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सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।
Shalini Yadav
सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।
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- सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।1
- ग्राम पंचायत अकौना में वित्तीय अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता को न्याय न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित एक शिकायत सबसे पहले 9 फरवरी 2026 को सी.ई.ओ. जनपद पंचायत के समक्ष की गई थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग से न्याय न मिलने के बाद, शिकायतकर्ता ने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38727527 दर्ज कराई। लेकिन, आज दिनांक तक इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि अंत में शिकायत का निराकरण यह कहकर कर दिया गया कि "जाँच जारी है, जिससे शिकायत नस्तीबध्द योग्य है।" यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायत अकौना की वित्तीय जांच कराने में सी.ई.ओ. का दम फूल रहा है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठता है कि अगर चार-चार महीने तक जांच शुरू ही नहीं होती, तो ऐसे जवाब का क्या अर्थ है। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ "जाँच जारी है" लिख देने से प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। यदि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान है, तो शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे और शिकायत का वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बन रही है।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क ने भोपाल, उज्जैन, रीवा, सतना और शहडोल से संबंधित खबरें प्रदान की हैं।1
- पहलगाम से अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा कड़ी और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की गई है।1
- कल तक सड़क उखाड़कर बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए थे, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में थी। हालांकि, जैसे ही इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठे, संबंधित जिम्मेदार लोगों की नींद खुल गई।1
- रीवा में एक रिटायर्ड फौजी ने कलेक्टर से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने अधिकारियों से हस्तक्षेप कर इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में इंदौर की सोनम और पुणे की सिया जैसे एक खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपी पत्नी रूबी ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या कर दी और उनके शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया। शव को दफनाने के बाद, रूबी ने ऊपर से टाइल्स लगवा दीं ताकि किसी को शक न हो। हत्या के बाद, रूबी लगभग 45 दिनों तक अपने पति के लापता होने का नाटक करती रही। पुलिस वेरिफिकेशन और मृतक के भाई द्वारा संदेह व्यक्त किए जाने के बाद यह मामला गहराया। जांच के दौरान हुई खुदाई में कंकाल बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।2
- मैहर सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ स्ट्रेचर उपलब्ध होने के बावजूद एक मरीज को जमीन पर लिटाकर इलाज के लिए इंतजार कराया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।1