पिताजी की तुलना भगवान, एक मजबूत वृक्ष, छत (आश्रय), और मार्गदर्शक से की जा सकती है, क्योंकि वे परिवार के लिए बिना कुछ कहे हर कठिन परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं। जिसके सर पर पिता की साया हो उस पुत्र का किसी भी प्रकार की चिंता फिकर नहीं होती है l क्यो कि पिता माता ही एक ऐसे, जीवन के सच्चे मार्ग दर्शन करने वाले गुरु हैं l जो अपने से भी ऊपर पद पाने हर वक्त कामना करते हैं l वृक्ष (पेड़): जैसे एक पेड़ खुद तेज धूप सहकर अपनी छांव दूसरों को देता है, वैसे ही पिता परिवार की खुशी के लिए हर कष्ट सहते हैं। घर की छत: जैसे छत धूप, बारिश और आंधी से बचाती है, वैसे ही पिता का साया पूरे परिवार को सुरक्षित रखता है। कंधा और मार्गदर्शक: बचपन में जिनके कंधों पर बैठकर दुनिया देखते हैं, वही बड़े होने पर सही रास्ता दिखाते हैं। भगवान का रूप: जो बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के अपनी संतान की सफलता के लिए समर्पित रहते हैं।
पिताजी की तुलना भगवान, एक मजबूत वृक्ष, छत (आश्रय), और मार्गदर्शक से की जा सकती है, क्योंकि वे परिवार के लिए बिना कुछ कहे हर कठिन परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं। जिसके सर पर पिता की साया हो उस पुत्र का किसी भी प्रकार की चिंता फिकर नहीं होती है l क्यो कि पिता माता ही एक ऐसे, जीवन के सच्चे मार्ग दर्शन करने वाले गुरु हैं l जो अपने से भी ऊपर पद पाने हर वक्त कामना करते हैं l वृक्ष (पेड़): जैसे एक पेड़ खुद तेज धूप सहकर अपनी छांव दूसरों को देता है, वैसे ही पिता परिवार की खुशी के लिए हर कष्ट सहते हैं। घर की छत: जैसे छत धूप, बारिश और आंधी से बचाती है, वैसे ही पिता का साया पूरे परिवार को सुरक्षित रखता है। कंधा और मार्गदर्शक: बचपन में जिनके कंधों पर बैठकर दुनिया देखते हैं, वही बड़े होने पर सही रास्ता दिखाते हैं। भगवान का रूप: जो बिना किसी स्वार्थ और दिखावे के अपनी संतान की सफलता के लिए समर्पित रहते हैं।
- विंढमगंज–कोन मार्ग पर पिपरखाड़ मोड़ से पहले पहाड़ी कटान, प्रशासन से जांच की मांग शीर्षक: विंढमगंज–कोन मार्ग पर पिपरखाड़ मोड़ से पहले पहाड़ी कटान, प्रशासन से जांच की मांग विंढमगंज (सोनभद्र)। विंढमगंज–कोन मार्ग पर पिपरखाड़ मोड़ से पहले स्थित एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा कटा हुआ दिखाई दे रहा है। बरसात के मौसम में इस प्रकार का कटान भूस्खलन और मिट्टी धंसने का खतरा बढ़ा सकता है। मौके पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा भी फैला हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते संबंधित विभाग ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया, तो भविष्य में राहगीरों और आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से स्थल का तत्काल निरीक्षण कर कटान के कारणों की जांच कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और क्षेत्र की सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कार्रवाई करते हैं।1
- 📍 पांकी | सकलदीपा मामला आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज अहमद खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकलदीपा मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और मामले को सांप्रदायिक रंग देने से बचना चाहिए। अपनी राय कमेंट में जरूर दें। Jharkhand Police Palamau Police Palamau Pol1
- करोड़ों का बजट, हकीकत में बोरा-चटाई: महुआडांड़ के स्कूलों में फर्श पर बैठकर 'भविष्य' गढ़ रहे मासूम* रामप्रवेश गुप्ता एक तरफ देश अंतरिक्ष में नए आयाम छू रहा है और "डिजिटल इंडिया" का सपना देखा जा रहा है, वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड की तस्वीरें सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहाँ प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे मासूम बच्चे आज भी धूल और नमी से भरे फर्श पर बोरा व चटाई बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी दावों और करोड़ों के शिक्षा बजट के बीच राजकीय प्राथमिक उत्क्रमित विद्यालय, टुकूडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंबाकोना की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन स्कूलों की दीवारों पर टंगे 'स्मार्ट क्लास' के पोस्टर व्यवस्था के इस खोखलेपन पर मानो तंज कस रहे हों। *न टेबल, न बेंच... मौसम की मार के बीच पढ़ाई की परीक्षा* दोनों विद्यालयों में न तो टेबल हैं और न ही बेंच। क्लासरूम में सिर्फ फटे-पुराने बोरे या चटाई बिछी हैं। बच्चे ठिठुरती ठंड, तपती गर्मी और बरसात की सीलन भरी जमीन पर सिमटकर गणित के सवाल हल करते हैं और कविताएं याद करते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा मौसम की मार और असुविधाओं से लड़ना पड़ रहा है। *"सर! इस बार तो बेंच आएगा ना?" — बेबस शिक्षकों के छलके आंसू* शिक्षकों के अनुसार, वे लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। "मैं पिछले कई वर्षों से यहाँ पढ़ा रहा हूँ। विभाग को दर्जनों बार पत्र लिखे, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है कि 'फाइल प्रक्रिया में है'। मासूम बच्चे रोज पूछते हैं - 'सर, इस बार बेंच आएगा ना?' मेरे पास उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता।" — सरयू राम दिवाकर, प्रधानाचार्य (प्रा. उ. वि. टुकूडीह) "स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे नामांकित हैं।अभिभावक सीधे सवाल करते हैं कि जब बैठने की जगह ही नहीं है तो बच्चों को स्कूल क्यों भेजें? सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि इन मासूमों को कम से कम बुनियादी सम्मान तो मिले।" — झगर नगेसिया, प्रधानाचार्य (उ. म. वि. अंबाकोना) *ग्रामीणों का आरोप: फाइलों में पास फर्नीचर, धरातल पर शून्य* स्थानीय ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि फर्नीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कागजों पर टेंडर पास हो जाते हैं और फंड जारी होता है, लेकिन कमीशनखोरी और लालफीताशाही के कारण सामान कभी स्कूल के गेट तक नहीं पहुँचता। *15 दिनों का अल्टीमेटम* ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि 15 दिनों के भीतर महुआडांड़ प्रखंड के इन स्कूलों में टेबल और बेंच की व्यवस्था की जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्या 'डिजिटल इंडिया' के दौर में महुआडांड प्रखण्ड के इन मासूमों को बैठने के लिए एक बेंच मिलना भी इतना मुश्किल है? जिला प्रशासन को इस पर अविलंब संज्ञान लेने की आवश्यकता है।2
- ओबीपुर एवं उदरदाना से 25 लीटर महुआ शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, शराब तस्करों में मचा हड़कंप अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नवीनगर प्रखंड की बड़ेम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना क्षेत्र के ओबीपुर एवं उदरदाना गांव में छापेमारी कर 25 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की और मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप पासवान (पिता- सुरेश पासवान) तथा प्रमोद राजवंशी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष अमरजीत चौधरी ने बताया कि बताया कि शुक्रवार को यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी कीमत पर शराब कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके। #BreakingNews #BharatCrimeLiveNews #AurangabadPolice #BiharPolice #Nabinagar #LiquorSeizure #Prohibition #CrimeNews1
- जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड जवान आई हैं, महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) भर्ती विवाद जैसे विषय भी प्रमुखता से चर्चा में रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1, 2] मुख्य कारण और मांगें परीक्षा में गड़बड़ियां: छात्र परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से नाराज हैं। [1, 2] निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1] अनशन और आंदोलन: न्याय की मांग को लेकर युवा और छात्र नेता (जैसे देवेंद्रनाथ महतो) अनशन और धरने पर बैठे हैं। सरकार ने हालांकि बातचीत का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।1
- “CCTV में कैद हुई मासूमों की पिटाई! DAV स्कूल के दो शिक्षकों पर गिरी गाज, दोनों बर्खास्त” DAV स्कूल में दो मासूम छात्रों की डंडे से बेरहमी से पिटाई, CCTV सामने आते ही दो शिक्षक बर्खास्त बलरामपुर/वाड्रफनगर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित प्रेमनगर DAV पब्लिक स्कूल से छात्रों के साथ मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो मासूम छात्रों की डंडे से बेरहमी से पिटाई करने का आरोप दो शिक्षकों पर लगा है। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। मामूली बात पर बंद कमरे में पिटाई का आरोप मिली जानकारी के मुताबिक, बच्चों के बीच हुई मामूली कहासुनी और समय पर बाल नहीं कटवाने की बात को लेकर दोनों छात्रों को कथित तौर पर बंद कमरे में ले जाया गया। आरोप है कि वहां शिक्षकों ने डंडे से दोनों बच्चों की बेरहमी से पिटाई की। घटना के बाद दोनों छात्र काफी डरे और सहमे हुए थे। आरोप यह भी है कि बच्चों को घटना के बारे में अपने परिजनों को नहीं बताने की चेतावनी दी गई थी। उन्हें धमकाया गया कि यदि उन्होंने घर पर इस बारे में बताया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। CCTV फुटेज ने खोली घटना की पोल मामले का CCTV फुटेज सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। फुटेज में छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने की सख्त कार्रवाई स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इस तरह की घटना को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों के साथ कथित मारपीट के इस मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड दिए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मामले में आगे प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।2
- “CCTV में कैद हुई मासूमों की पिटाई! DAV स्कूल के दो शिक्षकों पर गिरी गाज, दोनों बर्खास्त”1