नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाईज यूनियन महिला विंग द्वारा महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित। "चूनर उड़ा के ध्वज बना गगन भी कंपकंपाएगा, अगर तेरी चूनर गिरी तो एक भूकंप आएगा, तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है"!! सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में आज आबूरोड नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाईज यूनियन महिला विंग द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष्य में एवं महिलाओं के सम्मान में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। महिला दिवस के उपलक्ष में महिला विंग महिला सशक्तिकरण एवं होली मिलन समारोह वर्षा बघेल एवं प्रीति विश्नोई द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ट्रॉमा सेंटर आबूरोड कि आई सर्जन चिकित्सक पूजा शाह ने अपने उद्बोधन मे ग्लूकोमा नामक बीमारी पर और उसके बचाव पर प्रकाश डाला। प्रीति विश्नोई ने नारी शक्ति पर पंक्तिया प्रस्तुत करते हुए कहा कि "शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी है। सतियों के नाम पे तुझे जलाया, मीरा के नाम पे जहर पिलाया, सीता जैसी अग्नि परीक्षा, आज भी जग में जारी है। कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है। प्रीति विश्नोई ने महिला सशक्तिकरण के विषय में अपने विचार रखते हुए कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं I प्रतिदिन महिलाएं खेल से लेकर व्यवसाय और शिक्षा से लेकर मनोरंजन की दुनिया में नए आयाम छू रही हैं। NWREU सदैव महिलाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य करता रहा है। NWREU अपने महिला विंग में महिलाओं की भागीदारी को निरंतर मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं एवं महिलाओं के सभी आवश्यक मांगो को सभी उपलब्ध पटल पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। वर्षा बघेल ने महिला साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि वो दिन चले गए जब महिला घर में रहकर चूल्हा बर्तन करती थी। आज कि नारी कंधे से कंधा मिलाकर अपने पुरुष सहकर्मियों के साथ कार्य कर रही है व देश के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। भारत की महामहिम द्रौपदी मुर्मू और भारतीय रेलवे की सीईओ जया वर्मा सिन्हा इस बदले भारत की तस्वीर हैं। बघेल ने अपनी कविता में नारी सशक्तिकरण पर जिक्र करते हुए कहा कि तुम अबला नहीं, रानी नहीं अप्सरा हो। इस कार्यक्रम के बाद नृत्य प्रतियोगिता आयोजित कि गई जिसमें विधि प्रथम, सौम्या द्वितीय, कोमल तृतीय स्थान पर, चेयर रेस में मनु प्रथम, सुनीता द्वितीय स्थान पर रही। बिंदी प्रतियोगिता में राजकुमारी प्रथम, नीतू द्वितीय, शोभा तृतीय स्थान पर रही। इसके बाद होली मिलन का कार्यकम भी रखा गया। महिला सशक्तिकरण पर महिलाओं ने नारा दिया कि नारी प्रीत में राधा बने, गृहस्थी से बने जानकी, काली बन शीश काटे, जब बात हो सम्मान की।
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाईज यूनियन महिला विंग द्वारा महिला दिवस पर कार्यक्रम आयोजित। "चूनर उड़ा के ध्वज बना गगन भी कंपकंपाएगा, अगर तेरी चूनर गिरी तो एक भूकंप आएगा, तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है"!! सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में आज आबूरोड नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाईज यूनियन महिला विंग द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष्य में एवं महिलाओं के सम्मान में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं महिला होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। महिला दिवस के उपलक्ष में महिला विंग महिला सशक्तिकरण एवं होली मिलन समारोह वर्षा बघेल एवं प्रीति विश्नोई द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ट्रॉमा
सेंटर आबूरोड कि आई सर्जन चिकित्सक पूजा शाह ने अपने उद्बोधन मे ग्लूकोमा नामक बीमारी पर और उसके बचाव पर प्रकाश डाला। प्रीति विश्नोई ने नारी शक्ति पर पंक्तिया प्रस्तुत करते हुए कहा कि "शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी है। सतियों के नाम पे तुझे जलाया, मीरा के नाम पे जहर पिलाया, सीता जैसी अग्नि परीक्षा, आज भी जग में जारी है। कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है। प्रीति विश्नोई ने महिला सशक्तिकरण के विषय में अपने विचार रखते हुए कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं I प्रतिदिन महिलाएं खेल से लेकर
व्यवसाय और शिक्षा से लेकर मनोरंजन की दुनिया में नए आयाम छू रही हैं। NWREU सदैव महिलाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य करता रहा है। NWREU अपने महिला विंग में महिलाओं की भागीदारी को निरंतर मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं एवं महिलाओं के सभी आवश्यक मांगो को सभी उपलब्ध पटल पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। वर्षा बघेल ने महिला साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि वो दिन चले गए जब महिला घर में रहकर चूल्हा बर्तन करती थी। आज कि नारी कंधे से कंधा मिलाकर अपने पुरुष सहकर्मियों के साथ कार्य कर रही है व देश के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। भारत की महामहिम
द्रौपदी मुर्मू और भारतीय रेलवे की सीईओ जया वर्मा सिन्हा इस बदले भारत की तस्वीर हैं। बघेल ने अपनी कविता में नारी सशक्तिकरण पर जिक्र करते हुए कहा कि तुम अबला नहीं, रानी नहीं अप्सरा हो। इस कार्यक्रम के बाद नृत्य प्रतियोगिता आयोजित कि गई जिसमें विधि प्रथम, सौम्या द्वितीय, कोमल तृतीय स्थान पर, चेयर रेस में मनु प्रथम, सुनीता द्वितीय स्थान पर रही। बिंदी प्रतियोगिता में राजकुमारी प्रथम, नीतू द्वितीय, शोभा तृतीय स्थान पर रही। इसके बाद होली मिलन का कार्यकम भी रखा गया। महिला सशक्तिकरण पर महिलाओं ने नारा दिया कि नारी प्रीत में राधा बने, गृहस्थी से बने जानकी, काली बन शीश काटे, जब बात हो सम्मान की।
- रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है। समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।1
- सरूपगंज थाना क्षेत्र के मांडवाड़ा खालसा में बीती रात को अज्ञात चोरों ने बंद पड़े तीन घरों के ताले तोड़ दिए। अलमारी के ताले तोड़कर सारा सामान बिखेर दिया। चोर कुछ नकदी व सामान चुराकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पुलिस की गश्त नही होने से चोरी की वारदातें हो रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढाने की मांग की है।1
- *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी* ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।1
- Post by Reporter Rajesh pahadiya1
- Post by देवीलाल गरासिया1
- राजनीति में शिक्षित युवाओं को मौका मिले, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए शिक्षा जरूरी – रविन्द्र सिंह भाटी1
- उदयपुर जिले के सायरा थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला थाना क्षेत्र के केला की सेरी निवासी सामताराम गमेती की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव 6 मार्च को पालीदाणा के पास सड़क किनारे मिला था।1
- मंडार पशु मेला तीसरे दिन भी चर्चाओं में - रेवदर के मंडार में आयोजित हो रहा जिला स्तरीय श्री लीलाधारी पशु मेला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। संयुक्त निदेशक के एपीओ आदेश के बाद पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को मेले में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और एपीओ आदेश को निरस्त करने की मांग की। दरअसल, मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया मंच पर स्वागत और प्रोटोकॉल को लेकर नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए थे। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर दिया गया, जिसके बाद विभागीय कार्मिकों में नाराजगी फैल गई। उप निदेशक डॉ. कामठे चांगदेव ने बताया कि ऐसा आरोप लगाया कि विधायक का मंच पर स्वागत नहीं किया गया, लेकिन मंच पर विधायक का पूरे तरीके से सम्मान किया गया था । उसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया, जिसके लिए मंच से माफी भी मांगी । उनको कहा भी कि पहली बार प्रोग्राम हुआ है हमें ऐसे आयोजन की ज्यादा जानकारी नहीं थी, उसके बावजूद भी संयुक्त निदेशक के साथ ऐसा हो रहा है तो यह गलत है । विभाग से मांग की गई है कि एपीओ का आदेश रद्द किया जाए । वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हबीबभाई राजपुरा ने कहा कि मंडार क्षेत्र के लिए पहला अवसर था, सभी क्षेत्रवासी खुश थे । एक नया अवसर होने के बावजूद भी हमने हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी, इसके बाद भी एक उम्दा और ऑनेस्ट अधिकारी को चालू मेले के अवसर पर एपीओ करने की दुर्घटना होती है तो नाराजगी के तौर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं । मांग यही है कि ऐसा आदेश निरस्त हो जाना चाहिए । इंसान से भूल हो जाती है, लेकिन इतनी बड़ी कमी हमसे नहीं हुई थी, जिसका यह परिणाम मिला है । विधायक को बड़ा दिल रखकर इस गलती को क्षमा करना चाहिए और आदेश को निरस्त करवाना चाहिए । विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जो परिस्थितियों पैदा हुई और जो इस तरीके का आदेश जारी हुआ है, इससे विभाग के सारे कार्मिक आघात से ग्रस्त हुए हैं, उनके उत्साह में भी कमी आई है ।1