धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा राजाखेड़ा में पिछले 4 दिनों से मानसून सक्रिय है। शनिवार रात 10:00 बजे से शुक्रवार तक बारिश का दौर जारी रहा। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आज धौलपुर जिले के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव लगातार झमाझम बारिश के कारण राजाखेड़ा कस्बे के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। रामखिलाड़ी चौराहा, पीरकी रोड, छेंकुरिया बस्ती, रोहाई मोहल्ला हाट मैदान और महदवार गली जैसे स्थानों पर पानी भर गया। मुख्य रास्तों पर पानी भरने से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में मानसून सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बारिश के कारण क्षेत्र की जीवनदायिनी उतंगन (पार्वती) नदी में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। नदी में पानी आने से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है।
धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की
स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा राजाखेड़ा में पिछले 4 दिनों से मानसून सक्रिय है। शनिवार रात 10:00 बजे से शुक्रवार तक बारिश का दौर जारी रहा। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आज धौलपुर जिले के
लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव लगातार झमाझम बारिश के कारण राजाखेड़ा कस्बे के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। रामखिलाड़ी चौराहा, पीरकी रोड, छेंकुरिया बस्ती, रोहाई मोहल्ला हाट मैदान और महदवार गली जैसे स्थानों पर पानी भर गया। मुख्य रास्तों पर पानी भरने से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन
में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में मानसून सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बारिश के कारण क्षेत्र की जीवनदायिनी उतंगन (पार्वती) नदी में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। नदी में पानी आने से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है।
- धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा धौलपुर राजाखेड़ा में 96 घंटे से रुक रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से बाजार के नीचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बन गई और किस को जीवन दानी पार्वती नदी में जल स्तर बड़ा राजाखेड़ा में पिछले 4 दिनों से मानसून सक्रिय है। शनिवार रात 10:00 बजे से शुक्रवार तक बारिश का दौर जारी रहा। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने आज धौलपुर जिले के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव लगातार झमाझम बारिश के कारण राजाखेड़ा कस्बे के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। रामखिलाड़ी चौराहा, पीरकी रोड, छेंकुरिया बस्ती, रोहाई मोहल्ला हाट मैदान और महदवार गली जैसे स्थानों पर पानी भर गया। मुख्य रास्तों पर पानी भरने से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में मानसून सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बारिश के कारण क्षेत्र की जीवनदायिनी उतंगन (पार्वती) नदी में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। नदी में पानी आने से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है।4
- राजाखेड़ा ईरातनगर जाने वाला रास्ता बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है राजाखेड़ा ईरातनगर जाने वाला रास्ता बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है1
- ताज नगरी आगरा में ताजमहल के पूर्वी गेट पर पेड़ से अजगर का किया गया रेस्क्यू सुरक्षित जंगल में छोड़ा1
- जटपुरा-नाथूपुरा में जलभराव के स्थायी समाधान की कवायद शुरू फतेहाबाद : क्षेत्र के गांव जटपुरा और नाथूपुरा में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुरुवार को प्रशासन सक्रिय नजर आया। जटपुरा में एडीओ ग्राम्य विकास एमपी सिंह, नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी, ग्राम सचिव सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जल निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने की योजना के तहत गड्ढा खुदवाने का कार्य शुरू कराया गया, ताकि बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से स्थायी राहत मिल सके। वहीं ग्राम पंचायत सलैमपुर धनगर के उपग्राम नाथूपुरा में अधिकारियों ने ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को निर्देश दिए कि सात दिनों के भीतर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्पष्ट चेतावनी दी गई कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पांच साल बाद सूझा स्थायी समाधान : निरीक्षण के दौरान सलैमपुर धनगर के ग्राम प्रधान बिजेंद्र सिंह ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन बिछाकर पानी को नहर तक पहुंचाने का सुझाव दिया। इस पर एडीओ पंचायत नरेंद्र पाल सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब हर वर्ष गांव में जलभराव की समस्या होती रही है, तो इसका स्थायी समाधान पहले ही कर लिया जाना चाहिए था। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों को राहत देने के लिए अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराया जाएगा।2
- लगातार बारिश बनी आफत, मकान ढहने से खुले में रहने को मजबूर अंबाह। लगातार बारिश होने से अब यह बारिश रोज कमाने खाने वालों के लिए आफ़त की बारिश बन है। थरा के कन्या शाला स्कूल के पीछे निवास कर रहे मुकेश पुत्र गजेंद्र सिंह बप्पा के मकान का एक हिस्सा अधिक बारिश होने से ढह गया जिससे वह खुले में आवरा गौ वंश, जानवरों के डर के साए में रहने को मजबूर हैं जानकारी के अनुसार मुकेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे तो वहीं अब शासन प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा है लगातार बारिश बनी आफत, मकान ढहने से खुले में रहने को मजबूर अंबाह। लगातार बारिश होने से अब यह बारिश रोज कमाने खाने वालों के लिए आफ़त की बारिश बन है। थरा के कन्या शाला स्कूल के पीछे निवास कर रहे मुकेश पुत्र गजेंद्र सिंह बप्पा के मकान का एक हिस्सा अधिक बारिश होने से ढह गया जिससे वह खुले में आवरा गौ वंश, जानवरों के डर के साए में रहने को मजबूर हैं जानकारी के अनुसार मुकेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे तो वहीं अब शासन प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा है1
- चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ अम्बाह। चेहल्लुम के अवसर पर गुरुवार को अम्बाह शहर में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजियों का जुलूस निकाला गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिए पारंपरिक मार्गों से होते हुए नगर के प्रमुख रास्तों का भ्रमण कर कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हज़रत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों द्वारा नौहाखानी और मातम किया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों ने शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर अकीदतमंदों की सेवा की। पूरे जुलूस के दौरान भाईचारे, शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। चेहल्लुम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अंत में कर्बला पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं और देश-प्रदेश में अमन, चैन एवं खुशहाली की दुआ मांगी गई।1
- धौलपुर राजाखेड़ा थाना पुलिस की संवेदनशीलता एवं त्वरित एक्शन राजाखेड़ा थाना पुलिस ने परिजनों को लौट आया उनका खोया हुआ बेटा पिता की आंख से झलके के आंसू धौलपुर राजाखेड़ा थाना पुलिस की संवेदनशीलता एवं त्वरित एक्शन राजाखेड़ा थाना पुलिस ने परिजनों को लौट आया उनका खोया हुआ बेटा पिता की आंख से झलके के आंसू राजाखेड़ा नाबालिग युवक घर वालों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गया। जिसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली, मोबाइल फोन लोकेशन के जरिए राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह को सूचना मिली, सूचना मिलने पर तुरंत एक्शन लेकर तकनीकी माध्यम व सीसीटीवी फुटेज पर राजाखेड़ा थाना अधिकारी के द्वारा तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया था तीनों टीमों की कड़ी मस्कत से युवक को 6 घंटे में ही युवक दस्तयाब किया गया एवं उसके परिजनों को सुपुर्द किया। परिजनों के खुशी से आंसू झलक आए और उन्होंने पुलिस टीम के इस कार्य को धन्यवाद किया परिजनों को मिला उनका खोया हुआ बेटा राजाखेड़ा के एक गांव के निवासी के नाबालिक बेटे ने अचानक घर छोड़कर घर से बाहर चला गया जिसकी परीजनो और ग्रामीणों के द्वारा काफी तलाश की गई लेकिन नाबालिक बेटे का कहीं सुराख नहीं लगा इसके बाद परिजनों द्वारा फोन के जरिए राजाखेड़ा थाना अधिकारी वीर सिंह गुर्जर को सूचना दी जैसी सूचना मिली उन्होंने परिजनों की रिपोर्ट देने से पहले ही फोन पर मिली सूचना के आधार पर नाबालिक युवक की तलाश जारी कर दी युवक को ढूंढने के लिए थाना अधिकारी के द्वारा तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया और तीनों टीमों के द्वारा मोबाइल लोकेशन और लगे हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की तलाश जारी कर दी जिसके चलते कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और 6 घंटे की मशक्कत के बाद खोय हुए युवक को आगरा से दस्तयाब कर लिया है और युवक को बिना रिपोर्ट दर्ज किए दस्तब किया तो नाबालिक युवक को देख उसके पिता की आंख से आंसू निकल आए और उसे गले लगाकर कर रोने लगा जिसकी बात राजाखेड़ा थाना अधिकारी ने युवक को 1 घंटे थाने में बिठाकर मोटिवेशन किया और समझाया की इस तरह से घर से निकल जाना परिजनों के साथ ग्रामीणों को परेशान होना माता-पिता का रोना एक अपने आप में काफी दर्द भरा पाल बन जाता है इसलिए आगे से ऐसे कदम कभी मत उठाना वहीं थाना अधिकारी की बात को युवक ने समझ कर अपने माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि आगे से ऐसी कभी गलती नहीं करूंगा परिजनों को मिला उनका खोया हुआ बेटा राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिक बेटा गुरुवार दोपहर अपने घर से बिना बताए घर छोड़कर चला गया और परिजनों को बताया तक नहीं इसके बाद परिजनों को सूचना मिली तो परिजन हक्के बके रह गए और खोए हुए बेटे की तलाश जारी कर दी बेटे को काफी तलाश की लेकिन बेटा नहीं मिला फिर परजनों ने राजाखेड़ा थाने में सूचना दी, सूचना देने के बाद परिजनों ने बताया कि राजाखेड़ा थाना पुलिस ने बिना आवेदन पत्र लिए ही बेटे की तलाश जारी कर दी और तीन टीमों का गठन किया गया था मोबाइल फोन की लोकेशन से और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बेटे को करीब 6 घंटे में ही आगरा से दस्तया कर लिया परिजनों का कहना है कि जिस तरह से राजाखेड़ा थाना अधिकारी वीर सिंह गुर्जर ने अपना दरिया दिल दिखाते हुए बिना आवेदन पत्र लिय ही बच्चे को ढूँढ लिया और इससे बड़ी बात हमारे लिए क्या हो सकती है इसके आधार पर परिजनों ने धौलपुर एसपी विकास सागवान का भी कड़क रुख और साफ निर्देशन में कहा गया कि आवेदन पत्र बाद में लिया जाएगा पहले कार्रवाई की जाएगी इसके लिए उन्होंने धौलपुर जिला की पूरी पुलिस टीम को तहे दिल से शुक्रिया और धन्यवाद के पात्र बताया है4
- राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले की पोखर पर अतिक्रमण, पक्के निर्माण से पानी की निकासी अवरुद्ध मानसून की पहली बारिश के साथ ही राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले में जलभराव की समस्या सामने आ गई है। आरोप है कि मोहल्ले वाली ऐतिहासिक पोखर पर अतिक्रमण कर पक्के मकान और दुकानें बना दी गई हैं, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। धोबटी मोहल्ले में स्थित पोखर बरसात का पानी इकट्ठा करने का प्राकृतिक स्रोत थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में पोखर की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हुआ और अब वहां पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं। बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण मोहल्ले की गलियों और घरों में भर रहा है। इससे मच्छर, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी विष्णु सिंह ने कहा, "पहले पोखर में पानी भरकर निकल जाता था। अब अतिक्रमण की वजह से पानी वापस घरों में आ जाता है। 2 दिन की बारिश में ही पूरे मोहल्ले में 1-1 फीट पानी भर गया था। लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण के दौरान नगर पालिका और राजस्व विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गरीब लोगों को कुछ पट्टे जारी किए गए थे लेकिन उन पट्टों के आधार पर ही उन लोगों ने 100-100 फीट तक अतिक्रमण कर लिया, जिससे पोखर का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल गया , शिकायत करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब बारिश में दिक्कत बढ़ गई है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने कहा, हमें शिकायत मिली है। टीम भेजकर अतिक्रमण का सर्वे कराया जाएगा। जो भी अवैध निर्माण पोखर की जमीन पर पाया गया उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। तहसीलदार दीप्ति देव ने कहा, "पोखर की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। राजस्व टीम से नपती करवाई जाएगी। अतिक्रमण पाए जाने पर धारा 91 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पोखर की नपती कराकर अवैध निर्माण तुरंत हटाए जाएं, नालों की सफाई करवाई जाए और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए पक्की चारदीवारी बनाई जाए। राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले की पोखर पर अतिक्रमण, पक्के निर्माण से पानी की निकासी अवरुद्ध मानसून की पहली बारिश के साथ ही राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले में जलभराव की समस्या सामने आ गई है। आरोप है कि मोहल्ले वाली ऐतिहासिक पोखर पर अतिक्रमण कर पक्के मकान और दुकानें बना दी गई हैं, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। धोबटी मोहल्ले में स्थित पोखर बरसात का पानी इकट्ठा करने का प्राकृतिक स्रोत थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में पोखर की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हुआ और अब वहां पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं। बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण मोहल्ले की गलियों और घरों में भर रहा है। इससे मच्छर, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी विष्णु सिंह ने कहा, "पहले पोखर में पानी भरकर निकल जाता था। अब अतिक्रमण की वजह से पानी वापस घरों में आ जाता है। 2 दिन की बारिश में ही पूरे मोहल्ले में 1-1 फीट पानी भर गया था। लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण के दौरान नगर पालिका और राजस्व विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गरीब लोगों को कुछ पट्टे जारी किए गए थे लेकिन उन पट्टों के आधार पर ही उन लोगों ने 100-100 फीट तक अतिक्रमण कर लिया, जिससे पोखर का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल गया , शिकायत करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब बारिश में दिक्कत बढ़ गई है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने कहा, हमें शिकायत मिली है। टीम भेजकर अतिक्रमण का सर्वे कराया जाएगा। जो भी अवैध निर्माण पोखर की जमीन पर पाया गया उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। तहसीलदार दीप्ति देव ने कहा, "पोखर की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। राजस्व टीम से नपती करवाई जाएगी। अतिक्रमण पाए जाने पर धारा 91 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पोखर की नपती कराकर अवैध निर्माण तुरंत हटाए जाएं, नालों की सफाई करवाई जाए और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए पक्की चारदीवारी बनाई जाए।1