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उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल शनिवार को एक संक्षिप्त प्रवास पर मैहर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ शारदा देवी के दर्शन किए। श्री शुक्ल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। दर्शन-पूजन के बाद, उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Shiv Singh rajput dahiya journ
उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल शनिवार को एक संक्षिप्त प्रवास पर मैहर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ शारदा देवी के दर्शन किए। श्री शुक्ल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। दर्शन-पूजन के बाद, उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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- उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल शनिवार को एक संक्षिप्त प्रवास पर मैहर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ शारदा देवी के दर्शन किए। श्री शुक्ल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। दर्शन-पूजन के बाद, उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।2
- सतना के कोलगवां में, तीन महीने का वेतन ₹45,000 न मिलने और मोबाइल छीनने से परेशान होकर ड्राइवर कमलेश सिंह ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। भोपाल की क्यूडी शाखा द्वारा सुसाइड नोट की पुष्टि किए जाने के बाद, कोलगवां पुलिस ने इस मामले में आरोपी कार मालिक प्रकाश पाण्डेय को बीएनएस की धारा 108 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।1
- मैहर जिले में RCCPL प्राइवेट लिमिटेड (एमपी बिरला कंपनी) के माइंस क्षेत्र स्थित कार्यालय के बाहर स्थानीय युवाओं ने बड़े पैमाने पर इकट्ठा होकर धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से 'सीताराम' कीर्तन कर अपनी मांगों को प्रशासन और कंपनी प्रबंधन तक पहुँचाने का प्रयास किया। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल, कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- मैहर जिले की ग्राम पंचायत तिघरा खुर्द स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय तक जाने वाला रास्ता आज भी बदहाल स्थिति में है। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे बच्चों के भविष्य से जुड़ा यह गंभीर मामला प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है। बारिश के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह कीचड़ और जलभराव से भर जाता है, जिसके कारण छोटे स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुँचना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर भी जाते हैं, जिससे उनके अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों को भी इसी रास्ते से आवागमन में रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है, कोई समाधान नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की यह उदासीनता समझ से परे है, खासकर जब बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का सवाल हो। यदि समय रहते इस मार्ग का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इसी को देखते हुए, ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके और वे शिक्षा के अधिकार से वंचित न हों। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी यदि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं करते, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और तिघरा खुर्द के स्कूली बच्चों को इस बदहाल रास्ते से आखिर कब राहत मिलती है।2
- मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर के जहला गांव में सीसी सड़क के ठीक बीच में खड़े एक बिजली के पोल को सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। यह कार्रवाई मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारियों को पोल हटाने के निर्देश जारी करने के बाद की गई। इस समस्या को लेकर प्रकाशित खबर सामने आने के बाद कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया था। कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए, संबंधित विभाग की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और सड़क के बीचोंबीच स्थित बिजली के पोल को हटाने की प्रक्रिया पूरी की। स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर गहरी राहत व्यक्त की है, क्योंकि सड़क निर्माण के बाद बीच में खड़ा यह पोल भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता था। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई उसकी तत्परता का एक प्रमुख उदाहरण मानी जा रही है। साथ ही, इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि जब जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाता है, तो प्रशासन उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने को आगे आता है। स्थानीय नागरिकों ने 'मध्यप्रदेश तक न्यूज़' की खबर पर त्वरित संज्ञान लेने और समस्या का समाधान करने के लिए जिला कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी का विशेष आभार प्रकट किया है।3
- मध्य प्रदेश सरकार की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के कथित अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण-पत्र को लेकर चल रहा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गया है। हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमले ने गांवों का रुख कर डुगडुगी (मुनादी) पिटवाकर आम जनता से इस मामले से संबंधित साक्ष्य मांगे हैं। राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के निर्देश पर सतना जिले की नागौद तहसील के ग्राम वसुधा में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यह मुनादी की गई, जिसमें ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि उनके पास मंत्री प्रतिमा बागरी की जाति या उनके परिवार से संबंधित कोई भी प्रासंगिक दस्तावेज या साक्ष्य हैं, तो वे उन्हें समिति के सामने प्रस्तुत करें। जानकारी के अनुसार, शनिवार को हरदुआ और मझोल गांवों में भी यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने 6 जुलाई को एक बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने सभी मूल दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने का नोटिस जारी किया गया है। नियमों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति का वैधानिक लाभ या प्रमाण-पत्र पाने के लिए यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित व्यक्ति का परिवार वर्ष 1950 की स्थिति के अनुसार उस क्षेत्र का मूल निवासी रहा हो, और छानबीन समिति मुख्य रूप से इसी बिंदु की जांच कर रही है। यह पूरा विवाद कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार द्वारा हाई कोर्ट में दायर की गई एक याचिका से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रतिमा बागरी ने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र बनवाकर रैगांव (सुरक्षित) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और मंत्री पद हासिल किया। याचिका में आरोप है कि संबंधित क्षेत्र में 'बागरी' समुदाय अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं है और उनका संबंध कथित तौर पर राजपूत या ठाकुर समुदाय से है। हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बाद से ही इस मामले में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं काफी तेज हो गई हैं, और अब राजनीतिक व कानूनी गलियारों की नजरें 6 जुलाई को होने वाली इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जो मंत्री प्रतिमा बागरी के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय कर सकती है।1
- सतना में एक मुखबिर की सूचना पर नागौद पुलिस ने नागौद क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार के चार पहिया बिलोरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- ग्राम पंचायत अकौना में वित्तीय अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता को न्याय न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित एक शिकायत सबसे पहले 9 फरवरी 2026 को सी.ई.ओ. जनपद पंचायत के समक्ष की गई थी। हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग से न्याय न मिलने के बाद, शिकायतकर्ता ने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 38727527 दर्ज कराई। लेकिन, आज दिनांक तक इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि अंत में शिकायत का निराकरण यह कहकर कर दिया गया कि "जाँच जारी है, जिससे शिकायत नस्तीबध्द योग्य है।" यह स्थिति तब है जब ग्राम पंचायत अकौना की वित्तीय जांच कराने में सी.ई.ओ. का दम फूल रहा है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठता है कि अगर चार-चार महीने तक जांच शुरू ही नहीं होती, तो ऐसे जवाब का क्या अर्थ है। नागरिकों का कहना है कि सिर्फ "जाँच जारी है" लिख देने से प्रशासन की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। यदि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान है, तो शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि वास्तविक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता की उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे और शिकायत का वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बन रही है।1
- मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खरमखेड़ा में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक कुएं में गिरी गाय को बचाने के प्रयास में एक ही बस्ती के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के अनुसार, एक गाय कुएं में गिर गई थी, जिसे बचाने के लिए तीनों लोग एक-एक कर कुएं में उतरे, लेकिन दुर्भाग्यवश तीनों की जान नहीं बच सकी और वे वहीं दम तोड़ दिए। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस कुएं में यह हादसा हुआ, उसमें संभवतः बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था या फिर जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसकी वजह से यह दुखद घटना घटी। हालांकि, प्रशासन के अनुसार, हादसे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें।1