आदिल की पुलिस पर फायरिंग किस नेता के संरक्षण में । आदिल मिर्जा पर वेवाक टिप्पणी। आदिल मिर्जा एक छोटा अपराधी था। सागोद में वह छुटपुट गुंडागर्दी किया करता था। नेताओं की छत्रछाया में पुलिस की छत्रछाया में उसने अपना गुंडागर्दी अवैध धंधा का व्यापार धीरे-धीरे बढ़ाया। सगोद के इलाकों में उसने धीरे-धीरे गुंडागर्दी के इतने पंख फैला लिए कि उसके नाम से लोग खोफ खाने लगे। कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस के नेता उसका उपयोग करते थे। और उसको पुलिस से बचते थे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तो है भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की शरण में चला गया। आदिल मिर्जा ने कोटा केथूनी पोल इलाके में अपनेअवैध कारोबारों का अड्डा बना रखा था। उससे वहां के भाजपा के एक नेता भी नाराज बताए जाते थे। आदिल मिर्जा ने गोली चलाई और सरेआम मीडिया के सामने यूट्यूब चैनल की फ्रेम में आकर गला फाड़ फाड़ कर निर्दोष होने का पैगाम जनता नेता और पुलिस को दिया। वह पुलिस को चकमा देना चाहता था। पुलिस के पास ठोस सबूत थे। जब उसे पुलिस सांगोद मुखबिर की सूचना पर पकड़ने गई। तो देखिएगा उसके हौसले कि उसने पुलिस पर गोली चला दी। परमात्मा की मेहरबानी रही। और उन पुलिस कर्मियों की पत्नी और बच्चों की दुआ रही। कोई पुलिसकर्मी हताहत नहीं हुआ। फिर क्या था। आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने ग्रामीण पुलिस कप्तान को आड़े हाथों लिया। और कई पुलिस की कंपनियां सांगोद और उसके आसपास उस हिस्ट्री सीटर साहिल मिर्जा को किसी आतंकवादी की तरह चपे चपे पर पुलिस का जाल। बिछाकर मुखविर की सूचना पर उस समाज कंटक आदिल को एनकाउंटर करने का मानस बना लिया था। जिसके आतंक से आए दिन कोटा शहर आसपास के इलाकों में और गरीब सांगोद के लोगों की जमीन और उन्हें परेशान करने को लेकर वह भी परेशान थे।लेकिन ऊपर से दबाव होने के कारण। आदिल के पैर में और हाथ में गोली मार कर उससे हथियार बरामद किए। आदिल के बारे में हमें सांगोद से बहुत गंभीर खबरें भेजी जा रही है। इसका टेलीफोन डीजीपी साहब। स्वयं मंगा कर उसकी कॉल डिटेल निकलवाए तो कई पुलिस के जवान और कई नेता नंगे हो जाएंगे। क्योंकि उसका नेटवर्क बहुत जबरदस्त था। कई यूट्यूब चैनल के लोगों को और कई पत्रकारों से वह मधुर तालुका रखता था। इसलिए उसने स्टार न्यूज़ की फ्रेम में आकर चीख कर मुझे झूठा फसाने का बयान दिया था। और उसके बाद। वह फरार होकर सांगोद फार्म हाउस पर सुरा और सुंदरी में डूबा हुआथा। पुलिस ने उसे उसी टाइम क्यों गोली नहीं मार कर घायल क्यो नहीं किया। यह भी प्रश्न वाचक चिन्ह पुलिस के परदे पर तेर रहा है। जनता के जेहन में भी है। वह दो दिन नहीं मिला यह भी प्रश्न वाचक चिन्ह जनता की अदालत में रहा। और राजस्थान पत्रिका ने इसे प्रमुख सुर्खियां में बनाया जब कहीं आदिल का आतंक का ड्रामा हाथ पैर में गोली लगने के साथ समाप्त हुआ। सूवे के मुख्यमंत्री भजनलाल डीजीपी राजीव शर्मा इन तस्करों इन मावली गुंडों। पर क्यों लगाम नहीं लग पा रही है। जहां एक और कल ही केन्द्रयगह मंत्री अमित शाह अपराधों में कमी का पहाड़ा राजस्थान सूवे की 800000 जनता को पढ़ाकर गए हैं। कोटा में पिछले वर्ष की चाकू रिवाल्वर की फायरिंग का रिकॉर्ड और नए वर्ष 2026 की एक सप्ताह का चाकू बाजी और फायरिंग का रिकॉर्ड शायद मुख्यमंत्री उन्हें परोस नहीं पाए। आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल पिछले 5 महीना से आए हैं उन्होंने अपराधों पर नियंत्रण किया है। लेकिन शहर और ग्रामीण पुलिस कप्तान चाकू वेचने वाले मौत के सौदागर रिवाल्वर बेचने वाले मौत के सौदागर और सबसे बड़ी चुनौती कारतूस इन बदमाशों को कौन सप्लाई करता है। उनको आज तक नहीं पकड़ पाए। आदिल मिर्जा कुलदीप धाकड़ बंटी जो थानों के हिस्ट्रीशीटर जिला वदर पास के मुलाजिम है। जो अभी तक लाखों रुपए की रिवाल्वरो की सप्लाई चाकूओं की सप्लाई कर चुके हैं इनको क्यों नहीं पकड़ पा रही है अपराध करते हैं जब ही पड़ती है सप्लाई करते हैं जब नहीं। कोटा शहर में प्रति माह एक करोड रुपए के गांजा चरस अफीम बिकती है। हाडोती कोटा बूंदी झालावाड़ में 20 करोड रुपए की मादक पदार्थ बिकते हैं। छुट भैया लोगों को तो पुलिस पकड़ लेती है। और रोजनामचे की खानापूर्ति कर लेती है। लेकिन बड़े बड़े मगर मगरमच्छ क्यों पुलिस पुलिस की ग्रफत से बाहर रहते हैं । मुख्यमंत्री जी कल आप दस्तक दे रहे हैं कोटा में।आदिल मिर्जा के मोबाइलों की कॉल डिटेल डीजीपी के माध्यम से किसी निष्पक्ष जयपुर के आला अफसर से करवाए तो। कई संगीन राज यह हिस्ट्रीशीटर साहिल उगलेगा जिसमें पुलिस और नेता बेनकाब होंगे।
आदिल की पुलिस पर फायरिंग किस नेता के संरक्षण में । आदिल मिर्जा पर वेवाक टिप्पणी। आदिल मिर्जा एक छोटा अपराधी था। सागोद में वह छुटपुट गुंडागर्दी किया करता था। नेताओं की छत्रछाया में पुलिस की छत्रछाया में उसने अपना गुंडागर्दी अवैध धंधा का व्यापार धीरे-धीरे बढ़ाया। सगोद के इलाकों में उसने धीरे-धीरे गुंडागर्दी के इतने पंख फैला लिए कि उसके नाम से लोग खोफ खाने लगे। कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस के नेता उसका उपयोग करते थे। और उसको पुलिस से बचते थे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तो है भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की शरण में चला गया। आदिल मिर्जा ने कोटा केथूनी पोल इलाके में अपनेअवैध कारोबारों का अड्डा बना रखा था। उससे वहां के भाजपा के एक नेता भी नाराज बताए जाते थे। आदिल मिर्जा ने गोली चलाई और सरेआम मीडिया के सामने यूट्यूब चैनल की फ्रेम में आकर गला फाड़ फाड़ कर निर्दोष होने का पैगाम जनता नेता और पुलिस को दिया। वह पुलिस को चकमा देना चाहता था। पुलिस के पास ठोस सबूत थे। जब उसे पुलिस सांगोद मुखबिर की सूचना पर पकड़ने गई। तो देखिएगा उसके हौसले कि उसने पुलिस पर गोली चला दी। परमात्मा की मेहरबानी रही। और उन पुलिस कर्मियों की पत्नी और बच्चों की दुआ रही। कोई पुलिसकर्मी हताहत नहीं हुआ। फिर क्या था। आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल ने ग्रामीण पुलिस कप्तान को आड़े हाथों लिया। और कई पुलिस की कंपनियां सांगोद और उसके आसपास उस हिस्ट्री सीटर साहिल मिर्जा को किसी आतंकवादी की तरह चपे चपे पर पुलिस का जाल। बिछाकर मुखविर की सूचना पर उस समाज कंटक आदिल को एनकाउंटर करने का मानस बना लिया था। जिसके आतंक से आए दिन कोटा शहर आसपास के इलाकों में और गरीब सांगोद के लोगों की जमीन और उन्हें परेशान करने को लेकर वह भी परेशान थे।लेकिन ऊपर से दबाव होने के कारण। आदिल के पैर में और हाथ में गोली मार कर उससे हथियार बरामद किए। आदिल के बारे में हमें सांगोद से बहुत गंभीर खबरें भेजी जा रही है। इसका टेलीफोन डीजीपी साहब। स्वयं मंगा कर उसकी कॉल डिटेल निकलवाए तो कई पुलिस के जवान और कई नेता नंगे हो जाएंगे। क्योंकि उसका नेटवर्क बहुत जबरदस्त था। कई यूट्यूब चैनल के लोगों को और कई पत्रकारों से वह मधुर तालुका रखता था। इसलिए उसने स्टार न्यूज़ की
फ्रेम में आकर चीख कर मुझे झूठा फसाने का बयान दिया था। और उसके बाद। वह फरार होकर सांगोद फार्म हाउस पर सुरा और सुंदरी में डूबा हुआथा। पुलिस ने उसे उसी टाइम क्यों गोली नहीं मार कर घायल क्यो नहीं किया। यह भी प्रश्न वाचक चिन्ह पुलिस के परदे पर तेर रहा है। जनता के जेहन में भी है। वह दो दिन नहीं मिला यह भी प्रश्न वाचक चिन्ह जनता की अदालत में रहा। और राजस्थान पत्रिका ने इसे प्रमुख सुर्खियां में बनाया जब कहीं आदिल का आतंक का ड्रामा हाथ पैर में गोली लगने के साथ समाप्त हुआ। सूवे के मुख्यमंत्री भजनलाल डीजीपी राजीव शर्मा इन तस्करों इन मावली गुंडों। पर क्यों लगाम नहीं लग पा रही है। जहां एक और कल ही केन्द्रयगह मंत्री अमित शाह अपराधों में कमी का पहाड़ा राजस्थान सूवे की 800000 जनता को पढ़ाकर गए हैं। कोटा में पिछले वर्ष की चाकू रिवाल्वर की फायरिंग का रिकॉर्ड और नए वर्ष 2026 की एक सप्ताह का चाकू बाजी और फायरिंग का रिकॉर्ड शायद मुख्यमंत्री उन्हें परोस नहीं पाए। आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल पिछले 5 महीना से आए हैं उन्होंने अपराधों पर नियंत्रण किया है। लेकिन शहर और ग्रामीण पुलिस कप्तान चाकू वेचने वाले मौत के सौदागर रिवाल्वर बेचने वाले मौत के सौदागर और सबसे बड़ी चुनौती कारतूस इन बदमाशों को कौन सप्लाई करता है। उनको आज तक नहीं पकड़ पाए। आदिल मिर्जा कुलदीप धाकड़ बंटी जो थानों के हिस्ट्रीशीटर जिला वदर पास के मुलाजिम है। जो अभी तक लाखों रुपए की रिवाल्वरो की सप्लाई चाकूओं की सप्लाई कर चुके हैं इनको क्यों नहीं पकड़ पा रही है अपराध करते हैं जब ही पड़ती है सप्लाई करते हैं जब नहीं। कोटा शहर में प्रति माह एक करोड रुपए के गांजा चरस अफीम बिकती है। हाडोती कोटा बूंदी झालावाड़ में 20 करोड रुपए की मादक पदार्थ बिकते हैं। छुट भैया लोगों को तो पुलिस पकड़ लेती है। और रोजनामचे की खानापूर्ति कर लेती है। लेकिन बड़े बड़े मगर मगरमच्छ क्यों पुलिस पुलिस की ग्रफत से बाहर रहते हैं । मुख्यमंत्री जी कल आप दस्तक दे रहे हैं कोटा में।आदिल मिर्जा के मोबाइलों की कॉल डिटेल डीजीपी के माध्यम से किसी निष्पक्ष जयपुर के आला अफसर से करवाए तो। कई संगीन राज यह हिस्ट्रीशीटर साहिल उगलेगा जिसमें पुलिस और नेता बेनकाब होंगे।
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- स्वामी विवेकानंद जयंती पर एबीवीपी कॉलेज इकाई रावतभाटा द्बारा स्वामी विवेकानंद व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सात दिवसीय युवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। एबीवीपी अध्यक्ष अजय धाकड़ ने बताया की युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। युवा पखवाड़े के प्रथम दिन क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के युवाओं ने पूरे जोश, उत्साह एवं खेल भावना के साथ भाग लिया। खेल मैदान में अनुशासन, टीम वर्क तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। आयोजकों ने जानकारी दी कि पखवाड़े के अंतर्गत कल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ममता गुर्जर एवं पूर्व नगर मंत्री देव धाकड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे। ममता गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में आगे बढ़े, तो समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।1
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