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आने वाली पीढ़ी को आप क्या दे रहे है , एक प्राकृतिक सौंदर्य वनों की श्रृंखला , यह प्रदूषण से भरा हुआ माहौल कमेंट में जरूर लिखें वीडियो देखें
संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
आने वाली पीढ़ी को आप क्या दे रहे है , एक प्राकृतिक सौंदर्य वनों की श्रृंखला , यह प्रदूषण से भरा हुआ माहौल कमेंट में जरूर लिखें वीडियो देखें
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- केतार (गढ़वा) गुप्त सूचना पर प्रशासन का एक्शन, अवैध खाद कारोबार की जांच से मचा हड़कंप1
- जलसहियाओं की बैठक में टीकाकरण अभियान को लेकर दिए गए जरूरी निर्देश चिनियां: प्रखंड के सभी जलसहिया दीदियों के साथ शनिवार को चिनियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मीटिंग हॉल में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एएनएम बबीता कुमारी ने जलसहियाओं को टीकाकरण सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने, पात्र बच्चों एवं लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने तथा निर्धारित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। एएनएम ने जलसहियाओं से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सक ने भी जलसहियाओं को आवश्यक सुझाव देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलसहियाओं की ग्रामीण स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके सहयोग से टीकाकरण समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफल बनाया जा सकता है। बैठक में प्रखंड क्षेत्र की जलसहिया दीदियां उपस्थित रहीं।1
- संग्रहे खुर्द-पंचायत के चमरही , गांव का यह मामला प्रकाश में आया है l जहां कुछ लोग मनमानी कर आपसी भाईचारा को लोभ में आकार खराब कर रहे हैं l लोभ (लालच) में आकर लोग अपनी सोच और विचारों को गलत रास्ते पर ले जाते हैं। वे केवल अपना फायदा देखते हैं और दूसरों को नुकसान पहुँचाने की सोचते हैं। इससे उनका मन अशांत हो जाता है और उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। विचारों के खराब होने के कारण स्वार्थी सोच: व्यक्ति केवल अपने बारे में सोचता है। सच्चाई से दूरी: इंसान सही और गलत का फर्क भूल जाता है। ईर्ष्या और द्वेष: दूसरों की सफलता देखकर मन में जलन पैदा होती है। असंतोष: कितना भी मिलने पर मन शांत नहीं होता और बेचैनी बढ़ती है। परिणामों पर असर मानसिक तनाव: गलत चाहत हमेशा डर और चिंता पैदा करती है। निर्णय क्षमता में कमी: इंसान गुस्से या जल्दबाजी में गलत फैसले लेता है। संबंधों में खटास: लालच के कारण अपनों से विश्वास टूट जाता है।1
- "'12 बजे सो के उठेंगे..., 2 बजे बबुआ तैयार होंगे'"। योगी आदित्यनाथ "'12 बजे सो के उठेंगे..., 2 बजे बबुआ तैयार होंगे'"। योगी आदित्यनाथ1
- मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 का अटल सुशासन भवन खम्हरिया में हुआ शुभारंभ। कलेक्टर ने दिए शतप्रतिशत हितग्राही लाभ एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश।1
- पिताजी की तुलना भगवान, एक मजबूत वृक्ष, छत (आश्रय), और मार्गदर्शक से की जा सकती है, क्योंकि वे परिवार के लिए बिना कुछ कहे हर कठिन परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं। जिसके सर पर पिता की साया हो उस पुत्र का किसी भी प्रकार की चिंता फिकर नहीं होती है l क्यो कि पिता माता ही एक ऐसे, जीवन के सच्चे मार्ग दर्शन करने वाले गुरु हैं l जो अपने से भी ऊपर पद पाने हर वक्त कामना करते हैं l वृक्ष (पेड़): जैसे एक पेड़ खुद तेज धूप सहकर अपनी छांव दूसरों को देता है, वैसे ही पिता परिवार की खुशी के लिए हर कष्ट सहते हैं। घर की छत: जैसे छत धूप, बारिश और आंधी से बचाती है, वैसे ही पिता का साया पूरे परिवार को सुरक्षित रखता है। कंधा और मार्गदर्शक: बचपन में जिनके कंधों पर बैठकर दुनिया देखते हैं, वही बड़े होने पर सही रास्ता दिखाते हैं। भगवान का रूप: जो बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के अपनी संतान की सफलता के लिए समर्पित रहते हैं।1
- भारत के प्रधानमंत्री श्री दामोदरदास नरेंद्र मोदी भारत के माटी के कसम खाते हुए बताया कि हम भारत के लोग हाय गर्व से बोलेंगे1