*परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा महिलाओं का मालाओं के साथ वीरांगना की तरह किया स्वागत* *सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं* *भरतपुर* । जिले के रूपवास क्षेत्र में बच्चों के सुनहरे भविष्य और समाज को नशे की दलदल से बचाने की खातिर जेल की सलाखों के पीछे दिन काटने वाली जरेला गांव की 15 महिलाओं और एक व्यक्ति की रिहाई पर क्षेत्र में भारी उत्साह दिखाई दिया। सेवर जेल से जमानत पर बाहर आते ही परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा इन महिलाओं का मालाओं के साथ किसी वीरांगना की तरह स्वागत किया गया। गौरतलब है कि भरतपुर-धौलपुर नेशनल हाईवे स्थित जरेला गांव के पास एक शराब गोदाम की आड़ में लंबे समय से अवैध रिटेल बिक्री का खेल चल रहा था। पास ही स्थित श्री सृष्टि विद्यालय की छात्राओं और खेतों में काम करने वाली महिलाओं का शराबियों के जमावड़े के कारण निकलना दूभर हो गया था। बीते दिनों जब गांव की सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर इसका विरोध किया, तो वहां रहस्यमय परिस्थितियों में आग लग गई। पुलिस ने कथित तौर पर आनन फानन में एक तरफा कार्यवाही करते हुए बिना गहन जांच के 15 महिलाओं और एक व्यक्ति को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद महिलाओं के हौसले पस्त होने के बजाय और बुलंद दिखाई दिए। प्राप्त जानकारी अनुसार एडीजे कोर्ट बयाना (कैंप कोर्ट रूपवास) से जमानत मिलने के बाद जैसे ही महिलाएं सेवर जेल से बाहर आईं तो परिजनो एवं ग्रामीणों द्वारा सभी महिलाओं का जोरदार स्वागत किया गया। जेल से सीधे घर पहुंचीं इन महिलाओं द्वारा अपने परिवार के साथ जीत की खुशी में होली मनाई गई। गौरतलब है कि बयाना विधायक ऋतु बनावत द्वारा भी बेखौफी से चल रहे अवैध शराब बिक्री करने वाले की पुलिस व प्रशासन से कथित मिलीभगत होने एवं थाना पुलिस द्वारा एक तरफा कार्यवाही करते हुए 15 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने का मामला विधानसभा में भी उठाया गया है। महिलाओं ने कहा कि "अब अवैध शराब की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह लड़ाई केवल हमारी नहीं बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य की है। जेल जाने से हम डरने वाले नहीं हैं"।
*परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा महिलाओं का मालाओं के साथ वीरांगना की तरह किया स्वागत* *सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं* *भरतपुर* । जिले के रूपवास क्षेत्र में बच्चों के सुनहरे भविष्य और समाज को नशे की दलदल से बचाने की खातिर जेल की सलाखों के पीछे दिन काटने वाली जरेला गांव की 15 महिलाओं और एक व्यक्ति की रिहाई पर क्षेत्र में भारी उत्साह दिखाई दिया। सेवर जेल से जमानत पर बाहर आते ही परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा इन महिलाओं का मालाओं के साथ किसी वीरांगना की तरह स्वागत किया गया। गौरतलब है कि भरतपुर-धौलपुर नेशनल हाईवे स्थित जरेला गांव के पास एक शराब गोदाम की आड़ में लंबे समय से अवैध रिटेल बिक्री का खेल चल रहा था। पास ही स्थित श्री सृष्टि विद्यालय की छात्राओं और खेतों में काम करने वाली महिलाओं का शराबियों के जमावड़े के कारण निकलना दूभर हो गया था। बीते दिनों जब गांव की सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर इसका विरोध किया, तो वहां रहस्यमय परिस्थितियों में आग लग गई। पुलिस ने कथित तौर पर आनन फानन
में एक तरफा कार्यवाही करते हुए बिना गहन जांच के 15 महिलाओं और एक व्यक्ति को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद महिलाओं के हौसले पस्त होने के बजाय और बुलंद दिखाई दिए। प्राप्त जानकारी अनुसार एडीजे कोर्ट बयाना (कैंप कोर्ट रूपवास) से जमानत मिलने के बाद जैसे ही महिलाएं सेवर जेल से बाहर आईं तो परिजनो एवं ग्रामीणों द्वारा सभी महिलाओं का जोरदार स्वागत किया गया। जेल से सीधे घर पहुंचीं इन महिलाओं द्वारा अपने परिवार के साथ जीत की खुशी में होली मनाई गई। गौरतलब है कि बयाना विधायक ऋतु बनावत द्वारा भी बेखौफी से चल रहे अवैध शराब बिक्री करने वाले की पुलिस व प्रशासन से कथित मिलीभगत होने एवं थाना पुलिस द्वारा एक तरफा कार्यवाही करते हुए 15 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने का मामला विधानसभा में भी उठाया गया है। महिलाओं ने कहा कि "अब अवैध शराब की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह लड़ाई केवल हमारी नहीं बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य की है। जेल जाने से हम डरने वाले नहीं हैं"।
- Post by Sonu Faujdar1
- *रूपबास (भरतपुर)।बच्चों के भविष्य को लेकर जेल गई महिलाए का जेल से बाहर आने पर हुआ भव्य स्वागत* ```रूपवास क्षेत्र के गांव दौरदा मार्ग स्थित शराब गोदाम की आड़ में चल रहे अवैध शराब ठेका के मामले में जेल गई 15 महिलाओं सहित एक व्यक्ति को मिली जमानत, सेवर जेल से सभी रिहा``` जेल गई महिलाओं व एक व्यक्ति को जमानत पर जेल से बाहर आने पर किसान सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश, संभागीय अध्यक्ष राजेश शर्मा एवं तहसील महिला अध्यक्ष रूबी कुमारी व उनकी पूरी टीम ने महिलाओं का जेल से बाहर आने पर माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और कहा कि आपने गांव में शराब बन्दी आंदोलन को जारी रखना बेहद जरूरी है। शराब बंदी से ही बच्चों का भविष्य है।* रुपबास क्षेत्र के भरतपुर धौलपुर नेशनल हाईवे स्थित गांव जरेला के श्री सृष्टि विद्यालय के निकट संचालित शराब गोदाम की आड़ में वर्षों से रिटेल में अवैध रूप शराब बेचने का काम दिन रात चल रहा था। जिससे विद्यालय जाने वाली छात्राएं एवं शौच जाने वाली महिलाएं बेहद परेशान थीं। इतना ही नही उस क्षेत्र में कृषि कार्य करने जाने वाले लोग भी शराबियों से परेशान थे। इस शराब के ठेके पर प्रतिदिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता था। जिसका बीते दिनों जरेला गांव की सैकड़ो महिलाएं एक जुट होकर अवैध शराब ठेके पर शराब बिक्री का केवल विरोध करने पहुंची थीं। जहां अज्ञात कारणों से अचानक ठेके में आग लग गई और उसका आरोप 15 महिलाओं सहित एक व्यक्ति पर शराब कारोबारी द्वारा लगा दिया गया। जिसके चलते पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के ही महिलाओं को उक्त मामले का दोषी मानते हुए न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। आज उन महिलाओं की एडीजे कोर्ट बयाना के कैंप कोर्ट रुपबास से जमानत हुई और महिलाओं को कोर्ट के आदेश पर सेवर जेल से रिहा कर दिया गया है। महिलाओं के जेल से बाहर आने पर किसान सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश , संभागीय अध्यक्ष राजेश शर्मा, तहसील अध्यक्ष रुबी कुमारी , प्रेम सिंह,हरीचरन, सुनील सेठी, अजय पाल आदि व उनकी टीम ने महिलाओं का माला पहनकर जोरदार स्वागत किया और कहा कि शराब आंदोलन को जारी रखें हम आपके साथ हैं। घर पहुंच कर अपने परिवारों के साथ होली मनाई। जेल गई महिलाओं ने प्रण लिया कि अब जरैला व उसके आस-पास शराब की बिक्री नहीं होने देंगे। इसके लिए हमें जो भी करना पड़े करेंगी। इस मौके पर किसान सेना के तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी एवं सरपंच राजकुमार, रिंकू एवं अन्य गांव वासी मौजूद रहे।1
- आज 10/03/2026 का पंचांग। नदबई भरतपुर से लाइव अपडेट। Follow me Friends 🎉1
- Post by Brajvir Singh1
- मथुरा जिले की छाता तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आजकल आए दिन सुर्खियों में आता रहता है डॉक्टर अपनी मनमानी करते हैं कभी मेडिकल बनाने के नाम पर पैसे ऐंठ लेते हैं तो कभी मरीजों को घंटों घंटों बिठाए रखते हैं आखिर ऐसा क्यों,, जब योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए लाखों करोड़ों जनता की सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं तो डॉक्टरों की लापरवाही क्यों,, जिम्मेदार कौन, ऐसा ही एक मामला आज देखने को मिला की गर्भवती महिलाएं भी ब्लड टेस्ट के लिए घंटों खड़ी रही ना मरीजों को पीने के लिए पानी की सुविधा है और ना ही उन्हें बैठने की शौचालय की हालत और भी शर्मसार करने बाली है कोई सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है किसी गर्भवती महिला को अगर इंफेक्शन हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन,, क्या यही धरातल पर स्वास्थ्य व्यवस्था है लोगों का आरोप है की स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते, नाही अस्पताल परिसर में कोई साफ सफाई है ट्रेनिंग डॉक्टर ही मरीजों पर बगैर सीनियर डॉक्टर के इलाज करते हैं अगर किसी मरीज के साथ कोई बड़ी घटना घट गई तो जिम्मेदार कौन4
- कामां पुलिस ने IPS तीन ठगों को घेराबंदी करते हुए दबोचा कार्रवाई के बाद हुआ बड़ा खुलासा1
- Post by Kamal saini Pradesh adykhy4
- Post by Sonu Faujdar1