राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत शनिवार, 31 मई को अलवर शहर के मीणापाड़ी जोहड़ पर नगर विकास न्यास (यूआईटी) और नगर निगम ने मिलकर एक सामूहिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने मिलकर जोहड़ क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता का संदेश दिया। अभियान के दौरान, जोहड़ परिसर में फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया। प्रतिभागियों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया, साथ ही जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वंदे गंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देना है, ताकि आमजन की सक्रिय सहभागिता से जल स्रोतों का संरक्षण हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इस अभियान के अंतर्गत, पूरे जिले में विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें श्रमदान, पौधारोपण, जल स्रोतों की सफाई, जन जागरूकता कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि जल संकट की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उनका मानना था कि केवल सामूहिक प्रयासों से ही जल स्रोतों का संरक्षण संभव है और यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित जल उपलब्ध रहे। इस अभियान के माध्यम से अलवर जिले में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक माहौल बन रहा है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत शनिवार, 31 मई को अलवर शहर के मीणापाड़ी जोहड़ पर नगर विकास न्यास (यूआईटी) और नगर निगम ने मिलकर एक सामूहिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने मिलकर जोहड़ क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता का संदेश दिया।
अभियान के दौरान, जोहड़ परिसर में फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया। प्रतिभागियों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया, साथ ही जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वंदे गंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देना है, ताकि आमजन की सक्रिय सहभागिता
से जल स्रोतों का संरक्षण हो सके और भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इस अभियान के अंतर्गत, पूरे जिले में विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें श्रमदान, पौधारोपण, जल स्रोतों की सफाई, जन जागरूकता कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि जल संकट की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को
अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उनका मानना था कि केवल सामूहिक प्रयासों से ही जल स्रोतों का संरक्षण संभव है और यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित जल उपलब्ध रहे। इस अभियान के माध्यम से अलवर जिले में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक माहौल बन रहा है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
- गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।1
- भिवाड़ी पुलिस ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था करके जल संरक्षण और जनसेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। जिला भिवाड़ी में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है। इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका लक्ष्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, पानी की बर्बादी रोकना और लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे जल संरक्षण की शपथ लेना, पौधारोपण करना और पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाना। इसमें जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें आमजन, विद्यार्थी और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही, जल बचाओ और पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं, और वर्षा जल संचयन के महत्व पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 'जल है तो कल है' के संदेश के साथ, जिला प्रशासन और पुलिस जिला भिवाड़ी ने लोगों से 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' से जुड़कर जल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।1
- सवाई माधोपुर के समीप कुशालीपुरा तिराहे पर गुर्जर समाज का शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी दौरान, विजय बैसला ने शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने का ऐलान किया, जिससे कुशालीपुरा में गहमा-गहमी बढ़ गई है। विजय बैसला के इस ऐलान के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई और वह अलर्ट मोड में आ गया। प्रदेश भर से भारी संख्या में गुर्जर नेता और युवा-बुजुर्ग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस भीड़ के कारण सवाई माधोपुर, खण्डार, फलौदी और मध्य प्रदेश के मार्गों पर कई घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में हालात सामान्य होने पर लोगों को राहत मिली। प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जिसके मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन हो सकता है।4
- नौगांव शेखपुरा में संत मेवात बाबा लाल दास का लक्की मेला आयोजित किया गया, जिसमें दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। इस मेले में सुबह से शाम तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। हालांकि, कुछ भक्तों को भंडारे में प्रसाद नहीं मिल पाया, जिससे वे उदास होकर वापस लौटे। यह मेला हर महीने पूर्णिमा के दिन आयोजित किया जाता है।3