सतना शहर में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस स्थान पर कुछ महीने पहले नाबालिगों द्वारा गोली चलाने की घटना से शहर सहम गया था, वहाँ अब दोबारा शराबियों और गांजा पीने वालों की महफिलें जमने लगी हैं। इसके साथ ही, हाल ही में हुए ढाबा लूट और मारपीट के मामले के अधिकांश आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे पीड़ित पक्ष समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप लगा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोलगवां थाना क्षेत्र में बढ़ैया मंदिर के पास नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत चबूतरे और विश्राम स्थल बनाए थे, ताकि लोग समय बिता सकें। हालांकि, इन स्थानों पर अब असामाजिक तत्वों का कब्जा हो गया है, जहाँ खुलेआम शराबखोरी, गांजा सेवन और संदिग्ध गतिविधियां होने लगी हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोग चेता रहे हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो फिर किसी बड़ी वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 28 जून 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में भी न्याय की आस अधूरी है। फरियादी पुष्पराज दहिया ने लोहरौरा प्रधान की मौजूदगी में शिकायत दर्ज कराई थी कि यश सिंह, कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू, अरविंद परिहार उर्फ छोटू, रिशु सिंह, आदित्य सिंह सहित करीब एक दर्जन लोगों ने उनके ढाबे पर शराब के लिए पैसे मांगे। मना करने पर ढाबा कर्मचारी से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, ढाबे में तोड़फोड़ की गई और करीब पाँच हजार रुपये नकद तथा एक टेक्नो मोबाइल फोन लूट लिया गया। पुलिस ने एक आरोपी कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और प्रेस नोट जारी कर अपनी पीठ थप-थपाई, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। फरियादी का यह भी आरोप है कि फरार आरोपियों के परिजनों ने उनके घर जाकर समझौते का दबाव बनाया और पैसे लेकर मामला वापस लेने को कहा। इंकार करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद, फरियादी ने ढाबा संचालक के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगाई है। यह स्थिति शहर में कानून के खौफ को कमजोर पड़ने का संकेत दे रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या फरार आरोपी इसी तरह खुलेआम घूमकर रंगदारी का संदेश देते रहेंगे, या पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का सख्त संदेश देगी? शहरवासियों की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
सतना शहर में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस स्थान पर कुछ महीने पहले नाबालिगों द्वारा गोली चलाने की घटना से शहर सहम गया था, वहाँ अब दोबारा शराबियों और गांजा पीने वालों की महफिलें जमने लगी हैं। इसके साथ ही, हाल ही में हुए ढाबा लूट और मारपीट के मामले के अधिकांश आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे पीड़ित पक्ष समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप लगा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोलगवां थाना क्षेत्र में बढ़ैया मंदिर के पास नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत चबूतरे और विश्राम स्थल बनाए थे, ताकि लोग समय बिता सकें। हालांकि, इन स्थानों पर अब असामाजिक तत्वों का कब्जा हो गया है, जहाँ खुलेआम शराबखोरी, गांजा सेवन और संदिग्ध गतिविधियां होने लगी हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोग चेता रहे हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो फिर किसी बड़ी वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 28 जून 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में भी न्याय की आस अधूरी है। फरियादी पुष्पराज दहिया ने लोहरौरा प्रधान की मौजूदगी में शिकायत दर्ज कराई थी कि यश सिंह, कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू, अरविंद परिहार उर्फ छोटू, रिशु सिंह, आदित्य सिंह सहित करीब एक दर्जन लोगों ने उनके ढाबे पर शराब के लिए पैसे मांगे। मना करने पर ढाबा कर्मचारी से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, ढाबे में तोड़फोड़ की गई और करीब पाँच हजार रुपये नकद तथा एक टेक्नो मोबाइल फोन लूट लिया गया। पुलिस ने एक आरोपी कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और प्रेस नोट जारी कर अपनी पीठ थप-थपाई, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। फरियादी का यह भी आरोप है कि फरार आरोपियों के परिजनों ने उनके घर जाकर समझौते का दबाव बनाया और पैसे लेकर मामला वापस लेने को कहा। इंकार करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद, फरियादी ने ढाबा संचालक के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगाई है। यह स्थिति शहर में कानून के खौफ को कमजोर पड़ने का संकेत दे रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या फरार आरोपी इसी तरह खुलेआम घूमकर रंगदारी का संदेश देते रहेंगे, या पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का सख्त संदेश देगी? शहरवासियों की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
- पहलगाम से अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा कड़ी और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की गई है।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।1
- एक श्रद्धालु ने प्रातःकालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन किए, जहाँ 'ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥' श्लोक के साथ देवी का आह्वान किया गया। भक्त ने भावपूर्ण तरीके से अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, यह कहते हुए कि माँ शारदा मैया की कृपा से ही उनके सभी कार्य संपन्न हो रहे हैं और उनका नाम हो रहा है। इस भक्तिमय अवसर पर, 'जय माँ शारदा भवानी', 'जय माई की' और 'जय हो माई शारदा की' जैसे जयघोषों के साथ माँ शारदा मैया का गुणगान किया गया।2
- मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शनिवार को मैहर का संक्षिप्त दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मां शारदा देवी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दर्शन-पूजन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। पूजा-अर्चना के बाद उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए।2
- उत्तर प्रदेश के आगरा में इंदौर की सोनम और पुणे की सिया जैसे एक खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपी पत्नी रूबी ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या कर दी और उनके शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया। शव को दफनाने के बाद, रूबी ने ऊपर से टाइल्स लगवा दीं ताकि किसी को शक न हो। हत्या के बाद, रूबी लगभग 45 दिनों तक अपने पति के लापता होने का नाटक करती रही। पुलिस वेरिफिकेशन और मृतक के भाई द्वारा संदेह व्यक्त किए जाने के बाद यह मामला गहराया। जांच के दौरान हुई खुदाई में कंकाल बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।2
- मैहर सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ स्ट्रेचर उपलब्ध होने के बावजूद एक मरीज को जमीन पर लिटाकर इलाज के लिए इंतजार कराया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।1