करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कुंसाय क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पर्याप्त मात्रा में न पहुँचने से ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सोमवार शाम 4:00 बजे फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। नाराज ग्रामीणों ने हिंडौन गंगापुर सड़क मार्ग पर स्थित गिंव कुंसाय पर जाम लगा दिया, जहाँ उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहरों में जल्द से जल्द पानी पहुँचाने की मांग की और अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। देवीसिंह कटकड ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा गंभीर नदी और गुडला लिफ्ट में तो पानी छोड़ा गया, लेकिन कमांड क्षेत्र के लोगों के साथ धोखा किया गया है, क्योंकि उनके क्षेत्र की नहरें अभी भी सूखी पड़ी हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए।
करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कुंसाय क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पर्याप्त मात्रा में न पहुँचने से ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सोमवार शाम 4:00 बजे फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। नाराज ग्रामीणों ने हिंडौन गंगापुर सड़क मार्ग पर स्थित गिंव कुंसाय पर जाम लगा दिया, जहाँ उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहरों में जल्द से जल्द पानी पहुँचाने की मांग की और अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। देवीसिंह कटकड ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा गंभीर नदी और गुडला लिफ्ट में तो पानी छोड़ा गया, लेकिन कमांड क्षेत्र के लोगों के साथ धोखा किया गया है, क्योंकि उनके क्षेत्र की नहरें अभी भी सूखी पड़ी हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए।
- करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कुंसाय क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पर्याप्त मात्रा में न पहुँचने से ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश सोमवार शाम 4:00 बजे फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। नाराज ग्रामीणों ने हिंडौन गंगापुर सड़क मार्ग पर स्थित गिंव कुंसाय पर जाम लगा दिया, जहाँ उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहरों में जल्द से जल्द पानी पहुँचाने की मांग की और अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। देवीसिंह कटकड ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा गंभीर नदी और गुडला लिफ्ट में तो पानी छोड़ा गया, लेकिन कमांड क्षेत्र के लोगों के साथ धोखा किया गया है, क्योंकि उनके क्षेत्र की नहरें अभी भी सूखी पड़ी हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए।1
- गंगापुर सिटी क्षेत्र के अरनिया बिनेगा गांव में नहरों में पानी नहीं पहुँचने से नाराज किसानों ने गंगापुर-हिंडौन मार्ग को जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि नहरों में लंबे समय से पानी नहीं छोड़ा गया है, जिसके कारण उनकी फसलें सूखने की कगार पर हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की। सड़क जाम होने से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे तथा किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।1
- कमांड एरिया की नहरों में पांचना का पानी नहीं पहुँचने के कारण किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। अपनी इस समस्या को लेकर किसानों ने हिंडौन गंगापुर हाईवे जाम कर दिया।1
- हिंडौन और करौली के कमांड एरिया की नहरों में पानी न पहुंचने के कारण किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पानी की कमी से नाराज लोगों ने श्रीमहावीरजी-नादौती, हिंडौन-गंगापुर और करौली-हिंडौन सड़क मार्गों पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।1
- राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध से 6 जुलाई को गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया, जिसने 20 साल पुराने गतिरोध को समाप्त कर दिया। सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बांध के तीन गेट खोले, जिससे यह प्रक्रिया संभव हो सकी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत ने दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं (पीडीएन सिस्टम आधारित) और गुडला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम में रीमॉडलिंग के कार्य का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया। सरकार के हस्तक्षेप और किसानों की सहमति के बाद, अब बांध से निकलने वाला पानी कमांड एरिया के 35 गांवों, बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों और गंभीर नदी के तट पर बसे गांवों को सिंचाई के लिए उपलब्ध हो सकेगा। बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने के दौरान, गृह राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्यमंत्री और क्षेत्र के किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उल्लेखनीय है कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद 30 जून को किसानों के बीच इस विषय पर सहमति बन पाई थी।1
- पांचना बांध से नहरों में निर्धारित समय पर पानी नहीं छोड़े जाने के कारण किसानों में भारी आक्रोश फैल गया है। तकनीकी कारणों से पानी न पहुंचने पर आक्रोशित किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए करौली–हिंडौन, नादौती–महावीरजी और गंगापुर सिटी–हिंडौन सहित कई प्रमुख सड़क मार्गों को अवरुद्ध कर दिया। जानकारी के अनुसार, कुशाय गांव में नहर के पानी के स्वागत और पूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन तय समय तक पानी न पहुंचने से किसानों का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए और मार्गों को अवरुद्ध कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सिंचाई के लिए समय पर पानी मिलना बेहद आवश्यक है। बार-बार होने वाली इस देरी से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नहरों में पानी छोड़ने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। फिलहाल, कुशाय गांव में किसान अभी भी सड़क पर डटे हुए हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी किसानों से बातचीत करके स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी समस्या को दूर करने का काम जारी है और देर रात तक नहरों में पानी छोड़े जाने की संभावना है। इस पूरे मामले पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, और जाम के कारण संबंधित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।2
- गंगापुर सिटी के ग्राम पंचायत चूली क्षेत्र की आम कॉलोनी के निवासियों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर कथित भूमाफियाओं पर धुन्धेश्वर मार्ग स्थित एक आम रास्ते को तारबंदी कर बंद करने का आरोप लगाया है। कॉलोनीवासियों ने इस रास्ते को तत्काल खुलवाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि कॉलोनीवासी पिछले 15 से 20 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और जिस आम रास्ते को बंद किया गया है, उसका निर्माण और सड़क कार्य पूर्व में ग्राम पंचायत चूली द्वारा कराया जा चुका है। आरोप है कि 5 जुलाई को कुछ लोगों ने इस रास्ते पर तारबंदी कर आवाजाही रोक दी, जिससे ग्रामीणों, बुजुर्गों और विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि राजाराम बैरवा, तेजराम बैरवा, छोटेलाल बैरवा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने रास्ता बंद करते समय अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा विरोध करने पर प्रशासन के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी कीं। कॉलोनीवासियों ने उपखंड अधिकारी से गुहार लगाई है कि आम रास्ते से अवैध अतिक्रमण हटाकर उसे तुरंत खुलवाया जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में आमजन को किसी भी तरह की परेशानी न हो। ज्ञापन देने वालों में धर्मसिंह, देवीलाल, जेपी, पिंटू, रामप्रसाद, बल्लू सहित आम कॉलोनी के अन्य निवासी शामिल थे।1
- सोमवार को गंगापुर सिटी बाईपास पर रामकेश पेट्रोल पंप के पास पवन मीणा टोकसी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग उठाई। इस चक्का जाम के कारण बाईपास पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन लगातार वार्ता के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। अभी तक आंदोलनकारियों की सभी मांगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।1