रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक की मझिलहा ग्राम सभा और आसपास के क्षेत्रों में रात करीब 10 बजे तेज़ आंधी-बारिश दर्ज की गई। इस वर्षा ने पिछले कई दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे क्षेत्र का मौसम सुहाना हो गया है। यह वर्षा आम जनता के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हुई है। भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ धान की रोपाई का कार्य तेज़ी से चल रहा था और इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता थी। कई किसानों की धान की नर्सरी (बेहन) अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी और चिलचिलाती धूप के कारण सूखने लगी थी। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि इस बारिश से धान की नर्सरी को सर्वाधिक लाभ मिला है, जिससे मुरझा रही पौध को नया जीवन मिला है। इस राहत भरी बारिश के बाद मझिलहा और आसपास के किसानों में खुशी का माहौल है। नरपत, नन्हे, अरुण और अरविंद सहित कई किसानों ने बताया कि वे अब दोगुनी ऊर्जा के साथ खेती के कार्यों में जुट गए हैं।
रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक की मझिलहा ग्राम सभा और आसपास के क्षेत्रों में रात करीब 10 बजे तेज़ आंधी-बारिश दर्ज की गई। इस वर्षा ने पिछले कई दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे क्षेत्र का मौसम सुहाना हो गया है। यह वर्षा आम जनता के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हुई है। भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ धान की रोपाई का कार्य तेज़ी से चल रहा था और इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता थी। कई किसानों की धान की नर्सरी (बेहन) अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी और चिलचिलाती धूप के कारण सूखने लगी थी। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि इस बारिश से धान की नर्सरी को सर्वाधिक लाभ मिला है, जिससे मुरझा रही पौध को नया जीवन मिला है। इस राहत भरी बारिश के बाद मझिलहा और आसपास के किसानों में खुशी का माहौल है। नरपत, नन्हे, अरुण और अरविंद सहित कई किसानों ने बताया कि वे अब दोगुनी ऊर्जा के साथ खेती के कार्यों में जुट गए हैं।
- यूरोप में इस समय भीषण गर्मी का कहर जारी है, जिसके कारण इटली और जर्मनी जैसे देशों में ट्रैफिक लाइटें पिघलने लगी हैं। इस असाधारण घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो वहां की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक की मझिलहा ग्राम सभा और आसपास के क्षेत्रों में रात करीब 10 बजे तेज़ आंधी-बारिश दर्ज की गई। इस वर्षा ने पिछले कई दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे क्षेत्र का मौसम सुहाना हो गया है। यह वर्षा आम जनता के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हुई है। भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ धान की रोपाई का कार्य तेज़ी से चल रहा था और इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता थी। कई किसानों की धान की नर्सरी (बेहन) अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी और चिलचिलाती धूप के कारण सूखने लगी थी। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि इस बारिश से धान की नर्सरी को सर्वाधिक लाभ मिला है, जिससे मुरझा रही पौध को नया जीवन मिला है। इस राहत भरी बारिश के बाद मझिलहा और आसपास के किसानों में खुशी का माहौल है। नरपत, नन्हे, अरुण और अरविंद सहित कई किसानों ने बताया कि वे अब दोगुनी ऊर्जा के साथ खेती के कार्यों में जुट गए हैं।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रायबरेली के डलमऊ स्थित वीआईपी गंगा घाट पर 29 जून 2026 को भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग विभाग के मंत्री राकेश सचान ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और माँ गंगा का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में बड़ा मठ के देवेंद्रानंद जी महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, प्रभागीय निदेशक एवं जिला गंगा समिति के सदस्य संयोजक प्रखर मिश्रा, नगर पंचायत डलमऊ के अध्यक्ष ब्रजेश दत्त गौड़ सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री राकेश सचान ने अपने संबोधन में ज्येष्ठ पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने माँ गंगा को भारत की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि गंगा महाआरती आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। मंत्री ने श्रद्धालुओं से माँ गंगा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने का संकल्प लेने और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में योगदान देने की अपील की। गंगा महाआरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, दीपों की अलौकिक आभा और भक्तिमय भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आरती के साक्षी बनकर श्रद्धा और भक्ति भाव से माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आपदा और बाढ़ नियंत्रण में सराहनीय योगदान देने वाले नाविकों व गोताखोरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एस.एस. पाण्डेय ने किया और प्रसाद वितरण के साथ इसका समापन हुआ। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उप जिलाधिकारी डलमऊ सत्येन्द्र सिंह, क्षेत्राधिकारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चन्द्र, तहसीलदार मंजरी सिंह, जिलाध्यक्ष अपना दल सतेन्द्र पटेल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।4
- रायबरेली शहर के आरडीए कम्युनिटी सेंटर में राज्य कर विभाग ने दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर एक व्यापारी कल्याण दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में डिप्टी जीएसटी कमिश्नर शिखा गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक जीएसटी जमा करने वाले व्यापारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मेडिकल ट्रेड से ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी सहित कुल 10 व्यापारी शामिल थे, जिन्हें प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। इसके अलावा, उद्योग बंधु से जुड़े पांच व्यापारियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सदर विधायक अदिति सिंह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने इस अवसर पर व्यापारियों द्वारा कर अनुपालन में निभाई गई भूमिका की सराहना की।3
- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अथोली थाने में सेना और पुलिस के बीच कथित टकराव का एक मामला सामने आया है। इस घटना में, पुलिस ने 17 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन. अरुण गांधी, मेजर विकास शर्मा और लगभग 30 से 40 सैन्यकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब डिप्टी कमिश्नर के काफिले के रास्ते में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले एक निजी वाहन को रोका गया। इसके बाद, बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी अथोली थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोप लगाया है कि थाने में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई, स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) की वर्दी फाड़ दी गई और सब-डिविजन पुलिस ऑफिसर (SDPO) सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं, सेना ने अपने बयान में कहा है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं, और घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी। एक वीडियो कथित तौर पर इसी घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि 'जनसरोकार न्यूज़ यूपी' इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। मामला अभी जांच के अधीन है।1
- रायबरेली जनपद में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और जन जागरूकता बढ़ाना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सांसद के.एल. शर्मा ने जनपदवासियों से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए जोर दिया कि 'टीबी मुक्त जनपद का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा' और लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज न करने को कहा। सांसद शर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, लगातार वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना आना अथवा बलगम के साथ खून आने जैसे लक्षण दिखें तो उन्हें तत्काल अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, और जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच, दवाएं तथा उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को समाप्त करने तथा ऐसे लक्षण वाले आसपास के लोगों को भी जांच के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के तहत जनपद में हाई-रिस्क आबादी की सक्रिय स्क्रीनिंग, घर-घर संपर्क, निक्षय शिविरों का आयोजन और संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच कर उन्हें उपचार से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर बिना किसी संकोच के जांच कराएं और उपचार को बीच में न छोड़ें। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अनुपम सिंह ने अभियान के दौरान हुई प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 30,157 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 2,857 संभावित मरीजों की जांच कराई गई, जबकि 1,993 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 864 ऐसे टीबी मरीजों की भी पहचान की गई है, जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। अभियान के दौरान अब तक 392 निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं, और एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 1,457 संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई है। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग टीबी की शीघ्र पहचान में सहायक हो रहा है, जिससे मरीजों का उपचार समय पर शुरू हो पा रहा है और टीबी का पूरा उपचार लेने से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है तथा संक्रमण को दूसरों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।1
- रायबरेली के खीरों में मेहनत की मजदूरी का बकाया भुगतान मांगने पर एक शटरिंग ठेकेदार पर जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि घर बनाने के बाद अपना बकाया मांगने पहुंचे ठेकेदार पर "दबंग बाप-बेटे" ने फावड़े से जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर हालत में घायल ठेकेदार को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह पूरा मामला खीरों थाना क्षेत्र, रायबरेली का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब मेहनत की कमाई मांगना भी अपराध हो गया है और अगर कोई अपना हक मांगे, तो क्या उसका जवाब फावड़े से दिया जाएगा। लोग कानून के डर को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।1