- जशपुर जिले, जो मुख्यमंत्री जी का गृह जिला भी है, के पत्थलगांव में एक महिला के घर में घुसकर उसे अभद्र गालियाँ देने और कैमरे के सामने अपनी दबंगई का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति को कथित तौर पर जेल या पुलिस की कार्रवाई के बजाय 'एल्डरमैन' (नामांकित पार्षद) की कुर्सी से नवाज़ा गया है। यह घटना सत्ता और प्रशासन के 'अंधे प्रेम' को उजागर करती है, जहाँ कानून अब सत्ताधारियों की जेबों में सिमटकर रह गया है। वायरल वीडियो में, इस घटना के कथित 'नायक' श्री अवधेश गुप्ता एक निहत्थी महिला के घर में घुसकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा, "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं।" यह तब हुआ है जब पार्टी के शीर्ष नेता लगातार 'महिला सम्मान', 'बेटी बचाओ' और 'सुशासन' की बात करते हैं, जबकि उनके 'रत्न' कहे जाने वाले लोग सरेआम पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। प्रशासन ने इस व्यक्ति में शायद 'क्षमता' देखी कि जो एक महिला को इतनी शिद्दत से डरा सकता है, वह नगर पंचायत को भी अपने 'खौफ' से संभाल लेगा। जनता को उम्मीद थी कि पुलिस-प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करेगा और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजेगा। हालांकि, प्रशासन ने चौंकाते हुए सबको 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचकर जवाब दिया। जशपुर जिले के नगरीय निकायों के नामांकित पार्षदों की आधिकारिक सूची में न.पा. पत्थलगांव के अंतर्गत तीसरे नंबर पर सम्मान के साथ "श्री अवधेश गुप्ता" का नाम दर्ज है। यह दर्शाता है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी, उसे प्रशासन द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए एल्डरमैन की कुर्सी पर बैठाया गया है। यह स्थिति इस 'सिस्टम' पर सवाल खड़े करती है, जहाँ 'क्रिमिनल रिकॉर्ड' और 'गुंडागर्दी का वायरल वीडियो' अब राजनीति में तरक्की के लिए एक 'शानदार रेज्यूमे' माना जाने लगा है। पत्थलगांव की जनता, क्षेत्रीय विधायक गोमती साय जी से कई सवाल पूछ रही है। इन सवालों में पूछा जा रहा है कि क्या महिला के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देना 'सुशासन' के नए पाठ्यक्रम का हिस्सा है, क्या एल्डरमैन की कुर्सी अवधेश गुप्ता जैसे लोगों को उनके 'पार्टी की गुंडागर्दी' के प्रदर्शन के लिए दी गई है, और क्या महिलाओं के सम्मान की कसमें खाने वाले नेताओं के लिए यह वायरल वीडियो सिर्फ एक कॉमेडी क्लिप है जिस पर पुलिस-प्रशासन आँखें मूंदे बैठा है। यह पूरा वाकया केवल एक व्यक्ति की बदसलूकी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खोखलेपन और सत्ता के अहंकार का एक वीभत्स तमाशा है। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अब पत्थलगांव में न्याय की किताब रसूखदारों के इशारों पर और उनकी गालियों के आधार पर लिखी जाएगी। अंततः, लोगों को आगाह किया गया है कि वे अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाने से पहले दो बार सोच लें, क्योंकि शिकायतकर्ता को ही 'गुंडागर्दी' का दूसरा भाग देखने को मिल सकता है।2
- गुमला के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत सिल्फरी-बेंगटी पहाड़ के समीप मोहर्रम का पर्व शुक्रवार शाम पाँच बजे पूरी अकीदत, आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। प्रशासन की कड़ी निगरानी और स्थानीय कमेटियों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सौहार्दपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया, और समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में मेले जैसा उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला, जहाँ विभिन्न अखाड़ों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बरवेनगर, लंगड़ामोड़, चैनपुर, जमगाई और अवरटोली की कमेटियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक एवं कलात्मक ताज़ियाँ लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुँचे, जिन्होंने ताज़ियों की सुंदर कारीगरी की जमकर सराहना की। मेले में लगी छोटी-छोटी दुकानों और स्टॉलों पर लोगों ने मिठाइयों सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की, जिससे पूरे आयोजन के दौरान उल्लास और उत्साह बना रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी हरि उरांव, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल, एएसआई नंदू कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा। वहीं, मजिस्ट्रेट के रूप में सीआई नरेंद्र सेठ, राजस्व कर्मचारी बीपीओ सतेंद्र कुमार और बीटीएम राजेंद्र तिर्की ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन निगरानी की। अधिकारियों, पुलिस बल और स्थानीय कमेटियों की सक्रिय भूमिका के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस सफल आयोजन में उदिन खान, अवराटोली सदर रहीश शेख, सरफराज शेख, मजल शेख, इमरान खान, जाहिर खान, जावेद खान, सलामत, सहजुल्ला खान, आसिफ खान, चैनपुर सदर सकील खान, जमगाई सदर नेफज खान, बरवेनगर सदर अयूब खान, जाबिर खान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों एवं स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे मोहर्रम आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया।1
- मुहर्रम के मद्देनजर, एसडीपीओ और सिसई के थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च थाना परिसर से शुरू होकर प्रखंड मुख्यालय तक किया गया। सिसई पुलिस ने मुहर्रम के आयोजनों को लेकर यह फ्लैग मार्च निकाला।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक वरिष्ठ नेता और खूंटी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुशील पहचान का निधन हो गया है। उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, जिससे स्थानीय समुदाय और पार्टी कार्यकर्ताओं में दुख व्याप्त है।1
- गुमला जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत मझगांव पंचायत के लुचूतपाठ गांव में शुक्रवार शाम वज्रपात की एक दर्दनाक घटना ने एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। गांव निवासी किसान असरु के खेती में उपयोग होने वाले तीन जोतने वाले बैलों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय तीनों बैल एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के समीप गिरी, जिससे तीनों बैलों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बैलों की इस मौत से किसान को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, क्योंकि ये बैल ही उसकी खेती-किसानी के लिए मुख्य सहारा थे। इस घटना से किसान और उसके परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। घटना की सूचना मिलने पर मझगांव पंचायत की मुखिया ज्योति बेहर तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित किसान और उसके परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें सांत्वना दी। मुखिया ने आश्वासन दिया है कि वे मामले की सूचना संबंधित विभाग और प्रशासन को देंगी, ताकि सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित किसान को शीघ्र मुआवजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जा सके। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसान के नुकसान का शीघ्र आकलन कर उसे जल्द से जल्द उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, जिससे वह अपनी खेती-किसानी दोबारा सुचारु रूप से शुरू कर सके।1