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देशभर में बच्चों का दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाना कोई गौरव की बात नहीं है। इस स्थिति को समाज और सरकारों के लिए एक गंभीर चुनौती माना जाना चाहिए।
Mithun Kumar Mohanpur
देशभर में बच्चों का दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाना कोई गौरव की बात नहीं है। इस स्थिति को समाज और सरकारों के लिए एक गंभीर चुनौती माना जाना चाहिए।
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- देशभर में बच्चों का दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाना कोई गौरव की बात नहीं है। इस स्थिति को समाज और सरकारों के लिए एक गंभीर चुनौती माना जाना चाहिए।1
- पुरैनी (मधेपुरा) प्रखंड में बुधवार को विद्युत विभाग 3 घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित करेगा। चौसा और पुरैनी फीडर के अंतर्गत तारों की टहनियों की छंटनी और लाइन मेंटेनेंस का काम होगा। सुबह 8 से 11 बजे तक पुरैनी, कुरसंडी और सपरदह सहित आसपास के इलाकों में बिजली नहीं रहेगी।1
- मधेपुरा के चौसा में करीब एक महीने से पानी का नल खराब है और लोगों को नियमित शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। पानी टंकी के प्रभारी की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं और उन्हें 'क्या करेगा' जैसे बेतुके जवाब मिलते हैं।1
- NEET पेपर लीक मामले में क्रिकेट खिलाड़ियों की चुप्पी ने देश के युवाओं को निराश किया है। कई युवा इस बात से आहत हैं कि किसी भी खिलाड़ी ने इस गंभीर मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात नहीं रखी, जिससे उनके प्रति विश्वास पर सवाल उठ रहे हैं।1
- बिहार में भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। तकनीकी टीम और अभियंताओं की निगरानी में इस ब्रिज को स्थापित किया गया है। इससे अब क्षेत्र के लाखों यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश में एक पुल के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में एक गरीब मज़दूर की जान चली गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने पटना में बिहार सरकार और भाजपा नेता सम्राट चौधरी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए तीखी आलोचना की। इस हमले से राज्य की राजनीति में गहमागहमी बढ़ गई है।1
- पुरैनी, मधेपुरा में यौन हिंसा पर एक तीखा बयान सामने आया है। इसमें कहा गया है कि “कीचड़ में कमल खिलने के साथ साथ बलात्कारी भी पैदा होने लगे हैं”। यह टिप्पणी समाज में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।1