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हाजीपुर राहत शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ से प्रभावी लोगो के साथ खाना खाया
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हाजीपुर राहत शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ से प्रभावी लोगो के साथ खाना खाया
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- बिक्रम विधानसभा के विधायक सिद्धार्थ सौरव ने नौबतपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित कई गांवों का किया बाटा तहत सामग्री नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट बिक्रम विधानसभा सी भाजपा विधायक सह विधानसभा निवेदन समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ सौरव ने बिक्रम विधानसभा के नौबतपुर प्रखंड के बाद प्रभावित लगभग एक दर्जन गांवों का दौरा किया और लोगो के बिच राहत सामग्री का वितरण किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 500 एकड़ में लगी धान कि फसल डूब गए। जिससे इनलोगों के सामने भुखमरी कि समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते है जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वही इस मौके पर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष शंकर शर्मा,उपाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा पूर्व मुखिया धर्मदेव सिंह समेत सभी संबंधितविभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।1
- हाजीपुर राहत शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ से प्रभावी लोगो के साथ खाना खाया1
- फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने को लेकर अंचल कार्यालय में हंगामा। स्टोरी:- पटना में बाढ़ से प्रभावित लोगों ने अंचलाधिकारी कार्यालय का किया घेराव, जमकर किया हंगामा ! ★ फतुहा को बाढ़ प्रभावित घोषित करने और मुवावजे की मांग की ! एंकर:- पटना में गंगा और पुनपुन नदी समेत कई सहायक नदियां उफान पर है जिसके कारण पटना के फतुहा इलाका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है। वही बाढ़ से ग्रसित लोगो को राहत सामग्री नही मिलने से उनका गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगो ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा करने लगे। जहाँ लोगो का कहना था कि फतुहा इलका सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित है उसके बावजूद भी लोगो को राहत सामग्री और मवेशियों को चारा प्रशासन द्वारा उपलब्ध नही कराया जा रहा है। वही आक्रोशित लोगों ने फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के साथ साथ मुवावजे की मांग की है। बाइट:- शैलेंद्र यादव, स्थानीय2
- पुनपुन नदी1
- 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, पुनपुन नदी ने दिखाया रौद्र रूप; रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी बाजार, थाना और खेत में घुसा बाढ़ का पानी, लक्ष्मण झूला मार्ग दोनों ओर से बंद; 10 बीघे से अधिक धान की फसल डूबी, किसानों की बढ़ी चिंता0-40 सेंटीमीटर और बढ़ा जलस्तर तो अप लाइन भी हो सकती है बंद; कई मेमू ट्रेनें रद्द, कई एक्सप्रेस ट्रेनों के बदले मार्ग पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी ने करीब 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार उफनती नदी का पानी पुनपुन बाजार, थाना परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं, 10 बीघे से अधिक में लगी धान की फसल पानी में डूब जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से खेतों में मेहनत कर तैयार की गई फसल के डूबने से उन्हें भारी नुकसान की आशंका है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पुनपुन के प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला मार्ग को दोनों ओर से पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रशासन के निर्देश के बाद इस रास्ते से आम लोगों और ग्रामीणों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए लोगों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।रेल पुल के गार्डर तक पहुंचा पानी, डाउन लाइन बंद पुनपुन घाट स्थित रेल पुल संख्या-21 पर भी बाढ़ का पानी डाउन लाइन के ट्रैक से होते हुए पुल के गार्डर तक पहुंच गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए PPN-PRBZ सेक्शन की डाउन लाइन को 4 सितंबर की रात 8:10 बजे से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। पुनपुन स्टेशन प्रबंधक संजय गोयल के अनुसार, ट्रैक पर पानी पहुंचने के बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसके बाद कुछ ट्रेनों को पुनपुन घाट से परसा बाजार के बीच अप लाइन से चलाया गया। इनमें 22350 वंदे भारत एक्सप्रेस, 12346 जनशताब्दी एक्सप्रेस और 63258 डाउन पैसेंजर समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे के अनुसार नदी के जलस्तर में 30 से 40 सेंटीमीटर की और वृद्धि होने पर सुरक्षा के मद्देनजर अप लाइन को भी बंद करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में पटना-गया रेलखंड पर रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। 1976 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा नदी का पानी बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार पुनपुन नदी का जलस्तर 53.28 मीटर दर्ज किया गया है। उनके अनुसार यह 1976 के बाद नदी में दर्ज किया गया सबसे ऊंचा जलस्तर है। नदी में लगातार उफान से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है और प्रभावित क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खेतों में घुसा पानी, किसानों की बढ़ी परेशानी नदी का पानी आसपास के खेतों में फैलने से धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। स्थानीय किसानों के अनुसार 10 बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूब चुकी है। लगातार पानी बढ़ने से खेतों में खड़ी फसल के पूरी तरह बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। सात सितंबर को कई मेमू ट्रेनें रद्द पुनपुन रेल पुल पर बढ़ते पानी और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए छह सितंबर को गया-पटना रेलखंड पर कई मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें 63242 गया-पटना, 63244 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63247 पटना-गया, 63248 गया-पटना, 63250 गया-पटना, 63251 पटना-गया, 63253, 63256 गया-पटना और 63274 मेमू शामिल हैं। ट्रेनों के रद्द होने से गया, पुनपुन और पटना के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग बदले पुनपुन रेल पुल पर पानी बढ़ने के कारण पांच सितंबर को चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया। रेलवे के अनुसार 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस और 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। वहीं, 15138 बनारस-राजगीर एक्सप्रेस को DDU-गया के बजाय DDU-बक्सर-आरा-पटना होकर चलाया गया। इसी तरह 15137 राजगीर-बनारस एक्सप्रेस को पटना-आरा-बक्सर-DDU मार्ग से चलाया गया। पटना-हटिया एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। नदी और रेल पुल पर प्रशासन की पैनी नजर रेल प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें पुनपुन नदी के जलस्तर तथा रेल पुल की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर परिस्थितियों के अनुसार ट्रेनों के परिचालन को लेकर अतिरिक्त निर्णय लिया जाएगा। पुनपुन नदी के इस उफान ने जनजीवन, आवागमन और खेती—तीनों को प्रभावित कर दिया है। एक ओर बाजार और रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचने से लोग चिंतित हैं, तो दूसरी ओर खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका है। अब लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी है कि पानी घटता है या बाढ़ की स्थिति और विकराल होती है।4
- बिदुपुर में गंगा की बाढ़ से 200 परिवार बेघर, सरकारी मदद का इंतजार।#BidupurNews #VaishaliNews #GangaFlood #BiharFlood #FloodRelief #FloodVictims #AvneetSingh #Karmopur #Bidupur #Vaishali #BiharNews #RepublicVaishali बिदुपुर में गंगा की बाढ़ से 200 परिवार बेघर, सरकारी मदद का इंतजार।#BidupurNews #VaishaliNews #GangaFlood #BiharFlood #FloodRelief #FloodVictims #AvneetSingh #Karmopur #Bidupur #Vaishali #BiharNews #RepublicVaishali1
- राहुल गांधी जी ने mpscमे,अपना समर्थन दिया छात्रों को आज न्याय की गुंज उठा है।1
- आरा बाढ़ में पूर्णिया संसद पप्पू यादव का गारी पानी में फंसा1