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रिश्तो को कलंकित करने वाली वारदात हवस में अंधा ससुर बना दरिंदा पुत्रवधू की गला दबाकर हत्या
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रिश्तो को कलंकित करने वाली वारदात हवस में अंधा ससुर बना दरिंदा पुत्रवधू की गला दबाकर हत्या
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- 20 फ़रवरी: इतिहास का खास दिन 🌍 आज ही के दिन आज़ादी की घोषणा, स्पेस मिशन और विश्व सामाजिक न्याय दिवस दर्ज हुआ। Shah Times पर पूरा अपडेट पढ़ें। https://shahtimesnews.com/history-of-20-february-from-social-justice-to-space/ #History #20February #WorldSocialJusticeDay #IndiaHistory #SpaceMission #ShahTimes1
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- बजट में कटौती पर सपा विधायक पंकज मलिक ने उठाई आवाज राजसत्ता पोस्ट लखनऊ। चरथावल से सपा विधायक पंकज मलिक ने आज विधानसभा में कृषि बजट में कटौती के मुद्दे पर सरकार को घेरा।1
- मुजफ्फरनगर के थाना मीरापुर पुलिस को गांव नंगला खेपड में एक विवाहिता महिला द्वारा आत्महत्या की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल क्षेत्राधिकारी जानसठ श्रीमती रुपाली राय चौधरी व थाना प्रभारी जानसठ मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मृतका के शव को पोस्टमार्टम की कार्यवाही हेतु भेजा गया है साथ ही परिजनों द्वारा दहेज हत्या की आशंका जताई गयी है। थाना मीरापुर पुलिस द्वारा सभी बिन्दुओं पर गहनता से जांच कर व तहरीर प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी जानसठ श्रीमती रुपाली राय चौधरी दी जानकारी1
- Post by Vicky 435 435 v3
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- कैराना में 17,334 मतदाताओ को SIR का थमाया नोटिस1
- * मुज़फ्फरनगर मलीरा, बाननगर में दिन निकलते ही शुरु हो जाता है अवैध खनन का खुला खेल* *अवैध मिट्टी खनन को रोकने में प्रशासन के सभी दावे खोखले* *योगी सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे माफिया* मुज़फ्फरनगर में नही रुक रहा अवैध मिटटी खनन का कारोबार। योगी सरकार के लाख दावों के बाद भी जिले में अवैध मिट्टी खनन का खेल लगातार जारी है। धड़ल्ले के साथ मिट्टी खनन किया जा रहा है। खनन माफिया ट्रैक्टर ट्रालियों में मिट्टी भरकर मुख्य मार्गों से मिट्टी गंतव्य तक पहुंचाई जा रही है और जिम्मेदार तमाशबीन बने रहते हैं। खनन माफिया बिना नम्बर के टैक्टर-ट्रालियो में मिट्टी भरकर धडल्ले से सडको पर खुलेआम दौड़ रही है। इस अवैध खनन के जरिये संबधित विभाग को पलीता लगाया जा रहा है। मिट्टी खनन रोकना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। खनन माफियाओ के वाहन मिट्टी भरकर दिन निकलते ही सड़कों पर फर्राटा भरते देखे जा रहे हैं। *सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया है कि नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा व बाननगर से खनन माफिया टैक्टर-ट्रालीयो में बिना अनुमति के मिट्टी भरकर बावनदरा, रामपुर तिराहा से गुजरकर रुड़की रोड से होते हुए शहर में प्रवेश कर भराव का कार्य कर रहे है। दिन निकलते ही खुलेआम हो रही मिट्टी की इस ढुलाई से कहीं न कहीं जिम्मेदारों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।*2
- शामली। शामली जिले में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के तहत बिजली विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से उपभोक्ताओं में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। जिले में कुल करीब 2.88 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से बड़ी संख्या में घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं ने ये मीटर लगवाए हैं, वे अब काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए कई जगहों पर चेक मीटर लगाकर रीडिंग की जांच की, जिसमें स्मार्ट मीटर की सटीकता पूरी तरह साबित हुई। शामली, कैराना और ऊन तहसीलों के कई इलाकों में यह जांच हुई, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है। एक स्थानीय निवासी नदीम चौहान ने बताया, "पहले बिल अनुमानित आते थे और हैरानी होती थी कि इतना क्यों आया। अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद मोबाइल ऐप पर रोजाना की खपत देखकर हम बिजली बचाने लगे हैं। बिल बिल्कुल सही और पारदर्शी आता है, कोई गड़बड़ी नहीं।" चेक मीटर से सामने आया सच अधिकारियों के अनुसार, जागरूकता कार्यक्रमों, चेक मीटर वेरिफिकेशन और प्रचार से भ्रांतियां दूर हो रही हैं। कई उपभोक्ता अब खुद आगे आकर स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य जिले में पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बिजली व्यवस्था स्थापित करना है। उपभोक्ता चेक मीटर लगवाकर खुद स्मार्ट मीटर की सत्यता जांच सकते हैं। स्मार्ट मीटर कैसे काम करता है? स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से पारंपरिक मीटर जैसा ही है, लेकिन इसमें कम्यूनिकेशन मॉड्यूल लगा होता है। यह मॉड्यूल बिजली खपत और रीडिंग की जानकारी सीधे डिजिटल सर्वर पर भेजता है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम में अपनी खपत देख सकते हैं, जिससे अनुमानित बिलिंग और गलत रीडिंग की शिकायतें लगभग खत्म हो गई हैं। मीटर रीडर की जरूरत खत्म स्मार्ट मीटर से अब मीटर रीडर को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की आवश्यकता नहीं। रीडिंग ऑटोमैटिक कंपनी के सॉफ्टवेयर में दर्ज हो जाती है। इससे बिल वितरण में देरी और गड़बड़ियां खत्म हो रही हैं, साथ ही सर्विस चार्ज भी नहीं देना पड़ता। कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने पर कोई सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) नहीं ली जाती। पहले मीटर बदलवाने पर अतिरिक्त चार्ज लगते थे, लेकिन अब यह सुविधा नहीं है। उपभोक्ता का फायदा ही फायदा अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से सटीक बिलिंग के साथ उपभोक्ताओं को पारदर्शिता, छूट, समय की बचत और बेहतर नियंत्रण जैसे कई फायदे मिल रहे हैं। विभाग अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रहा है और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है।1