*ग्राम पंचायत मगुराडिला में स्वच्छ भारत मिशन बना “कागजी सफाई अभियान”! नाली जाम, मच्छर आबाद, पैसा ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान लेकर फरार!* अम्बेडकरनगर विकास खण्ड जलालपुर की ग्राम पंचायत मगुराडिला में स्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, मानो सफाई व्यवस्था नहीं बल्कि “गायब कला प्रतियोगिता” चल रही हो। अगर यह कह दिया जाए कि सिर्फ चुना, ब्लीचिंग और फागिंग कार्य के नाम पर लाखों रुपये की लूट मची है, तो शायद गलत नहीं होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीने बीत गए, लेकिन नालियों की सफाई न होने से हालत यह है कि नालियां चोक हो चुकी हैं। नापदान का पानी निकल नहीं पा रहा और मच्छरों ने पंचायत में स्थायी निवास बना लिया है। लगता है मच्छरों को भी सरकारी संरक्षण मिल गया है। सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत चुना, ब्लीचिंग, फागिंग और सफाई कार्य के नाम पर धन निकाला जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत पर तस्वीर बिल्कुल उल्टी दिखाई दे रही है। कागजों में सफाई चमचमा रही है, जबकि गांव में गंदगी मुस्कुरा रही है। ग्रामीणों में नाराजगी है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर यह रुपया ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान की जेब में जा रहा है या फिर रास्ते में ही “स्वच्छ” हो जा रहा है? विकास खण्ड के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ग्रामीणों की सुविधाएं धरातल पर दिखें, लेकिन यहां तो हाल यह है कि सब कुंभकरण की नींद में सोए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा पर पानी फेरने का काम खुद जिम्मेदार लोग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि मगुराडिला में नाली सफाई, फागिंग, चुना और ब्लीचिंग का काम धरातल पर दिखेगा, या फिर हमेशा की तरह सरकारी धन कागजों में ही बंदरबांट होकर उड़ता रहेगा?
*ग्राम पंचायत मगुराडिला में स्वच्छ भारत मिशन बना “कागजी सफाई अभियान”! नाली जाम, मच्छर आबाद, पैसा ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान लेकर फरार!* अम्बेडकरनगर विकास खण्ड जलालपुर की ग्राम पंचायत मगुराडिला में स्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, मानो सफाई व्यवस्था नहीं बल्कि “गायब कला प्रतियोगिता” चल रही हो। अगर यह कह दिया जाए कि सिर्फ चुना, ब्लीचिंग और फागिंग कार्य के नाम पर लाखों रुपये की लूट मची है, तो शायद गलत नहीं होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीने बीत गए, लेकिन नालियों की सफाई न होने से हालत यह है कि नालियां चोक हो चुकी हैं। नापदान का पानी निकल नहीं पा रहा और मच्छरों ने पंचायत में स्थायी निवास बना लिया है। लगता है मच्छरों को भी सरकारी संरक्षण मिल गया है। सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों में स्वास्थ्य सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत चुना, ब्लीचिंग, फागिंग और सफाई कार्य के नाम पर धन निकाला जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत पर तस्वीर बिल्कुल उल्टी दिखाई दे रही है। कागजों में सफाई चमचमा रही है, जबकि गांव में गंदगी मुस्कुरा रही है। ग्रामीणों में नाराजगी है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर यह रुपया ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान की जेब में जा रहा है या फिर रास्ते में ही “स्वच्छ” हो जा रहा है? विकास खण्ड के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ग्रामीणों की सुविधाएं धरातल पर दिखें, लेकिन यहां तो हाल यह है कि सब कुंभकरण की नींद में सोए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा पर पानी फेरने का काम खुद जिम्मेदार लोग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि मगुराडिला में नाली सफाई, फागिंग, चुना और ब्लीचिंग का काम धरातल पर दिखेगा, या फिर हमेशा की तरह सरकारी धन कागजों में ही बंदरबांट होकर उड़ता रहेगा?
- केवटला मठ विवाद में नया विस्फोट: “50 हजार रिश्वत” मांगने का आरोप, लेखपाल पर ग्रामीणों का हमला मठ की जमीन बेचने की साजिश या प्रशासनिक खेल? बाबा मनीष दास और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा केवटला मठ विवाद में नया विस्फोट: “50 हजार रिश्वत” मांगने का आरोप, लेखपाल पर ग्रामीणों का हमला मठ की जमीन बेचने की साजिश या प्रशासनिक खेल? बाबा मनीष दास और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा “गलत रिपोर्टों ने बढ़ाया विवाद” — केवटला मठ बचाने को आंदोलन की चेतावनी अम्बेडकरनगर। तहसील टांडा अन्तर्गत ग्राम सभा केवटला स्थित प्राचीन केवटला मठ का विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। धार्मिक आस्था, जमीन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनता1
- जौनपुर के शाहगंज में साजिद कॉस्मेटिक की गुप्ता गली मार्केट दुकान पर मेकअप और चूड़ियों पर खास छूट मिल रही है। ग्राहक अब रियायती दरों पर सौंदर्य उत्पाद खरीद सकते हैं। जल्द ही, यहाँ सारे सामान थोक दामों पर भी उपलब्ध होंगे।1
- तमिलनाडु में थलपति विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं, इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद हैं। आश्चर्यजनक रूप से, कांग्रेस ने अपने सहयोगी DMK का साथ छोड़कर 5 विधायकों के साथ विजय की पार्टी का हाथ थामा है। यह फैसला राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर है।1
- अंबेडकरनगर के अशरफपुर किछौछा में एसडीएम ने गेस्ट हाउस संचालकों के साथ बैठक कर नए नियम बताए। बिना रजिस्ट्रेशन वाले गेस्ट हाउसों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई, साथ ही अग्निशमन और सीसीटीवी जैसे सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं। छह से अधिक कमरों वाले मकान किराए पर देने वालों को भी अब गेस्ट हाउस के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला नीती-मलारी नेशनल हाईवे (NH-107B) भारी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। लाता और सालधार के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। भूस्खलन के चलते सीमांत नीती घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, यात्रियों और आवश्यक आपूर्ति पर असर पड़ा है। सीमा क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग का सामरिक महत्व भी काफी अहम माना जाता है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंचकर हाईवे से मलबा हटाने और मार्ग को जल्द बहाल करने में जुटी हुई है। लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला नीती-मलारी नेशनल हाईवे (NH-107B) भारी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। लाता और सालधार के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। भूस्खलन के चलते सीमांत नीती घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, यात्रियों और आवश्यक आपूर्ति पर असर पड़ा है। सीमा क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग का सामरिक महत्व भी काफी अहम माना जाता है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंचकर हाईवे से मलबा हटाने और मार्ग को जल्द बहाल करने में जुटी हुई है। लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के धम्मौर में दबंगों ने एक दलित विधवा की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर निर्माण शुरू कर दिया है। स्थगन आदेश के बावजूद पुलिस सुनवाई नहीं कर रही, जिससे परेशान महिला को जातिसूचक गालियाँ और जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं।1
- संत कबीर नगर के रमेश्वर प्रसाद मौर्य स्मारक इंटर कॉलेज ने माँ दिवस के अवसर पर सभी माताओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। कॉलेज ने इस खास दिन पर माताओं के अमूल्य योगदान को सराहा।1
- अंबेडकर नगर के अकबरपुर में बाबा मनीष दास ने एक रिपोर्ट सही करने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस आरोप से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है, जिन्होंने मठ की जमीन बचाने के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।1