झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा की महिला विधायकों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेत्री शेफ़ाली गुप्ता ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस बयान को न केवल महिला विधायकों का अपमान बताया, बल्कि इसे महिलाओं की राजनीतिक समझ, स्वतंत्र सोच और निर्णय लेने की क्षमता पर भी सवाल खड़ा करने वाला बताया। शेफ़ाली गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि किसी राजनीतिक दल के सामूहिक निर्णय को महिला विधायकों के चरित्र और निजी भावनाओं से जोड़ना बेहद आपत्तिजनक है और यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद न करने की बात कही। मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए शेफ़ाली गुप्ता ने कहा कि जिन परिमल नाथवानी जी को लेकर आज आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें वर्ष 2008 में तत्कालीन झामुमो-कांग्रेस समर्थित सरकार ने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय झामुमो ने अपने उम्मीदवार की कीमत पर भी उनका समर्थन किया था। वर्ष 2014 में भी उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया था, जिसे उनके योगदान और विकासोन्मुखी कार्यों के प्रति मौन समर्थन माना गया था। भाजपा नेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि आज विधायक झारखंड के विकास, उद्योग और राज्यहित को ध्यान में रखकर किसी उम्मीदवार का समर्थन करते हैं, तो उसे गलत अर्थ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। शेफ़ाली गुप्ता ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन महिलाओं की गरिमा और सम्मान पर टिप्पणी करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी' कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति दूसरों में वही देखता है, जो उसके अपने मन में होता है। इसके साथ ही, उन्होंने मंत्री इरफान अंसारी से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा की महिला विधायकों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेत्री शेफ़ाली गुप्ता ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस बयान को न केवल महिला विधायकों का अपमान बताया, बल्कि इसे महिलाओं की राजनीतिक समझ, स्वतंत्र सोच और निर्णय लेने की क्षमता पर भी सवाल खड़ा करने वाला बताया। शेफ़ाली गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि किसी राजनीतिक दल के सामूहिक निर्णय को महिला विधायकों के चरित्र और निजी भावनाओं से जोड़ना बेहद आपत्तिजनक है और यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद न करने की बात कही। मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए शेफ़ाली गुप्ता ने कहा कि जिन परिमल नाथवानी जी को लेकर आज आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें वर्ष 2008 में तत्कालीन झामुमो-कांग्रेस समर्थित सरकार ने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय झामुमो ने अपने उम्मीदवार की कीमत पर भी उनका समर्थन किया था। वर्ष 2014 में भी उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया था, जिसे उनके योगदान और विकासोन्मुखी कार्यों के प्रति मौन समर्थन माना गया था। भाजपा नेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि आज विधायक झारखंड के विकास, उद्योग और राज्यहित को ध्यान में रखकर किसी उम्मीदवार का समर्थन करते हैं, तो उसे गलत अर्थ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। शेफ़ाली गुप्ता ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन महिलाओं की गरिमा और सम्मान पर टिप्पणी करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी' कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति दूसरों में वही देखता है, जो उसके अपने मन में होता है। इसके साथ ही, उन्होंने मंत्री इरफान अंसारी से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
- जमशेदपुर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने कई लोगों को झकझोर दिया है। इस घटना में हाथी के साथ मजाक करने का प्रयास बेहद घातक सिद्ध हुआ, जिसकी कीमत एक व्यक्ति को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी है।1
- उत्तरी छोटा नागपुर पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के 21वें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में रामगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवर आल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है।1
- झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले में जेजे कॉलेज को बचाने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल जिले के डिग्री कॉलेज को बचाने के उद्देश्य से की गई है, क्योंकि विनोबा भावे विश्वविद्यालय (वीबीयू) से जेजे कॉलेज को हटाने के निर्णय को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। इस अभियान के तहत 10 हज़ार छात्रों के हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे। इन हस्ताक्षरों के माध्यम से छात्र मुख्यमंत्री से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग करेंगे।1
- हजारीबाग के कई इलाकों में 17 जून को तीन घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह शटडाउन मेंटेनेंस कार्य के लिए किया जा रहा है।1
- रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान थाना स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और जनता से संवाद स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि पुलिस और जनता के बीच संबंध और अधिक सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल से रिहा हुए अपराधियों सहित सभी संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही, निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) संबंधी प्रस्तावों में भी शीघ्रता लाने का आदेश दिया गया। अधिकारियों को चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और मोबाइल व बैग गुम होने से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। प्रत्येक थाना पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने चैन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थ (NDPS), चोरी, गृह भेदन और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त (Routine Patrolling) की सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया। रात्रिकालीन गश्ती और क्षेत्रीय भ्रमण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए, ताकि रात में सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो (POCSO) मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था का संरक्षण और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया।1
- झारखंड के कोडरमा में कोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। इस अभियान के तहत गरीब, दलित और मजदूर परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं। हालांकि, इस पर यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि जिन परिवारों के घर टूट रहे हैं, उनके पुनर्वास के लिए प्रशासन द्वारा क्या व्यवस्था की गई है। यह स्वीकार किया गया है कि कानून का पालन करना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है कि कोई भी परिवार बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश न हो। प्रशासन और सरकार से यह मांग की जा रही है कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अतिक्रमण से प्रभावित हुए इन परिवारों के लिए उचित और तत्काल व्यवस्था करें।1