logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।

21 hrs ago
user_VN News Bihar
VN News Bihar
Bihar Sharif, Nalanda•
21 hrs ago

यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।

  • user_Anil Paswan
    Anil Paswan
    बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार
    आपका चैनल का बहुत-बहुत धन्यवाद
    8 hrs ago
More news from बिहार and nearby areas
  • यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया। 31/8/2026 बिहारशरीफ नालन्दा। यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया। बिहारशरीफ:- सामाजिक न्याय मोर्चा के तत्वाधान में यूजीसी के समर्थन में जिलाधिकारी नालंदा के समक्ष प्रदर्शन किया गया। 10 सूत्री माॅगो से संबंधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी नालंदा को दिया गया। यूजीसी के समर्थन में अतिपिछड़ा दलित अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच,आम जनता पार्टी 'इंडिया', आर्मी बहुजन,कुत्ता जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त था। इस अवसर पर सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य चंद्रशेखर प्रसाद रामदेव चौधरी अनिल पासवान रंजीत कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि यूजीसी का गठन सर्वप्रथम 1945 में दिल्ली,बनारस,अलीगढ़ ये तीनों केंद्रीय विश्वविद्यालय को लेकर नींव रखा गया था या बनाया गया था। 1947 में इसकी विस्तार करते हुए सभी भारतीय विश्वविद्यालय को शामिल करने का निर्णय लिया गया अगस्त 1949 में विश्वविद्यालय अनुदान समिति की तर्ज पर यूजीसी के संगठन की सिफारिश की गई। यह सिफारिश 1948- 1949 के विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग द्वारा की गई थी भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा पर रिपोर्ट देने और सुधार एवं विस्तार के सुझाव के लिए की थी।1952 में सरकार निर्णय लिया कि इस विद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थानों को दिए जाने वाले सभी अनुदान यूजीसी द्वारा नियंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद 28 दिसंबर 1953 को शिक्षा प्राकृतिक संस्थान और वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद द्वारा इसका उद्घाटन किया गया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी 28 दिसंबर 1953 को अस्तित्व में आया और 1956 में संसद की एक अधिनियम द्वारा भारत सरकार का एक वैधानिक संगठन बन गया। इसका कार्य विश्वविद्यालय शिक्षा में शिक्षण प्रशिक्षा और अनुसंधान के मानकों को समन्वय निर्धारण और रख रखाव करना था नवंबर 1956 में भारतीय संसद द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 पर पारित होने पर यूजीसी एक वैधानिक निकाय बन गया। संविधान का आर्टिकल 14 कहता है कि इस देश में जाति,वर्ग,वर्ण,धर्म या संप्रदाय के किसी भी भेदभाव के खिलाफ है। यूजीसी 2026 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ स्वर्णां पर भी बराबर लागू होगा। जहां 2012 के नियमों में भेदभाव की बात की गई थी वही 2026 में लाए गए संशोधित नियमों में भेदभाव की परिभाषा में जाति आधारित भेदभाव को जोड़ा गया। माॅगें:- यूजीसीबी 2026 को लागू किया जाए। समान शिक्षा प्रणाली लागू किया जाए।कॉलेजियम प्रणाली को न्यायिक प्रतिक्रिया में समाप्त किया जाए। यूपीएससी एवं बीपीएससी के तर्ज पर परीक्षा के द्वारा जजों की बहाली किया जाए। उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को दूर किया जाए।एमएसपी पर कानून बनाया जाए। किसानों को मुक्त बिजली का प्रबंध किया जाए एवं उत्तम बीज खाद का प्रबंध किया जाए। बिहारशरीफ के सर्वे किए गए सभी फुटपाथ दुकानदारों को वेंडिंग जोन बनाकर दिया जाए। सरकार अतिक्रमण सुंदरता स्मार्ट सिटी के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों को हटाना बंद करें। यह प्रदर्शन श्रम कल्याण मैदान से निकलकर भैसासुर,अंबेर चौक होते सहणालय पहुंचा। प्रदर्शन में सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य अवधेश पंडित महेंद्र प्रसाद प्रोफेसर शिवकुमार यादव शाहनवाज सुबोध कुमार लालती देवी प्रेम कुमार सोनू पासवान नीतीश कुमार सुधीर कुमार विक्रम कुमार राजकुमार चंद्रवंशी स्वर्गीय मीरा देवी राजबल्लभ पासवान दिसंबर पासवान सुबोध कुमार आजाद करो मांझी अमित कुमार रूबी देवी कोसमी देवी जिरवा देवी मानो देवी शकुंती देवी रामचंद्र मांझी केशवर मांझी शंकर मांझी प्रेम पासवान बलेमू मांझी भूषण मांझी रंजू देवी आदि सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए। रामदेव चौधरी सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य अतिपिछड़ा दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
    1
    यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।

31/8/2026
बिहारशरीफ 
नालन्दा।
यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
बिहारशरीफ:- सामाजिक न्याय मोर्चा के तत्वाधान में यूजीसी के समर्थन में जिलाधिकारी नालंदा के समक्ष प्रदर्शन किया गया। 10 सूत्री माॅगो से संबंधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी नालंदा को दिया गया।
यूजीसी के समर्थन में अतिपिछड़ा दलित अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच,आम जनता पार्टी 'इंडिया', आर्मी बहुजन,कुत्ता जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त था।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य चंद्रशेखर प्रसाद रामदेव चौधरी  अनिल पासवान रंजीत कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि यूजीसी का गठन सर्वप्रथम 1945 में दिल्ली,बनारस,अलीगढ़ ये तीनों केंद्रीय विश्वविद्यालय को लेकर नींव रखा गया था या बनाया गया था। 1947 में इसकी विस्तार करते हुए सभी भारतीय विश्वविद्यालय को शामिल करने का निर्णय लिया गया अगस्त 1949 में विश्वविद्यालय अनुदान समिति की तर्ज पर यूजीसी के संगठन की सिफारिश की गई। यह सिफारिश 1948- 1949 के विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग द्वारा की गई थी भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा पर रिपोर्ट देने और सुधार एवं विस्तार के सुझाव के लिए की थी।1952 में सरकार निर्णय लिया कि इस विद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थानों को दिए जाने वाले सभी अनुदान यूजीसी द्वारा नियंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद 28 दिसंबर 1953 को शिक्षा प्राकृतिक संस्थान और वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्री मौलाना अब्दुल कलाम आजाद द्वारा इसका उद्घाटन किया गया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी 28 दिसंबर 1953 को अस्तित्व में आया और 1956 में संसद की एक अधिनियम द्वारा भारत सरकार का एक वैधानिक संगठन बन गया। इसका कार्य विश्वविद्यालय शिक्षा में शिक्षण प्रशिक्षा और अनुसंधान के मानकों को समन्वय निर्धारण और रख रखाव करना था नवंबर 1956 में भारतीय संसद द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 पर पारित होने पर यूजीसी एक वैधानिक निकाय बन गया।
संविधान का आर्टिकल 14 कहता है कि इस देश में जाति,वर्ग,वर्ण,धर्म या संप्रदाय के किसी भी भेदभाव के खिलाफ है। यूजीसी 2026 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ स्वर्णां पर भी बराबर लागू होगा। जहां 2012 के नियमों में भेदभाव की बात की गई थी वही 2026 में लाए गए संशोधित नियमों में भेदभाव की परिभाषा में जाति आधारित भेदभाव को जोड़ा गया।
माॅगें:- यूजीसीबी 2026 को लागू किया जाए। समान शिक्षा प्रणाली लागू किया जाए।कॉलेजियम  प्रणाली को न्यायिक प्रतिक्रिया में समाप्त किया जाए। यूपीएससी एवं बीपीएससी के तर्ज पर परीक्षा के द्वारा जजों की बहाली किया जाए। उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को दूर किया जाए।एमएसपी पर कानून बनाया जाए। किसानों को मुक्त बिजली का प्रबंध किया जाए एवं उत्तम बीज खाद का प्रबंध किया जाए। बिहारशरीफ के सर्वे किए गए सभी फुटपाथ दुकानदारों को वेंडिंग जोन बनाकर दिया जाए। सरकार अतिक्रमण सुंदरता स्मार्ट सिटी के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों को हटाना बंद करें। यह प्रदर्शन श्रम कल्याण मैदान से निकलकर भैसासुर,अंबेर चौक होते सहणालय पहुंचा।
प्रदर्शन में सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य अवधेश पंडित महेंद्र प्रसाद प्रोफेसर शिवकुमार यादव शाहनवाज सुबोध कुमार लालती देवी प्रेम कुमार सोनू पासवान नीतीश कुमार सुधीर कुमार विक्रम कुमार राजकुमार चंद्रवंशी स्वर्गीय मीरा देवी राजबल्लभ पासवान दिसंबर पासवान सुबोध कुमार आजाद करो मांझी अमित कुमार रूबी देवी कोसमी देवी जिरवा देवी मानो देवी शकुंती देवी रामचंद्र मांझी केशवर मांझी शंकर मांझी प्रेम पासवान बलेमू मांझी भूषण मांझी रंजू देवी आदि सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए।
रामदेव चौधरी 
सामाजिक न्याय मोर्चा के जिला कमेटी सदस्य
अतिपिछड़ा दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    9 hrs ago
  • यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
    1
    यूजीसी के समर्थन में नालंदा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    9 hrs ago
  • नेपाल में 60 घंटे मलबे में फंसी 6 साल की बच्ची! 😭🙏 | Rescue ने बचाई जान नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद एक 6 साल की बच्ची करीब 60 घंटे तक मलबे में फंसी रही। 😢🌊 रेस्क्यू टीम की कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 🙏❤️ सबसे बड़ी राहत की बात—बच्ची के माता-पिता भी सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। 🥹🙏 👏 रेस्क्यू टीम के जज़्बे को सलाम! ❤️ इस बच्ची के लिए एक ❤️ जरूर छोड़ें।
    1
    नेपाल में 60 घंटे मलबे में फंसी 6 साल की बच्ची! 😭🙏 | Rescue ने बचाई जान

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद एक 6 साल की बच्ची करीब 60 घंटे तक मलबे में फंसी रही। 😢🌊
रेस्क्यू टीम की कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 🙏❤️
सबसे बड़ी राहत की बात—बच्ची के माता-पिता भी सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। 🥹🙏
👏 रेस्क्यू टीम के जज़्बे को सलाम!
❤️ इस बच्ची के लिए एक ❤️ जरूर छोड़ें।
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    18 hrs ago
  • बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में कुत्तों का आतंक... कुत्तों का आपसी झगड़ा देख आसपास के लोग रह गए स.. .न ...जबकि गार्ड के द्वारा किया गया हस्तक्षेप... बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में कुत्तों का आतंक... कुत्तों का आपसी झगड़ा देख आसपास के लोग रह गए स.. .न ...जबकि गार्ड के द्वारा किया गया हस्तक्षेप...
    1
    बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में कुत्तों का आतंक... कुत्तों का आपसी झगड़ा देख आसपास के लोग रह गए स.. .न ...जबकि गार्ड के द्वारा किया गया हस्तक्षेप...
बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में कुत्तों का आतंक... कुत्तों का आपसी झगड़ा देख आसपास के लोग रह गए स.. .न ...जबकि गार्ड के द्वारा किया गया हस्तक्षेप...
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    19 hrs ago
  • सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे संजय वर्मा नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है। सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है। सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे संजय वर्मा नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है। सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है। सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है
    4
    सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी

पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे

संजय वर्मा

नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है।

सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है।

आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है।

सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है
सिंघौली गांव में किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे, किसानों में खुशी
पानी से भरे खेतों में पहुंचकर किसान करा रहे अपने-अपने प्लॉट का सर्वे
संजय वर्मा
नवादा। सोनसा पंचायत के सिंघौली गांव में इन दिनों किस्तवारी के माध्यम से भूमि सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे को लेकर किसानों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है। किसान अपने-अपने प्लॉट पर पहुंचकर बारी-बारी से अपनी जमीन का सर्वे करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय के बाद इस तरह का भूमि सर्वे हो रहा है, जिससे उन्हें अपनी जमीन की सही स्थिति और सीमांकन को चिन्हित कराने में काफी सुविधा मिल रही है।
सिंघौली गांव में सर्वे का कार्य खेतों के बीच पहुंचकर किया जा रहा है। बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है और धान की फसल भी लहलहा रही है। इसके बावजूद सर्वेयर और कर्मचारी किसानों के प्लॉट तक पहुंचकर जमीन की पैमाइश एवं सर्वे का कार्य कर रहे हैं। कई स्थानों पर सर्वेयर को पानी से भरे खेतों के बीच चलकर किसानों की जमीन का सर्वे करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि फसल और पानी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद सर्वे का कार्य किया जाना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है।
आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा कि भूमि सर्वे का कार्य किसानों के हित में काफी महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी जमीन की पहचान और सीमांकन स्पष्ट कराने में मदद मिलेगी। लंबे समय से किसान अपनी जमीन के सही रिकॉर्ड और सीमांकन को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
वहीं सर्वेयर आशीष कुमार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्वे का कार्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार सर्वेयर और संबंधित कर्मचारी खेतों तक पहुंचकर एक-एक प्लॉट की जानकारी जुटाने में लगे हैं तथा किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है।
सर्वे कार्य के दौरान गोविंद चौधरी, प्रयाग चौधरी, संजय प्रसाद, उमाशंकर प्रसाद, जोगेश्वर महतो, विनोद चौधरी,अखिलेश कुमार मनोज कुमार सुध्दू, कारू चौधरी, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों किसान अपने-अपने प्लॉट का सर्वे कराने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद उनकी जमीन का रिकॉर्ड और सीमांकन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
सिंघौली गांव में चल रहे सर्वे के दौरान किसानों की सक्रिय भागीदारी और पानी से भरे खेतों के बीच कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की तस्वीरें ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे का कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके हो रही है
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    4 hrs ago
  • आम जनता पार्टी इंडिया राष्ट्रीय सचिव बहुजन आर्मी राष्ट्रीय महासचिव सम्राट रंजीत चौधरी भंडाफोड़ किया यूजीसी एक्ट लागू करो कॉलेजियम सिस्टम खत्म करो BTएक्ट1949 काला कानून रद्द करो बन नेशन वन एजुकेशन लागू करो.9204860331.6205258126
    4
    आम जनता पार्टी इंडिया राष्ट्रीय सचिव बहुजन आर्मी राष्ट्रीय महासचिव सम्राट रंजीत चौधरी भंडाफोड़ किया 
यूजीसी एक्ट लागू करो कॉलेजियम सिस्टम खत्म करो BTएक्ट1949 काला कानून रद्द करो बन नेशन वन एजुकेशन लागू करो.9204860331.6205258126
    user_Ranjit Kumar Chaudhary
    Ranjit Kumar Chaudhary
    बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    10 hrs ago
  • 🚨 पुणे में PM नरेंद मोदी की तस्वीर हटाने पर विवाद! 🔥 अमित ठाकरे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचने के बाद प्रिंसिपल के ऑफिस में लगी PM नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने का वीडियो सामने आया है। 👀 वीडियो में अमित ठाकरे कथित तौर पर कार्यकर्ताओं से तस्वीर हटाने को कहते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर अब सियासी चर्चा तेज है। 🗣️ आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? 👇 #amitthackeray #rajthackeray #pmmodi #pune #maharashtra #politicalnews #indianews #breakingnews #viralnews #reelsinstagram
    1
    🚨 पुणे में PM नरेंद मोदी की तस्वीर हटाने पर विवाद! 🔥
अमित ठाकरे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचने के बाद प्रिंसिपल के ऑफिस में लगी PM नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने का वीडियो सामने आया है। 👀
वीडियो में अमित ठाकरे कथित तौर पर कार्यकर्ताओं से तस्वीर हटाने को कहते नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर अब सियासी चर्चा तेज है। 🗣️
आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? 👇
#amitthackeray #rajthackeray #pmmodi #pune #maharashtra #politicalnews #indianews #breakingnews #viralnews #reelsinstagram
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    22 hrs ago
  • पुलिस केंद्र शेखपुरा में हुआ परेड का आयोजन, जवानों की शारीरिक व मानसिक फिटनेस पर जोर शेखपुरा। पुलिस अधीक्षक शेखपुरा के निर्देशानुसार मंगलवार को पुलिस केंद्र शेखपुरा में पुलिसकर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परेड का आयोजन किया गया। परेड में पुलिसकर्मियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत हिस्सा लिया और शारीरिक अभ्यास किया। इस दौरान पुलिस जवानों को नियमित रूप से शारीरिक रूप से फिट रहने तथा मानसिक तनाव से दूर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। परेड के माध्यम से पुलिसकर्मियों में अनुशासन, टीम भावना, समयबद्धता और कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस विभाग के अनुसार, पुलिसकर्मियों का स्वस्थ एवं अनुशासित रहना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ड्यूटी के दौरान पुलिस जवानों को विभिन्न परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती का बेहतर होना आवश्यक है। परेड के दौरान जवानों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक गतिविधियों तथा परेड से संबंधित विभिन्न मानकों पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित इस परेड का उद्देश्य पुलिस बल को अधिक चुस्त-दुरुस्त, अनुशासित और कार्यकुशल बनाना है, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से कायम रखा जा सके।
    1
    पुलिस केंद्र शेखपुरा में हुआ परेड का आयोजन, जवानों की शारीरिक व मानसिक फिटनेस पर जोर
शेखपुरा। पुलिस अधीक्षक शेखपुरा के निर्देशानुसार मंगलवार को पुलिस केंद्र शेखपुरा में पुलिसकर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परेड का आयोजन किया गया। परेड में पुलिसकर्मियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत हिस्सा लिया और शारीरिक अभ्यास किया। इस दौरान पुलिस जवानों को नियमित रूप से शारीरिक रूप से फिट रहने तथा मानसिक तनाव से दूर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। परेड के माध्यम से पुलिसकर्मियों में अनुशासन, टीम भावना, समयबद्धता और कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस विभाग के अनुसार, पुलिसकर्मियों का स्वस्थ एवं अनुशासित रहना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ड्यूटी के दौरान पुलिस जवानों को विभिन्न परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती का बेहतर होना आवश्यक है।
परेड के दौरान जवानों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक गतिविधियों तथा परेड से संबंधित विभिन्न मानकों पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित इस परेड का उद्देश्य पुलिस बल को अधिक चुस्त-दुरुस्त, अनुशासित और कार्यकुशल बनाना है, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से कायम रखा जा सके।
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    3 hrs ago
  • फाँसी लगाकर युवक ने किया आत्म हत्या परिवार का रो रो कर बुरा हाल शेखपुरा - शहर के कमीशनरी बाजार में युवक के फाँसी लगा लेने की सुचना है मौके पर पुलिस मौजूद. मृतक का नाम अविनाश कुमार उर्फ़ श्याम पाण्डेय, पिता ललन पाण्डेय जो की तरक्षा गली में कपड़ा का दुकान का काम करता था.
    4
    फाँसी लगाकर युवक ने किया आत्म हत्या परिवार का रो रो कर बुरा हाल 
शेखपुरा - शहर के कमीशनरी बाजार में युवक के फाँसी लगा लेने की सुचना है मौके पर पुलिस मौजूद. मृतक का नाम अविनाश कुमार उर्फ़ श्याम पाण्डेय, पिता ललन पाण्डेय जो की तरक्षा गली में कपड़ा का दुकान का काम करता था.
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.