जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड जवान आई हैं, महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) भर्ती विवाद जैसे विषय भी प्रमुखता से चर्चा में रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1, 2] मुख्य कारण और मांगें परीक्षा में गड़बड़ियां: छात्र परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से नाराज हैं। [1, 2] निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1] अनशन और आंदोलन: न्याय की मांग को लेकर युवा और छात्र नेता (जैसे देवेंद्रनाथ महतो) अनशन और धरने पर बैठे हैं। सरकार ने हालांकि बातचीत का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।
जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड जवान आई हैं, महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) भर्ती विवाद जैसे विषय भी प्रमुखता से चर्चा में रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1, 2] मुख्य कारण और मांगें परीक्षा में गड़बड़ियां: छात्र परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से नाराज हैं। [1, 2] निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1] अनशन और आंदोलन: न्याय की मांग को लेकर युवा और छात्र नेता (जैसे देवेंद्रनाथ महतो) अनशन और धरने पर बैठे हैं। सरकार ने हालांकि बातचीत का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।
- छात्रों के प्रदर्शन पर सीएम हेमंत का पहला बयान आया सामने ! छात्रों के प्रदर्शन पर सीएम हेमंत का पहला बयान आया सामने !1
- जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड जवान आई हैं, महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) भर्ती विवाद जैसे विषय भी प्रमुखता से चर्चा में रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1, 2] मुख्य कारण और मांगें परीक्षा में गड़बड़ियां: छात्र परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से नाराज हैं। [1, 2] निष्पक्ष जांच: प्रदर्शनकारी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। [1] अनशन और आंदोलन: न्याय की मांग को लेकर युवा और छात्र नेता (जैसे देवेंद्रनाथ महतो) अनशन और धरने पर बैठे हैं। सरकार ने हालांकि बातचीत का प्रयास किया है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है।1
- उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने गढ़वा वासियों को दिया संदेश उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने गढ़वा जिले के सभी पात्र मतदाताओं से अपील है कि 08 एवं 09 अगस्त 2026 को आयोजित विशेष शिविर में अपने नजदीकी मतदान केंद्र पहुँचकर आवश्यकतानुसार फॉर्म-6 एवं फॉर्म-8 भरें। सही मतदाता सूची, मजबूत लोकतंत्र की पहचान है। कोई भी पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं। 📍 समय: सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आपका एक कदम, लोकतंत्र को और सशक्त बनाएगा। 🇮🇳 #SIR20261
- Garhwa DC सर देखिए इन बच्चों को और मदद कीजिए आप से कई उम्मीदें है गढ़वा DC सर, इन मासूम बच्चों की स्थिति पर एक बार जरूर ध्यान दीजिए। इन बच्चों को आपसे और जिला प्रशासन से मदद की कई उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द पहल कर इन्हें जरूरी सहायता और बेहतर भविष्य का सहारा देगा।1
- भावुक संध्या सारणी ओम शांति1
- *विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न* आज शनिवार एक बजे दिन में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गेरुआ उचरी में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का पुनर्गठन शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पुनर्गठन की संपूर्ण प्रक्रिया पर्यवेक्षक संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय एवं सहायक अध्यापक संजय कुमार गुप्ता की देखरेख में निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराई गई। आमसभा में नव चयनित 15 सदस्यों में से सर्वसम्मति से श्री शंभू राम को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष तथा सुचिता लकड़ा को उपाध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शशि भूषण कुमार, सहायक शिक्षक दिकदार उराँव सहित विद्यालय के शिक्षक, समिति के नवनिर्वाचित सदस्य एवं अन्य उपस्थित ग्रामीण मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को सभी उपस्थित सदस्यों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई समिति विद्यालय के शैक्षणिक विकास, बेहतर प्रबंधन, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं विद्यालय के समग्र विकास में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1
- प्रहरी ने रक्तदान कर बचाई शिक्षक की पत्नी की जान, मानवता की पेश की मिसाल चिनिया प्रखंड मुख्यालय के रानी चेरी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय उच्च विद्यालय के प्रहरी जय कुमार सिंह ने समय पर रक्तदान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। गांव निवासी शिक्षक महावीर सिंह की पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने इलाज के लिए तत्काल ए पॉजिटिव (A+) रक्त की आवश्यकता बताई। सूचना मिलते ही जय कुमार सिंह बिना देर किए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचे और स्वेच्छा से अपना ए पॉजिटिव रक्त दान किया। उनके इस नेक कार्य से मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और उपचार शुरू किया गया। जय कुमार सिंह के इस सराहनीय कदम की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है। लोगों ने कहा कि रक्तदान महादान है और जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।1
- झारखंड की राजधानी रांची में छात्र और युवा प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सीबीआई (CBI) या न्यायिक जांच और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। मुख्य कारण (Main Reasons) परीक्षाओं में गड़बड़ी: छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। [1, 2] सीबीआई जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य की सीआईडी (CID) जांच के बजाय पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच सीबीआई या ईडी (ED) द्वारा की जाए। [1] भ्रष्टाचार और पेपर लीक: नौकरियों की खरीद-फरोख्त और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई और ओएमआर (OMR) शीट सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है। अनशन और आंदोलन: रांची के स्टेडियम में छात्र पिछले कई दिनों से लगातार धरना और आमरण अनशन पर बैठे हैं।1