रीवा में जैन संतों के साथ हुए हादसे के बाद दतिया में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और शासन-प्रशासन से तत्काल एक ठोस सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है। जैन समाज के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जैन संत निरंतर पदयात्रा करते हुए विहार करते हैं, इस दौरान उन्हें सड़क मार्गों पर कई तरह की परेशानियों और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। रीवा की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है, जिसके चलते अब संतों की सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं जरूरी हो गई हैं। जैन समाज ने विशेष रूप से मांग की है कि जिन मार्गों से संतों का विहार होता है, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पुलिस पेट्रोलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही, संतों के विहार के दौरान प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा दल भी तैनात किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। समाज का मत है कि संत समाज केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि वे अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक संस्कृति के प्रतीक हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। दतिया में भी जैन समाज द्वारा ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारियां की जा रही हैं।
रीवा में जैन संतों के साथ हुए हादसे के बाद दतिया में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और शासन-प्रशासन से तत्काल एक ठोस सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है। जैन समाज के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जैन संत निरंतर पदयात्रा करते हुए विहार करते हैं, इस दौरान उन्हें सड़क मार्गों पर कई तरह की परेशानियों और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। रीवा की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है, जिसके चलते अब संतों की सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं जरूरी हो गई हैं। जैन समाज ने विशेष रूप से मांग की है कि जिन मार्गों से संतों का विहार होता है, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पुलिस पेट्रोलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही, संतों के विहार के दौरान प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा दल भी तैनात किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। समाज का मत है कि संत समाज केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि वे अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक संस्कृति के प्रतीक हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। दतिया में भी जैन समाज द्वारा ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारियां की जा रही हैं।
- सोशल मीडिया पर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को लगातार फॉलो करने वाला एक युवक उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने की इच्छा से उत्तर प्रदेश के चंदौली से विशेष रूप से दतिया पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रही टीएल बैठक के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। युवक की हालत बिगड़ते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल स्वास्थ्य टीम और प्रशासनिक अमले को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बिना समय गंवाए युवक को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसकी ईसीजी सहित आवश्यक जांचें और उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को हल्की टैकीप्निया और हृदय संबंधी परेशानी थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई और एक संभावित बड़ा खतरा टल गया। बाद में यह जानकारी सामने आई कि युवक की पहचान चंदौली, उत्तर प्रदेश निवासी राजकुमार बच्छी के रूप में हुई, जिसका दतिया आने का एकमात्र उद्देश्य कलेक्टर श्री वानखड़े से मिलना और उनके साथ फोटो खिंचवाना था। प्रशासन ने उसकी पहचान जानने से पहले इंसानियत निभाते हुए उसकी जान बचाने को प्राथमिकता दी। बैठक समाप्त होने के बाद, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े खुद युवक से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली, युवक को हौसला देते हुए पूरी सरकारी मदद का आश्वासन दिया और उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। समय पर मिली सहायता और प्रशासन की तत्परता के चलते युवक अब सुरक्षित और स्वस्थ बताया जा रहा है।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में दतिया पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में, आज दतिया के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जुआ खेल रहे जुआरियों को पकड़कर दतिया पुलिस ने उनकी भरे बाजार बारात निकाल दी। इस कार्रवाई से जुआरियों में हड़कंप मच गया। दतिया पुलिस लगातार एक्शन मोड में जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है।1
- भीषण गर्मी के प्रकोप के चलते थाना सरसई के प्यावल में भूसे से लदे एक ट्रैक्टर में आग लग गई। इस घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।1
- अधिवक्ताओं ने भांडेर राजस्व न्यायालय में विभिन्न सुविधाओं की मांग को लेकर भिंड-दतिया की सांसद संध्या राय को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन रेस्ट हाउस पर अधिवक्ताओं द्वारा सांसद संध्या राय को दिया गया।1
- दतिया शहर के राजगढ़ चौराहे पर एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन द्वारा एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के दुकानदार, व्यापारी और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान यातायात व्यवस्था और क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनसंवाद के दौरान लोगों ने मुख्य रूप से यातायात की अव्यवस्था और एक नाली की वजह से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समस्या उठाई। इस पर एसडीओपी ने मौके पर ही स्टॉपर लगवाकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, गुंडागर्दी, तेज रफ्तार वाहन चालकों, अवैध हूटर बजाने वालों और स्टंटबाजी करने वाले युवकों के संबंध में भी आमजन से जानकारी ली गई। पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों की सूचना तुरंत देने की अपील की, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एसडीओपी आकांक्षा जैन ने यह भी आश्वासन दिया कि सीएमओ और ट्रैफिक विभाग के समन्वय से स्थायी समाधान के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- दतिया जिला मुख्यालय पर SDOP आकांक्षा जैन ने थाना कोतवाली क्षेत्र के राजगढ़ चौराहे पर एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दुकानदार, व्यापारी वर्ग और आमजन शामिल हुए, जिनसे स्थानीय समस्याओं और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आम नागरिकों ने मुख्य रूप से यातायात अव्यवस्था और एक नाली के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से SDOP को अवगत कराया। जनसंवाद के दौरान, SDOP महोदया ने क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों, गुंडागर्दी करने वाले व्यक्तियों, तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों, अवैध हूटर बजाने वालों और स्टंटबाजी करने वाले युवकों के संबंध में भी आमजन से जानकारी मांगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए, SDOP महोदया ने तत्काल मौके पर स्टॉपर लगवाकर प्रारंभिक कार्रवाई कराई। साथ ही, उन्होंने सीएमओ और ट्रैफिक विभाग के समन्वय से स्थायी समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, जिसका उद्देश्य भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सिंगरौली की सड़कों पर समोसे का आनंद लेते हुए देखा गया।1
- रीवा में जैन संतों के साथ हुए हादसे के बाद दतिया में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और शासन-प्रशासन से तत्काल एक ठोस सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है। जैन समाज के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जैन संत निरंतर पदयात्रा करते हुए विहार करते हैं, इस दौरान उन्हें सड़क मार्गों पर कई तरह की परेशानियों और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। रीवा की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है, जिसके चलते अब संतों की सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं जरूरी हो गई हैं। जैन समाज ने विशेष रूप से मांग की है कि जिन मार्गों से संतों का विहार होता है, वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पुलिस पेट्रोलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही, संतों के विहार के दौरान प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा दल भी तैनात किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। समाज का मत है कि संत समाज केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि वे अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक संस्कृति के प्रतीक हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। दतिया में भी जैन समाज द्वारा ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारियां की जा रही हैं।1