टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बनेठा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने बनेठा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से शराब की ब्रांचेस संचालित कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी ने बताया कि बीते कल क्षेत्र में गश्त के दौरान बनेठा इलाके में चार अलग-अलग जगहों पर अवैध शराब की ब्रांचेस चल रही पाई गईं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इन ठिकानों से कुल 498 पव्वे (देशी व अंग्रेजी शराब) और 189 बीयर की बोतलें जब्त की हैं। साथ ही, अवैध शराब की बिक्री से कमाए गए ₹17,900 की नकद राशि भी बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत 4 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीओ आकांक्षा चौधरी ने सोप और नगर जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अवैध शराब की ब्रांचेस चलने के सवाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन ऐसी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में जहां कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधियां मिलेंगी, पुलिस वहां निश्चित तौर पर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करेगी। बनेठा पुलिस की इस तेज कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है, और मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।
टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बनेठा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने बनेठा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से शराब की ब्रांचेस संचालित कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी ने बताया कि बीते कल क्षेत्र में गश्त के दौरान बनेठा इलाके में चार अलग-अलग जगहों पर अवैध शराब की ब्रांचेस चल रही पाई गईं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इन ठिकानों से कुल 498 पव्वे (देशी व अंग्रेजी शराब) और 189 बीयर की बोतलें जब्त की हैं। साथ ही, अवैध शराब की बिक्री से कमाए गए ₹17,900 की नकद राशि भी बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत 4 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीओ आकांक्षा चौधरी ने सोप और नगर जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अवैध शराब की ब्रांचेस चलने के सवाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन ऐसी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में जहां कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधियां मिलेंगी, पुलिस वहां निश्चित तौर पर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करेगी। बनेठा पुलिस की इस तेज कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है, और मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।
- टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बनेठा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने बनेठा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से शराब की ब्रांचेस संचालित कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए उनियारा सीओ आकांक्षा चौधरी ने बताया कि बीते कल क्षेत्र में गश्त के दौरान बनेठा इलाके में चार अलग-अलग जगहों पर अवैध शराब की ब्रांचेस चल रही पाई गईं। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया और प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इन ठिकानों से कुल 498 पव्वे (देशी व अंग्रेजी शराब) और 189 बीयर की बोतलें जब्त की हैं। साथ ही, अवैध शराब की बिक्री से कमाए गए ₹17,900 की नकद राशि भी बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत 4 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीओ आकांक्षा चौधरी ने सोप और नगर जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अवैध शराब की ब्रांचेस चलने के सवाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन ऐसी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में जहां कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधियां मिलेंगी, पुलिस वहां निश्चित तौर पर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करेगी। बनेठा पुलिस की इस तेज कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है, और मामले में आगे की कानूनी जांच जारी है।1
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के तहत उनियारा के गलवा-ईसरदा क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, लेकिन खुदाई के दौरान सामने आ रही तकनीकी चुनौतियों ने इसकी गति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर मात्र 10 से 15 फीट की गहराई पर ही भूजल निकलने लगा है, जिससे निर्माण एजेंसी को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। परियोजना के अंतर्गत जेसीबी और पोकलेन जैसी आधुनिक मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई हो रही है। खुदाई आगे बढ़ने के साथ ही कई हिस्सों में अचानक पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे गड्ढों में पानी भर जाता है और मिट्टी का कटाव होने लगता है। इससे मशीनों का संचालन भी बाधित होता है और कई बार काम रोककर पानी निकालने की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिससे कार्य की गति धीमी पड़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए निर्माण एजेंसी लगातार पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कर रही है, साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर निगरानी कर रही है ताकि वैकल्पिक उपाय किए जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपेक्षा से कम गहराई पर भूजल मिलने के बावजूद, कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह ईआरसीपी परियोजना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद सिंचाई के साधनों का व्यापक विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है, और क्षेत्र में जल संकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।4
- चौथ का बरवाड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरसिंहपुरा में रविवार को प्रधानाध्यापक रामधन मीणा के सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में लगभग 20 वर्षों तक सेवाएँ देने के बाद सेवानिवृत्त हुए मीणा को ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रामधन मीणा ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय को एक वाटर कूलर भेंट किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने उनके शिक्षण कार्य, अनुशासन और विद्यालय के विकास में दिए गए योगदान की सराहना की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।1
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी इलाके में गुरुवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ कक्षा 11 के 17 वर्षीय छात्र सूर्य प्रताप चौहान की चाकू से कई बार वार कर हत्या कर दी गई। यह वारदात शर्मा डेयरी के पास हुई, जब सूर्य प्रताप का स्थानीय युवक असद से विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि बहस बढ़ने के बाद उस पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्य प्रताप को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी असद अभी फरार है, जबकि मामले में उसके पिता फरहान, आसिफ और नवाब को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शुरुआती जाँच में इसे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद से जुड़ा मामला बताया जा रहा है, जिसे अब हत्या के केस में बदल दिया गया है।1