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बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहां विद्यालय के एक शिक्षक का क्लास में सोने का वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, विद्यालय के हेड मास्टर द्वारा पत्रकार को धमकी दी जा रही है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे एक शिक्षक पत्रकार को धमकी दे रहा है। इस आचरण को देखकर यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि यह व्यक्ति आखिर एक शिक्षक है या फिर कोई गुंडा।
बिहार दैनिक पंचायत रणधीर सिंह
बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहां विद्यालय के एक शिक्षक का क्लास में सोने का वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, विद्यालय के हेड मास्टर द्वारा पत्रकार को धमकी दी जा रही है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे एक शिक्षक पत्रकार को धमकी दे रहा है। इस आचरण को देखकर यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि यह व्यक्ति आखिर एक शिक्षक है या फिर कोई गुंडा।
- सौर बाजार समाचार।सौर बाजार, सहरसा, बिहारये शिक्षक सभी बच्चे का भविष्य खराब करने में लगे हुए हैं8 hrs ago
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- बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहां विद्यालय के एक शिक्षक का क्लास में सोने का वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, विद्यालय के हेड मास्टर द्वारा पत्रकार को धमकी दी जा रही है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे एक शिक्षक पत्रकार को धमकी दे रहा है। इस आचरण को देखकर यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि यह व्यक्ति आखिर एक शिक्षक है या फिर कोई गुंडा।1
- बिहार के वैशाली जिले के लालगंज क्षेत्र को विकास की दो बड़ी सौगातें मिली हैं। यहाँ नशा मुक्ति केंद्र और ग्रामीण हाट का उद्घाटन किया गया है। इस महत्वपूर्ण शुरुआत से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। लालगंज में इन दोनों सुविधाओं के चालू होने से स्थानीय लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है।1
- बिहार की राजनीति में इस समय बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना के दशरथा और सिपारा क्षेत्र में अपनी पदयात्रा के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बांकीपुर में सिर्फ एक सही उम्मीदवार के खड़े होने मात्र से ही पूरी भाजपा ऊपर से नीचे तक थर-थर कांप रही है। प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जहां इनके नेता और मंत्री कभी वोट मांगने भी नहीं जाते थे, आज वहां उन्हें सुबह-शाम चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। भाजपा को अपना किला बचाने के लिए हजारों वर्कर्स और मंत्रियों को सड़कों पर उतारना पड़ा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की असली ताकत बताया और कहा कि जैसे इन नेताओं ने जनता को ठगा है, वैसे ही अब जनता इन्हें ठगने का काम करेगी।1
- पटना के नौबतपुर प्रखंड के आदर्श ग्राम मोतीपुर गांव में 15 जुलाई से 21 जुलाई तक साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। इस कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथावाचक श्री श्री 1008 स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत सुनने वाले मनुष्यों पर ईश्वर की कृपा होती है और इससे पूर्वजों को भी शांति मिलती है। उन्होंने भक्तों को सीख दी कि वैष्णव धर्म का पालन करना कठिन अवश्य है, लेकिन यह असंभव नहीं है। यदि मनुष्य अपनी इच्छा को जागृत कर ले, तो उसके सभी कार्य संभव हो जाते हैं। महाराज जी ने जोर देकर कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य योनि का जीवन पूरी तरह सफल और संपूर्ण हो जाता है। इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर बिक्रम विधानसभा के पूर्व विधायक अनिल कुमार, समाजसेवी हरेंद्र सिंह, संतोष कुमार, विवेक कुमार, अशोक कुमार सिन्हा, मुन्ना सिंह, कौशलेन्द्र कुमार और गुड्डा सिंह समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- पटना में पैक्स अध्यक्ष पद के उम्मीदवार इंद्रदेव प्रसाद के समर्थन में पूर्व मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार ने अपनी बात रखी है। इंद्रदेव प्रसाद का जोरदार समर्थन करते हुए मनोज कुमार ने बड़ा दावा किया है और कहा है कि इस बार मुकाबले में उनके सामने टक्कर में कोई भी नहीं है।1
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- दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छिड़ गई है। शनिवार तड़के जब दिल्ली पुलिस की टीम धरना स्थल पर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई, तो मौके पर मौजूद उनके समर्थकों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। सोनम वांगचुक का आरोप है कि NEET परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। फिलहाल पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर एक विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।1