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सतना में एक मुखबिर की सूचना पर नागौद पुलिस ने नागौद क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार के चार पहिया बिलोरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
रोहित कुमार पाठक
सतना में एक मुखबिर की सूचना पर नागौद पुलिस ने नागौद क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार के चार पहिया बिलोरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान को ₹480 करोड़ की लागत से बने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की सौगात देंगे। यह खूबसूरत एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसकी अनूठी वास्तुकला राजस्थान की भव्य राजे-रजवाड़ों वाली सांस्कृतिक विरासत तथा समृद्ध इतिहास की याद दिलाती है।1
- मैहर पुलिस ने कुख्यात शराब तस्कर आशीष चौरसिया की पत्नी कंचन चौरसिया को अन्य दो आरोपियों के साथ अवैध शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार आरोपियों, जिनमें कंचन चौरसिया के साथ गोलू सेंगर और सचिन पटेल शामिल हैं, के पास से 10 पेटी अवैध शराब भी जब्त की है। यह कार्रवाई मैहर पुलिस द्वारा आशीष चौरसिया की तलाश में की गई है, जो पिछले दो दिनों से फरार चल रहा है। आशीष चौरसिया मैहर के करियापानी क्षेत्र से अवैध शराब की तस्करी करते हुए मौके से भाग निकला था। पुलिस ने इस मामले में धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की है और आशीष पर पहले से ही दो मामले दर्ज हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह अवैध शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही, शराब कारोबारी विकास सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के माध्यम से पुलिस इस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आशीष चौरसिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे होंगे।1
- उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल शनिवार को संक्षिप्त प्रवास पर मैहर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माँ शारदा देवी के दर्शन किए। इस दौरान श्री शुक्ल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। दर्शन-पूजन के उपरांत, उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मैहर से कटनी के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर मैहर विधायक श्री कांत चतुर्वेदी, कई गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान क्षेत्र से आ रही एक शिकायत के अनुसार, एक घर खेत के बीच में बना होने के कारण चारों तरफ से उसका रास्ता बंद हो गया है। इस स्थिति से स्थानीय लोग अत्यधिक परेशान हैं, जो खुद को गरीब बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें रास्ता न होने से बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गुहार है कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है और उन्होंने अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया है कि कृपया उनके लिए रास्ते का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि रास्ता न होने के कारण वे समझ नहीं पा रहे कि ऐसी स्थिति में वे कहाँ जाएँ।1
- एक श्रद्धालु ने प्रातःकालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन किए, जहाँ 'ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥' श्लोक के साथ देवी का आह्वान किया गया। भक्त ने भावपूर्ण तरीके से अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, यह कहते हुए कि माँ शारदा मैया की कृपा से ही उनके सभी कार्य संपन्न हो रहे हैं और उनका नाम हो रहा है। इस भक्तिमय अवसर पर, 'जय माँ शारदा भवानी', 'जय माई की' और 'जय हो माई शारदा की' जैसे जयघोषों के साथ माँ शारदा मैया का गुणगान किया गया।2
- पहलगाम से अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा कड़ी और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की गई है।1
- धार्मिक नगरी चित्रकूट धाम में जमीन और प्लॉट की खरीद-फरोख्त को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बिना स्पष्ट रजिस्ट्रेशन, सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के और आवश्यक प्रशासनिक नियमों का पालन किए बिना ही प्लॉटिंग किए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। इन चर्चाओं के मुताबिक, कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में विभाजित कर बिक्री की जा रही है। हालाँकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि चित्रकूट की सीमाएं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में फैली हुई हैं, जिसके कारण भूमि संबंधी कानून, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और लैंड यूज़ परिवर्तन के नियम अलग-अलग प्रावधानों के तहत आते हैं। सूत्रों का दावा है कि कुछ लोग इसी जटिल व्यवस्था का लाभ उठाकर कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। यदि इन दावों में सच्चाई पाई जाती है, तो भविष्य में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को कानूनी विवादों, रजिस्ट्री में अड़चनों और निर्माण अनुमति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने दोनों राज्यों के संबंधित प्रशासनिक विभागों से मांग की है कि क्षेत्र में चल रही सभी प्लॉटिंग योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं भी अनियमितता मिले, तो सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1