मध्य प्रदेश के कटनी जिले में माधवनगर थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एएसके एग्रो दाल मिल में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को दहला दिया। आग के कारण परिसर में रखा कच्चा माल, तैयार दाल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस और नगर निगम की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक के बाद एक करीब 10 फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का अभियान लंबे समय तक चलता रहा। दमकल दल की प्राथमिकता आग को फैक्ट्री के बाकी हिस्सों और आसपास की संपत्तियों तक फैलने से रोकना थी, जिसके लिए वे लगातार पानी की बौछार कर रहे थे। यह भी बताया गया है कि फैक्ट्री का संचालन मनीष संगतानी द्वारा किया जाता है। हालांकि, आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी थी। फायर अधिकारी शैलेंद्र दुबे के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना कर दिया गया था, लेकिन आग काफी भयानक थी, जिसके कारण अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ा। प्रशासन अब फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलकर हुए कुल नुकसान का आकलन करेगा।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में माधवनगर थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एएसके एग्रो दाल मिल में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को दहला दिया। आग के कारण परिसर में रखा कच्चा माल, तैयार दाल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस और नगर निगम की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक के बाद एक करीब 10 फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का अभियान लंबे समय तक चलता रहा। दमकल दल की प्राथमिकता आग को फैक्ट्री के बाकी हिस्सों और आसपास की संपत्तियों तक फैलने से रोकना थी, जिसके लिए वे लगातार पानी की बौछार कर रहे थे। यह भी बताया गया है कि फैक्ट्री का संचालन मनीष संगतानी द्वारा किया जाता है। हालांकि, आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी थी। फायर अधिकारी शैलेंद्र दुबे के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना कर दिया गया था, लेकिन आग काफी भयानक थी, जिसके कारण अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ा। प्रशासन अब फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलकर हुए कुल नुकसान का आकलन करेगा।
- सरकारी भूमि के सीमांकन की मांग सामने आई है। यह मांग विशेष रूप से मुक्ति धाम और एक नाले से संबंधित शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए की गई है।1
- मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन एवं लॉजिस्टिक्स के अध्यक्ष संजय नगायच का उनके गृह जिले पन्ना में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें उनके गृह जिले में जोरदार अभिनंदन मिला।1
- पवई में झमाझम बारिश के कारण मोहल्लों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसकी मुख्य वजह नगर परिषद पवई द्वारा टीचिंग ग्राउंड से आ रही नाली को भर देना है। इस कारण टीचिंग ग्राउंड से आने वाला पानी सीधा मोहल्ले में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने नगर परिषद पवई के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से गुजारिश की है कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि मोहल्लों से पानी हटाया जा सके।2
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित सरला नगर में भाटिया शराब कंपनी द्वारा अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। रात 11 बजे के एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शराब बेचने वाले बिना किसी डर के अपना धंधा चला रहे हैं, जो चरम सीमा पर पहुँच चुका है। इन अवैध विक्रेताओं में पुलिस या आबकारी विभाग का जरा भी खौफ नहीं दिखाई देता। उनका स्पष्ट दावा है कि उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को 'मैनेज' करके रखा है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर यह अवैध पैकारी कर रहे हैं।1
- आज दिनांक 01 जुलाई 2026, दिन बुधवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के संध्याकालीन अद्भुत श्रृंगार के दर्शन हुए। माँ का यह श्रृंगार अत्यंत अदभुत था, जिसने भक्तों को माँ के दिव्य रूप का अनुभव कराया। जय हो माई की!2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में चंदिया क्षेत्र स्थित बरम बाबा के पास जंगली कुत्तों के एक झुंड ने एक हिरण पर हमला कर दिया। कुत्ते हिरण का शिकार करने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नज़र घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए हिरण को बचाने की कोशिश की और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया और वन अमले को मौके पर भेजा। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल हिरण का रेस्क्यू किया और उसे अपने कब्जे में लेकर चंदिया रेंज कार्यालय पहुंचाया, जहाँ उसका विधिवत उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हिरण की हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक वन्यजीव की जान बचा ली गई।2
- कटनी शहर में निजी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास, धमकी और सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का एक गंभीर मामला सामने आया है। जलपा देवी वार्ड निवासी रामसहाय कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत दी है, जिसमें नवाब खान, सन्नो खान सहित 20-25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने, परिवार को सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, मौजा मड़वारा स्थित खसरा क्रमांक 385/8, 385/9 और 385/14 की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता के नाम दर्ज है। रामसहाय कुशवाहा का आरोप है कि वे अपनी निजी भूमि पर वैधानिक निर्माण कार्य करा रहे हैं, लेकिन आरोपी लगातार निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं और रास्ता भी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है, और जमीन नहीं बेचने पर गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत में 29 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे की घटना का भी जिक्र है, जब नवाब खान, सन्नो खान और उनके साथ 20-25 लोग गाटर घाट करबला के पास पहुंचे। वहां कथित तौर पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की की गई और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा गया कि यदि जमीन नहीं छोड़ी गई तो उन्हें "इसी करबला में दफना दिया जाएगा"। रामसहाय कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया है कि पहले सरकारी भूमि पर करबला के नाम पर एक छोटा चबूतरा बनाया गया था, जिसे बाद में धीरे-धीरे बढ़ाकर कथित तौर पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया। अब उसी के बाद उनकी निजी भूमि पर भी कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा निजी भूमि एवं आवागमन मार्ग पर किए जा रहे कथित अवैध हस्तक्षेप को रोकने की मांग की है। यह समाचार पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी, और आरोपियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।1
- कटनी में लगातार बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि इन आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।1
- मैहर पुलिस ने ग्राम मुकुंदपुर जंगल स्थित मुर्जुआ नदी किनारे अवैध शराब निर्माण के लिए छिपाकर रखे गए लगभग 1050 किलोग्राम महुआ लाहन को नष्ट करने की बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मैहर डॉ. चंचल नागर और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना ताला पुलिस द्वारा की गई। थाना ताला पुलिस को 01 जुलाई 2026 को मुखबिर से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम मुकुंदपुर जंगल में नदी के किनारे अवैध शराब बनाने हेतु महुआ लाहन पत्थरों से बांधकर पानी के अंदर छिपाया गया है। इस सूचना की तस्दीक हेतु थाना प्रभारी के निर्देश पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नागेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई और मौके पर दबिश दी गई। तलाशी अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने नदी किनारे 70 अलग-अलग डिब्बों में छिपाकर रखा गया कुल 1050 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया, जिसे तत्काल मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस दौरान, इलाके के आस-पास रहने वाले लोगों को भविष्य में अवैध शराब का निर्माण और विक्रय न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई।1