ग्राम पंचायत अकौना में वित्तीय अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता को न्याय न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित एक शिकायत सबसे पहले 9 फरवरी 2026 को सी.ई.ओ. जनपद पंचायत के समक्ष की गई थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग से न्याय न मिलने के बाद, शिकायतकर्ता ने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38727527 दर्ज कराई। लेकिन, आज दिनांक तक इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि अंत में शिकायत का निराकरण यह कहकर कर दिया गया कि "जाँच जारी है, जिससे शिकायत नस्तीबध्द योग्य है।" यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायत अकौना की वित्तीय जांच कराने में सी.ई.ओ. का दम फूल रहा है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठता है कि अगर चार-चार महीने तक जांच शुरू ही नहीं होती, तो ऐसे जवाब का क्या अर्थ है। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ "जाँच जारी है" लिख देने से प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। यदि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान है, तो शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे और शिकायत का वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बन रही है।
ग्राम पंचायत अकौना में वित्तीय अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता को न्याय न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित एक शिकायत सबसे पहले 9 फरवरी 2026 को सी.ई.ओ. जनपद पंचायत के समक्ष की गई थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग से न्याय न मिलने के बाद, शिकायतकर्ता ने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38727527 दर्ज कराई। लेकिन, आज दिनांक तक इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि अंत में शिकायत का निराकरण यह कहकर कर दिया गया कि "जाँच जारी है, जिससे शिकायत नस्तीबध्द योग्य है।" यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायत अकौना की वित्तीय जांच कराने में सी.ई.ओ. का दम फूल रहा है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठता है कि अगर चार-चार महीने तक जांच शुरू ही नहीं होती, तो ऐसे जवाब का क्या अर्थ है। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ "जाँच जारी है" लिख देने से प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। यदि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान है, तो शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे और शिकायत का वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बन रही है।
- सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।1
- ग्राम पंचायत अकौना में वित्तीय अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता को न्याय न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित एक शिकायत सबसे पहले 9 फरवरी 2026 को सी.ई.ओ. जनपद पंचायत के समक्ष की गई थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग से न्याय न मिलने के बाद, शिकायतकर्ता ने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38727527 दर्ज कराई। लेकिन, आज दिनांक तक इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि अंत में शिकायत का निराकरण यह कहकर कर दिया गया कि "जाँच जारी है, जिससे शिकायत नस्तीबध्द योग्य है।" यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायत अकौना की वित्तीय जांच कराने में सी.ई.ओ. का दम फूल रहा है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठता है कि अगर चार-चार महीने तक जांच शुरू ही नहीं होती, तो ऐसे जवाब का क्या अर्थ है। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ "जाँच जारी है" लिख देने से प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। यदि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान है, तो शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे और शिकायत का वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बन रही है।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क ने भोपाल, उज्जैन, रीवा, सतना और शहडोल से संबंधित खबरें प्रदान की हैं।1
- उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल शनिवार को एक संक्षिप्त प्रवास पर मैहर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ शारदा देवी के दर्शन किए। श्री शुक्ल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। दर्शन-पूजन के बाद, उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।2
- रीवा में एक रिटायर्ड फौजी ने कलेक्टर से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने अधिकारियों से हस्तक्षेप कर इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1
- रीवा संभाग से रिप्पू पाण्डेय ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के ओजस्वी माननीय मुख्यमंत्री महाराज श्री योगी आदित्यनाथ जी से भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य सिरमौर विधानसभा क्षेत्र, जिसका एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से सटा हुआ है, के विकास से संबंधित मुद्दों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा करना था। श्री पाण्डेय ने डभौरा के अंतर्गत आने वाले मानिकपुर से होते हुए मऊ गढ़ी-सिगमा-कंदैला-कोटा मार्ग (जो उत्तर प्रदेश की सीमा में है) के निर्माण हेतु गहन चर्चा की और इसकी अनुशंसा की, ताकि सड़क मार्ग से क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में स्थित लक्ष्मण बाग़ संस्थान (ट्रस्ट) के मंदिरों के संरक्षण और रखरखाव के लिए निवेदन किया। साथ ही, प्रयागराज के दारागंज स्थित रानी मंदिर को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने हेतु भी माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया।1
- पहली बारिश होते ही नगर निगम की सड़क मरम्मत में लापरवाही उजागर हो गई है, जिससे एक बड़ा हादसा हो गया। सड़क खोदकर उसे बिना सही पैच वर्क के छोड़े जाने के कारण, पानी से भरे एक छिपे गड्ढे में गिरकर एक बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल चालक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने नगर निगम के सुरक्षा संबंधी सभी दावों की पोल खोल दी है।1