गुना जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 25 से 30 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई कलोरा बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-542 में की गई, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाया हुआ था। इस अभियान को वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अंतर सिंह ओरिया के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरा किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा अमले ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभाग द्वारा 3 से 4 जेसीबी और 3 से 4 ट्रैक्टरों की मदद ली गई। अतिक्रमण मुक्त कराने के तुरंत बाद वन विभाग ने इस भूमि पर पुनर्वनीकरण अभियान की शुरुआत भी कर दी है। क्षेत्र को दोबारा विकसित करने, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से इस मुक्त कराई गई भूमि पर तुरंत बबूल के पौधों का रोपण किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में पहले भी कई हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें और वन संरक्षण व पौधरोपण अभियानों में सहयोग दें। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।
गुना जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 25 से 30 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई कलोरा बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-542 में की गई, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाया हुआ था। इस अभियान को वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अंतर सिंह ओरिया के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरा किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा अमले ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभाग द्वारा 3 से 4 जेसीबी और 3 से 4 ट्रैक्टरों की मदद ली गई। अतिक्रमण मुक्त कराने के तुरंत बाद वन विभाग ने इस भूमि
पर पुनर्वनीकरण अभियान की शुरुआत भी कर दी है। क्षेत्र को दोबारा विकसित करने, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से इस मुक्त कराई गई भूमि पर तुरंत बबूल के पौधों का रोपण किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में पहले भी कई हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें और वन संरक्षण व पौधरोपण अभियानों में सहयोग दें। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।
- गुना जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 25 से 30 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई कलोरा बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-542 में की गई, जहां लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाया हुआ था। इस अभियान को वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अंतर सिंह ओरिया के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरा किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा अमले ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभाग द्वारा 3 से 4 जेसीबी और 3 से 4 ट्रैक्टरों की मदद ली गई। अतिक्रमण मुक्त कराने के तुरंत बाद वन विभाग ने इस भूमि पर पुनर्वनीकरण अभियान की शुरुआत भी कर दी है। क्षेत्र को दोबारा विकसित करने, हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से इस मुक्त कराई गई भूमि पर तुरंत बबूल के पौधों का रोपण किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में पहले भी कई हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें और वन संरक्षण व पौधरोपण अभियानों में सहयोग दें। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।2
- राजगढ़ के ब्यावरा में प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर से दोपहर 2:00 बजे भगवान जगन्नाथ की विशाल पदयात्रा प्रारंभ की गई है।1
- राजगढ़ जिले के ब्यावरा में भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। इस रथ यात्रा में शामिल होने के लिए बहुत ही ज्यादा संख्या में भक्तजन पहुंचे। भगवान श्री जगन्नाथ की इस यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी भक्तों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।4
- गुना के कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने पुरानी साइकिल फैक्ट्री क्षेत्र का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और वहां चल रहे विकास कार्यों, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों को समयबद्ध और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।1
- मध्यप्रदेश के राजगढ़ में लोकायुक्त ने एक पंचायत सह सचिव को रिश्वत लेते हुए दबोचा है। इस ट्रैप की कार्रवाई के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने पकड़े गए पंचायत कर्मी को लेकर अपनी बात रखी और मामले की जानकारी दी है।1
- विदिशा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम रक्षा समिति के 25 सदस्यों को सम्मानित किया गया। 18 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नवागत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी की उपस्थिति रही। पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर उत्कृष्ट सहयोग देने वाले इन सदस्यों को उनके सराहनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता और "गोल्डन ऑवर" के महत्व को देखते हुए चिन्हित स्थानों पर तैनात 45 ट्रॉमा वॉलिंटियर्स को ट्रॉमा किट भी वितरित की गईं। इन किटों के माध्यम से दुर्घटना में घायलों को प्राथमिक उपचार देकर समय पर अस्पताल पहुंचाने में सहायता मिलेगी, जिससे गंभीर परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाया जा सके। इसके साथ ही, सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के हित में विभिन्न संस्थाओं व प्रतिष्ठानों के साथ हुए समझौते के तहत विशेष रियायतों की घोषणा की गई। वरिष्ठ नागरिकों को उनके सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत परिचय-पत्र के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं, पैथोलॉजी और कपड़ा व्यापार सहित अन्य क्षेत्रों में 5 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने सभी सम्मानित सदस्यों, ट्रॉमा वॉलिंटियर्स और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत करने में ग्राम रक्षा समिति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।1
- राजगढ़ के खिलचीपुर स्थित पशु चिकित्सा विभाग में एक बीमार गाय की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया है। कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया है कि कई दिनों तक लगातार सूचना देने के बावजूद भी डॉक्टर गाय के इलाज के लिए नहीं पहुंचे, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बवाल के बाद अब अधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर उस समय भारी हंगामा मच गया, जब कोंकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। यह घटना उस वक्त हुई जब वे मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे। स्याही फेंकते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत महिला को पकड़ लिया और दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और घटना की जांच जारी है। हालांकि, इस महिला की पहचान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।1